कविता : सिद्ध गुरु माणिकनाथ नायक

कविता : सिद्ध गुरु माणिकनाथ नायक
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हरित वन क्षेत्र पावन,
गुरु माणिकनाथ नायक।
ग्राम कोटी मगरों पल्यूनी ,
गांव सुंदर शुचि साधक।

अमृत नीरा स्वच्छ सरिता,
सरसब्ज भूमि क्षेत्र माणिक।
नवोदय जवाहर निकेतन,
पौखाल शिक्षा भव्य लायक।

वन क्षेत्र पावन धाम सुंदर,
सिद्ध माणिक नाथ नायक।
बसंत वर्षा सीत जाड़ा,
ग्रीष्म ऋतु सरस सावन।

श्रीनगर-टिहरी सड़क सुंदर,
मार्ग मध्य सराय रुचिकर।
पर्वत गिरि गह्वर कानन,
समतल भूमि मगरौं आंगन।

सिद्ध साधक संत शाश्वत,
सद् गुरु माणिक नाथम्।
उतुंग पर्वत क्षेत्र पावन ,
गुफा माणिक नाथ नायक।

माणिक नाथ पर्वत पावन,
दिव्य दर्शन हरित आनन।
देवताओं की धरोहर,
सर्वथा सुलभ ज्ञान दायक।

सड़क खेती शैल सरिता,
बांज वृक्ष असंख्य काफल ।
सिद्ध माणिक गुफा,गह्वर,
शिखर पावन नाथ नायक।

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