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श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत निर्माणाधीन व स्वीकृत पेयजल योजनाओं का कार्य शीघ्र पूरा कर दिया जायेगा। इसके लिये जल संस्थान एवं पेयजल निगम के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिये गये हैं। बिडोली गाड पाबौं पम्पिंग योजना, एनआईटी सुमाड़ी पेयजल योजना, कण्डारस्यूं पम्पिंग योजना, हस्यूडी-भीड़ा-गंगाऊ पम्पिंग योजना, कैन्यूर-थलीसैंण पेयजल योजना एवं थलीसैंण, पाबौं व खिर्सू विकासखण्ड के अंतर्गत जल जीवन मिशन योजना के पूर्ण हो जाने से क्षेत्र के 150 से अधिक गांवों के 10 हजार लोग लभान्वित होंगे।

कैबिनेट मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने आज सचिवालय स्थित डीएमएमसी सभागार में श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन एवं स्वीकृत आधा दर्जन पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें जल संस्थान एवं पेयजल निमग के अधिकारी उपस्थित रहे। डॉ0 रावत ने बताया कि क्षेत्र में पेयजल संबंधी समस्याओं को शीघ्र दूर कर दिया जायेगा, इसके लिये क्षेत्र में विभिन्न पेयजल योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

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डॉ0 रावत ने बताया कि श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के लिये छह बड़ी पेयजल योजनाएं स्वीकृत की गई है, जिनका निर्माण कार्य पूरा हो जाने से पेयजल संकट समाप्त हो जायेगा। उन्होंने कहा कि बिडोली गाड पाबौं पम्पिंग पेयजल योजना, एनआईटी सुमाड़ी पम्पिंग योजना, हस्यूड़ी-भीड़ा-गंगाऊ पेयजल योजना को शीघ्र शुरू करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये हैं। इसके अलावा अधिकारियों को कण्डारस्यूं पम्पिंग योजना के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने को कहा गया।

बैठक में कैबिनेट मंत्री डॉ0 रावत ने थलीसैंण, पाबौं एवं खिर्सू विकासखण्ड के अंतर्गत संचालित जल जीवन मिशन की प्रगति आख्या भी अधिकारियों से तलब की। उन्होंने योजना से अच्छादित गांवों में शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कर लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने को कहा। डॉ0 रावत ने विभागीय अधिकारियों को योजना के तहत अधिक से अधिक गांवों को जोड़ने के निर्देश भी दिये ताकि प्रत्येक परिवार को पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि इन आधा दर्जन पेयजल योजनाओं के पूरे होने से क्षेत्र के 150 से अधिक गांवों के दस हजार लोग लाभान्वित होंगे, जिससे क्षेत्र में पेयजल समस्या से लोगों को छूटकार मिल सकेगा।

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बैठक में अपर सचिव पेयजल मेहरबान सिंह बिष्ट, संयुक्त सचिव सुनील सिंह, मुख्य महाप्रबंधक जल संस्थान नीलिमा गर्ग, मुख्य अभियंता पेयजल निगम के.के. रस्तोगी, मुख्य अभियंता स्वजल बी.के. पाण्डे, अधीक्षण अभियंता पौड़ी प्रवीन सैनी, सहायक अभियंता अजय कुमार गुरूंग सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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