उत्तराखंड में लागू हुई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया बालवाटिका का शुभारम्भ

उत्तराखंड में लागू हुई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया बालवाटिका का शुभारम्भ
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4457 आंगनवाड़ी केन्दों में संचालित होंगी बलवाटिका कक्षाएं, शिक्षा मंत्री बोले एक वर्ष में ऑनलाइन होगा विभाग, शीघ्र बनेगा विद्या समीक्षा केन्द्र

बीएलओ कार्य से मुक्त होंगे शिक्षक, शिक्षा पर रहेगा पूरा फोकस

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने निदेशालय माध्यमिक शिक्षा, ननूरखेड़ा में ‘बाल वाटिका कक्षा’ का शुभारम्भ, प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय भवन का लोकार्पण एवं एस.सी.ई.आर.टी भवन का शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने बच्चों में उद्यमिता के विकास के लिए कौशलम पुस्तक एवं कैरियर कार्ड का विमोचन किया एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पर आधारित पुस्तक ‘[email protected] Dreams Meet’ दी। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत बाल वाटिका का शुभारम्भ करने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य बन गया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एक नया क्रान्तिकारी परिवर्तन है। यह शिक्षा नीति नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेगी। यह शिक्षा भारतीय सनातन ज्ञान और विचार की समृद्ध परंपरा के आलोक में तैयार की गई है, जो प्रत्येक व्यक्ति में निहित रचनात्मक क्षमताओं के विकास पर विशेष जोर देती है। छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सबसे पहले संस्कार माता-पिता से मिलते हैं, उसके बाद उनके व्यक्तित्व निर्माण में पूरी भूमिका शिक्षकों की होती है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग से 2025 तक शिक्षा के क्षेत्र में कुछ ऐसे कार्य करने की अपेक्षा की है जो देश में एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत हों। इस अवसर पर उन्होंने इस क्षेत्र के जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति ठीक नहीं है, उनकी मरम्मत करवाए जाने की घोषणा की। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, महानिदेशक शिक्षा श्री वंशीधर तिवारी, अपर सचिव शिक्षा श्रीमती दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. आर. के. कुंवर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत के अथक प्रयासों का नतीजा है उत्तराखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की शुरुआत 

देहरादून। सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत के अथक प्रयासों का नतीजा है कि आज उत्तराखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू कर दी गई है। शिक्षा निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बालवाटिका का उद्घाटन कर इसका विधिवत शुभारम्भ किया। इसी के साथ ही एनईपी लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कौशलम पुस्तक का विमोचन, प्राथमिक शिक्षा निदेशालय भवन का लोकार्पण एवं एससीईआरटी भवन का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री धामी ने नई शिक्षा नीति के लागू करने व बालवाटिका का विधिवत संचालन किये जाने पर प्रधानमंत्री एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का आभार जताया। उन्होंने इस उपलब्धि के लिये शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत सहित शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई प्रेषित की।

मुख्यमंत्री ने कौशलम पुस्तक का विमोचन, प्राथमिक शिक्षा निदेशालय भवन का लोकार्पण एवं एससीईआरटी भवन का शिलान्यास किया

शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने बताया कि सूबे में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को विधिवत लागू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज शिक्षा महानिदेशालय में आयोजित कार्यक्रम में बालवाटिका का उद्घाटन कर इसका शुभारम्भ कर दिया है। इसी के साथ उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू कर दी है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्राथमिक शिक्षा निदेशालय भवन का लोकार्पण एवं एससीईआरटी भवन का शिलान्यास किया। डॉ0 रावत ने इसके लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार के सौ दिन के कार्यकाल में यह राज्य के लिये बड़ी उपलब्धि है। डॉ0 रावत ने बताया कि प्रथम चरण में बालवाटिका कक्षाएं प्राथमिक विद्यालयों में स्थित 4457 आंगनबाड़ी केन्द्रों में 5-6 आयु वर्ग के बच्चों के लिये शुरू की जा रही है। जिनका संचालन महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जायेगा। बालवाटिका कक्षाओं के संचालित किये जाने हेतु आवश्यक अकादमिक अनुसमर्थन विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा प्रदान किया जायेगा। इन बालाटिकाओं में बच्चों के शारीरिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक एवं पर्यावरण, भाषाइ, सृजनात्मक, भावनात्मक/संवेगात्मक विकास खेल गतिविधियों द्वारा किया जायेगा। बालवाटिकाओं में बच्चों को सीखने एवं अनुभव प्राप्त करने के पर्याप्त अवसर प्रदान किये जायेंगे। बालवाटिकाओं के सफल संचालन हेतु एनसीईआर के निर्देशों के क्रम में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा शिक्षक हस्तपुस्तिका एवं अभ्यास पुस्तिका स्वास्थ्य, संवाद एवं सृजन तैयार की गई है।

डॉ0 रावत ने दावा किया कि सरकार द्वारा संचालित बालवाटिका कक्षाएं निजी स्कूलों द्वारा संचालित कक्षाओं से कहीं अधिक बेहत्तर होंगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुये डॉ0 रावत ने कहा कि एक वर्ष के भीतर शिक्षा विभाग को शतप्रतिशत ऑनलाइन कर दिया जाएगा और राज्य में विद्या समीक्षा केंद्र खोल दिया जायेगा। शिक्षकों की सारी परेशानियों को दूर कर दिया जाएगा और उन्हें बीएलओ कार्य से भी मुक्त कर दिये जायेंगे। ताकि शिक्षक पठन-पाठन पर पूरा फोकस कर सकें। विभागीय मंत्री ने बताया कि विभिन्न कक्षाओं में फेल होने वाले बच्चों का आंकलन कर सम्बंधित विषय में अगले साल से एक्स्ट्रा क्लास दी जाएगी। इसके अलावा बोर्ड परीक्षाओं में फेल छात्रों को अंक सुधार परीक्षा का मौका दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों के मुकाबले राज्य में 15 छात्रों पर एक शिक्षक तैनात है। प्रदेश में आठ हजार शिक्षकों के प्रमोशन कर दिये गये हैं जबकि विभिन्न विषयों के अंतर्गत सात हजार शिक्षकों की नियुक्ति दी गई है।

कार्यक्रम में स्थानीय विधायक उमेश शर्मा काऊ, अपर सचिव शिक्षा दीप्ती सिंह, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक आर0के0कुंवर, निदेशक प्राथमिक शिक्षा वंदना गर्ब्याल, निदेशक एससीईआरटी सीमा जौनसारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून मुकुल सती सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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