मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना में प्रस्तावित योजनाओं का आधार पलायन रोकने में सक्षम योजनाएं ही हों: DM

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जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल इवा आशीष श्रीवास्तव के दिशा निर्देशन में आज वर्चुअल माध्यम से जिला योजना, बीस सूत्री कार्यक्रम एवं मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना वर्ष 2002-23 की कार्य योजना पर चर्चा की गई।

[su_highlight background=”#870e23″ color=”#f6f6f5″]सरहद का साक्षी, नई टिहरी [/su_highlight]

इस अवसर पर अवगत कराया गया कि मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना में शिक्षा विभाग, लघु सिंचाई, कृषि विभाग, बाल विकास विभाग, उद्यान आदि विभागो की योजनाएं प्रस्तावित हैं। पीडी डीआरडीए ने संबंधित विभागो को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना में प्रस्तावित योजनाओं का आधार पलायन रोकने में सक्षम योजनाएं ही हों। मुख्य शिक्षा अधिकारी ललित मोहन चमोला ने बताया कि योजना के तहत शिक्षा विभाग की  36 योजनाएं हैं जो कि स्मार्ट क्लास, भवन मरम्मत, चारदीवारी, किंचन आदि से संबंधित हैं।

अधि. अभि. लघु सिंचाई बृजेश भट्ट ने बताया कि लघु सिंचाई की 12 योजनाएं हैं, जिनमें 10 सोलर पम्प, पाइपलाइन से तथा 2 टैंक बनाने एवं खेतों तक पाइप लाइन से संबंधित हैं।  बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी केन्द्रो को मॉडल के रुप में स्थापित करने, कृषि विभाग की सिंचाई सुधार, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, टैंक निर्माण, ऑर्गेनिंग फार्मिंग आदि तथा उद्यान विभाग की घेरबाड़, सब्जी उत्पादन आदि से संबंधित हैं। जिला पर्यटन विकास अधिकारी एवं जिला सेवायोजन अधिकारी की आज ही प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।

जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार ने कहा कि सभी संबंधित विभाग योजनाओं को प्राथमिकता वाइज प्रस्ताव उपलब्ध करायें। कहा कि प्रस्तावित योजनाओं में सेम गांव सहित पलायन कर रहे अन्य गांवों को भी कवर करें। कहा कि प्रगति रिपोर्ट समस्त सूचनाएं संकलित करते हुए निधारित प्रारूपों में ही उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें ।

जिला योजना, बीस सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी निर्मल कुमार शाह द्वारा सभी विभागों के अधिकारियों से वित्तीय वर्ष 2021-22 में आंवटित बजट के सापेक्ष व्यय की गई धनराशि पर चर्चा की गई तथा रिपोर्ट उपलब्ध करने को कहा गया। इस अवसर पर सभी जिला स्तरीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।