वनाग्नि: प्राकृतिक धरोहर और वन्य जीव बचाने को ग्रामीणों ने बढाये कदम

प्राकृतिक धरोहर और वन्य जीव बचाने को ग्रामीणों ने बढाये कदम
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नरेन्द्रनगर प्रखंड की क्वीली पट्टी के मैधार गांव के निकट जंगल में आग लगने की सूचना मिलते ही जहां बन विभाग की टीम मौके पर पहुंची वहीं दूसरी ओर मैधार गांव के जागरूक लोग व बजरंगी स्वाभिमान सेवा समिति के सभी सदस्यों ने जंगल व वन्य जीवों को बचाने के लिए कड़ी मशक्कत की।

सरहद का साक्षी, [email protected] गजा

बजरंगी स्वाभिमान सेवा समिति के संस्थापक जगत सिंह असवाल तथा जोत सिंह असवाल सहित कमल गुसाईं, दीपक गुसाईं, सरिता, ज्ञान सिंह रावत, संग्राम सिंह रावत, साहब सिंह , जोत सिंह रावत, प्रताप सिंह, प्रेमसिंह सजवाण ने बन विभाग की टीम के साथ मिलकर आग पर काबू पाने के लिए प्रयास करते रहे। काफी देर तक आंख बुझाने की मशक्कत करके आग पर काबू पाने में कामयाब रहे तथा सैकड़ों हेक्टेयर जंगल को बचाया गया। बजरंगी स्वाभिमान सेवा समिति के संस्थापक जगत सिंह असवाल ने कहा कि अगर आग को बुझाने में देर होती तो मैधार गांव व चोपडयों के मकानों तथा जंगल व वन्य जीवों को नहीं बचाया जा सकता था तथा भारी हानि होती।

उन्होंने कहा कि जन सहयोग से ही प्राकृतिक धरोहर और वन्य जीवों को बचाने का प्रयास किया जा सकता है। कुछ असामाजिक तत्वों के कारण प्रतिवर्ष लाखों हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो जाते हैं जिससे हमारे पर्यावरण को क्षति होती है। जंगलों को आग से बचाने के लिए ठोस व कठोर नीति बनाये जाने की जरूरत है ताकि हमारा जीवन सुरक्षित रहे। बन विभाग की टीम में मदन चमोली डिप्टी रेंजर, सतेन्द्र सिंह बन दरोगा, सुनील सिंह चौहान बन रक्षक, सुमन रावत फायर वाचर, वन श्रमिक शामिल रहे। ग्रामीणों ने बन विभाग की टीम को भी धन्यवाद दिया जिनका सहयोग मिलता रहा है।