विधान सभा चुनाव 2022: प्रतापनगर- पट्टी जुआ के रामगढ़ में कांग्रेस प्रत्याशी विक्रम सिंह नेगी ने रोड शो के जरिए किया प्रचार 

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प्रतापनगर विधानसभा के ब्लॉक यूनिट रामगढ़ के पट्टी जुआ में कांग्रेस प्रत्याशी विक्रम सिंह नेगी ने रोड शो के जरिए चुनाव प्रचार अभियान चलाया। जिसकी अध्यक्षता ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भरत सिंह बुटोला द्वारा की गई।

[su_highlight background=”#880e09″ color=”#ffffff”]सरहद का साक्षी, चम्बा [/su_highlight]

प्रचार कार्यक्रम में जनता का सैकड़ों की संख्या में जनसमूह विक्रम सिंह नेगी को समर्थन देने में मशगूल था जिससे निश्चित तौर पर जुआ पट्टी ने परिवर्तन का संकल्प लिया है।

ग्रामवासियों ने बीजेपी के विधायक पर क्षेत्र की घोर उपेक्षा का आरोप लगाया गया है। जिससे लोग आज खुद को छला हुआ और कुंठित महसूस कर रहे हैं। आज वही व्यक्ति बीजेपी का प्रत्याशी है जिसने जनता को दरकिनार करते हुए पांच साल राजभोग लिया है, ना कभी जनता के सुख दुख में साथ दिया और ना ही कोई विकास कार्य क्षेत्र में किया।

प्रचार कार्यक्रम में प्रदेश सचिव कुलदीप पंवार, प्रदेश प्रवक्ता युवा कांग्रेस नवनीत कुकरेती, ब्लॉक अध्यक्ष भरत सिंह बुटोला, महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विश्ला देवी, दिनेश कृशाली, अनिल राणा, नरेंद्र रावत, विजेंद्र सिंह रावत, नगर पंचायत चंबा अध्यक्ष सुमना रमोला, जिलाध्यक्ष आईटी कांग्रेस शक्ति जोशी, युवा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश राणा, अनु जाति कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मंगल सिंह, प्रधान एवं क्षेत्र पंच सदस्यगण, विभिन्न सामाजिक संगठन, भरत सिंह रावत, विक्रम राणा, प्रदेश सचिव मुर्तजा बेग, शहर अध्यक्ष नई टिहरी देवेंद्र नौटियाल, शहर अध्यक्ष चंबा राजेश्वर बडोनी, जिलाध्यक्ष पू सैनिक प्रकोष्ठ गब्बर सिंह नेगी, जिलाध्यक्ष एनएसयूआई हरिओम भट्ट, किशोर सिंह राणा आदि कई सम्मानित कांग्रेसी नेता और सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद रहे।

उनके समर्थक कह रहे हैं :-

देखो बेजान रास्ते भी, मंजिलों की हुंकार पर चल दिये।
यकीं कर खुदपर, मुस्कुराते मुश्किलों पर हरबार चल दिये।
पर्वतों नदियों व तूफानों को, कर दरकिनार चल दिये।
भर कर जेबों में ज़िंदगी, मेहनतों का साथ ले चल दिये।
आंखों में उम्मीद की रौशनी ले, फिर एकबार चल दिये।
सूरज की आग दिल में जला, थपेड़ों को चीरते चल दिये।
दिन रात एक कर, तारों को तोड़ने के इरादे ले चल दिये।
चांद पर परचम जीत का लहराने, आसमां के पार चल दिये।
देखो बेजान रास्ते फिर, मंजिलों की हुंकार पर चल दिये।