वर्षों से बंजर पड़ी भूमि को आवाद कर किया उद्यानीकरण

    वर्षों से बंजर पड़ी भूमि को आवाद कर किया उद्यानीकरण
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    रिपोर्टः अनुराग चौहान

    नकोट, टिहरी गढ़वाल। वर्तमान कोविड-19 के दौर में जहां सर्वाधिक प्रवासिंयों ने गांव लौटकर स्वरोजगार अपनाने की पहल कर रिवर्स पलायन करने की ठानी है वहीं गांव में निवासित कास्तकार भी अब अपनी बंजर भूमि को आवाद करने की सोच के तहत सरकार की मनरेगा योजना के अंतर्गत उद्यानीकरण की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

    वर्षों से बंजर पड़ी भूमि को आवाद कर किया उद्यानीकरण

    इसी के तहत ग्राम पंचायत छाती के अंतर्गत ग्राम छाती व कोठी के कास्तकारों ने कई वर्षों से बंजर पड़े अपने खेतों की सफाई कर उनमें उद्यानीकरण कार्य आरम्भ किया है।

    गांव के निकट कोठीखाला स्थित ग्राम छाती व कोठी के कास्तकारों की सैकड़ों नाली भूमि बंदर व सुअरों के आतंक के चलते वर्षों से बंजर पड़ी हुई थी, जिस पर स्थानीय कास्तकार मोहन सिंह धनोला, नरेन्द्र सिंह धनोला एवं धमेन्द्रसिंह धनोला, शूरवीरसिंह धनोला आदि ने मनरेगा के अंतर्गत अमरूद, नींबू, आम एवं चारा पत्ती आदि के पौधों का रोपण करके उद्यानीकरण किया है। इन बंजर पड़े खेतों पर उक्त कास्तकारों ने फलदार एवं चारा पत्ती के एक सौ से अधिक वृक्षों को रोपित किया है।

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    ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भगवान सिंह राणा ने बताया कि इस उद्यानीकरण कार्य को यहीं पर बिराम नहीं दिया जाएगा, बल्कि अन्य खाली पड़ी भूमि पर सर्दियों के मौसम में कीवी आदि के पौधों को रोपित कर उद्यानीकरण आगे बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में करीबन 10 नाली बंजर भूमि पर वृक्षों का रोपण करके उसे आवाद किया गया है।