उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री क्षेत्र में ग्रामीणों के लिए यूटीडीबी ने आयोजित किया नि:शुल्क फुट मसाज थेरेपी का प्रशिक्षण कैंप

उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री क्षेत्र में ग्रामीणों के लिए यूटीडीबी ने आयोजित किया निशुल्क फुट मसाज थेरेपी का प्रशिक्षण कैंप
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उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडबी) की ओर से उत्तरकाशी जिले के यमनोत्री क्षेत्र में ग्रामीणों के लिए निशुल्क फुट मसाज थेरेपी का प्रशिक्षण कैंप आयोजित किया गया है। 28 अप्रैल तक आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण ‌कैंप में ग्रामीणों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। सात दिवसीय प्रशिक्षण कैंप के दूसरे दिन पहुंची यूटीडीबी की अपर निदेशक श्रीमती पूनम चंद का ग्राम वाडिया की प्रधान शांति देवी ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।

प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए अपर निदेशक श्रीमती पूनम चंद ने कहा कि माननीय पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज जी के निर्देशन में चारधाम यात्रा और चयनित ट्रेकिंग ट्रैक्शन सेंटर के पास रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (यूटीडीबी) की ओर से समय-समय पर प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया जाता है। निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेषज्ञों की टीम थेरेपी की बारिकियाँ सिखा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि फुट मसाज थेरेपी हमारी प्राचीन चिकित्सा है। पैरों की थेरेपी करने से तनाव काफी कम हो जाता है। यह चिकित्सा ऊर्जा के प्रवाह को सुनिश्चित करता है और व्यक्ति को शांति और आराम मिलता है। यह थेरेपी सभ्य कला आपके पैरों, हाथों और कानों पर स्थित विशिष्ट प्रतिबिंब बिंदुओं पर मालिश पर केंद्रित है जो आपके शरीर के हर क्षेत्र से मेल खाती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम उत्तरकाशी के ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

माह मई से चारधाम यात्रा शुरु होने वाली है मार्गों में फुट मसाज थेरैपी के माध्यम से आने वाले श्रदालुओं को आराम मिलेगा साथ ही यहां ट्रेकिंग में आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगी।

इस निःशुल्क प्रशिक्षण से ग्रामवासियों के लिये रोजगार के अवसर होंगे। समय`-समय पर वि‌भाग की ओर से इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय उत्तराखंड द्वारा संचालित प्रशिक्षण कैंप में डॉ. नवीन जोशी, डॉ. दीपचन्द पाण्डेय, डॉ. नीलम सजवाण और डॉ. वत्सला बहुगुणा की ओर से यमुनोत्री क्षेत्र के मिसाणी, वाडिया, नारायणपुरी, खरसाली, बनास, पिंडली, मदेश, दूरबिल एवं राना गांवों के ग्रामीणों को फुट मसाज थेरेपी  का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।