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उत्तराखंड क्रांति दल महिला प्रकोष्ठ की एक टीम द्वारा केंद्रीय महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष प्रमिला रावत के नेतृत्व में जिलाधिकारी चमोली को ज्ञापन दिया गया एवं टीम के सहयोग से दल ने एक जबरदस्त प्रदर्शन जिला मुख्यालय चमोली गोपेश्वर किया गया।

सरहद का साक्षी, लोकेंद्र जोशी

महिला प्रकोष्ठ के प्रदर्शन कार्यक्रम में मुख्य रूप से दल के पूर्व अध्यक्ष संरक्षक त्रिवेंद्र सिंह पंवार की गरिमामय उपस्थिति रही।

श्री पवार ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई छेड़ने का एलान किया और कहा कि जल्दी ही देहरादून में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन में निवर्तमान केंद्रीय महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष प्रमिला रावत अध्यक्ष ने वर्तमान सरकार पर जबरदस्त हमला बोलते हुए कहा कि सरकार का अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है।

प्रमिला रावत ने कहा कि हेलंग की घटना सरकार के मुंह पर कालिख लगाती है। यह साफ है कि यहां के प्रशासनिक अधिकारी टीएचडीसी और हाइड्रो कंपनीयों की गोद में बैठे हुए हैं और वह पहाड़ों पर हमारे ग्रामीणों की अनदेखी कर मूल जल, जंगल, जमीन पर कब्जा कराने में कंपनियों की सहायक भूमिका निभा रहे हैं। वही हमारे कुछ ग्रामीण दूरगामी परिणाम को न देखते हुए छोटे-छोटे लालच के कारण अपने ही गांव की अस्मिता को दांव पर लगाने के लिए तैयार हैं जो एक दुर्भाग्यपूर्ण विषय है।

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जिलाध्यक्ष चमोली अरुण लाल शाह ने कहा उत्तराखंड क्रांति दल हमेशा ही इस पहाड़ को बचाने की लड़ाई लड़ता रहा है। हम लोग पूर्ण मजबूती से उत्तराखंड के जंगल, जमीन को बचाने के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे और इस कड़ी में सीधा-सीधा राष्ट्रीय पार्टियों निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय पार्टियां उत्तराखंड का जमकर दोहन कर रहे हैं। कांग्रेस एवं भाजपा ने कभी भी उत्तराखंड के मूल बिंदुओं को समाधान करने का प्रयास नहीं किया।

इस अवसर पर मौजूद श्री त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल की सरकार जब तक नहीं बनेगी उत्तराखंड के हालात जैसे 20 वर्षों में रहे हैं वैसे ही रहेंगे युवा और महिलाओं के लिए जो उद्देश्य राज्य बनाने का था वह आज अधूरा है। अभी भी पलायन निरंतर जारी है और हमारे गांव के जल जंगल जमीन पर बाहरी लोगों के कब्जे हो गए हैं कि उत्तराखंड के मूल निवासियों की पहचान खत्म हो गई है यदि हमने इसे नहीं बचाया तो आने वाले पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी इसलिए हमें उत्तराखंड की मूल हितों के लिए संघर्ष को तेज करना होगा।

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केंद्रीय महामंत्री रेखा मियां ने कहा यह घटना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि यहां के मूल उत्तराखंड यों के अधिकारों का हनन हो रहा है जिसके फलस्वरूप पलायन और तेजी से होता जाएगा l एक तरफ तो सरकार कह रही है कि पलायन रोकने के लिए पहाड़ों में योजनाएं चलाई जाए और दूसरी ओर यहां के मूल निवासियों के हकों पर डाका डाला जा रहा है।

उन्होंने इस घटना की कड़ी भर्त्सना करते हुए कहा उत्तराखंड क्रांति दल ने राज्य को बनाने के लिए 42 शहादत दी है इसलिए नहीं कि यहां के मूल निवासियों के अधिकारों का हनन हो अपितु इसलिए कि यहां के निवासियों को उनके अधिकार, मूलभूत सुविधाएं दी जाए किंतु वर्तमान सरकार पहाड़ के लोगों की जल, जंगल, जमीन बचाना तो दूर यहां के निवासियों के अधिकारों का भी हनन कर रही है।

इसी क्रम में आगे जिला संगठन मंत्री दीपक फर्स्वान ने कहा पहाड़ में महिलाओं का चारा पत्ती लेने के अधिकार का हनन नहीं किया जा सकता क्योंकि पहाड़ी महिलाएं उसका व्यवसायीकरण नहीं कर रही है। पहाड़ी लोगों को उनके जल जंगल जमीन से बेदखल किया जा रहा है यह एक सोची समझी साजिश है। उत्तराखंड क्रांति दल इसकी घोर निंदा प्रेषित किया गया।

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कार्यक्रम में जयप्रकाश उपाध्याय जिला अध्यक्ष अरुण लाल शाह, महिपाल पासरवान बलवंत सिंह रावत केंद्रपाल तोपवाल, भगत सिंह कुंवर अर्जुन सिंह रावत के ऐल शाह अब्बल सिंह भंडारी धर्मवीर सिंह गुसाईं, तरुणा देवी, शकुंतला रावत, दीपक फरस्वान, प्रदीप विजय, जमुना देवी, पूर्णा देवी, शशिकांत, कमल आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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