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टिहरी जनपद में भद्रीगाड रेंज के अंतर्गत जिला पंचायत सदस्य अमेन्द्र बिष्ट के नेतृत्व में वन महोत्सव मनाया गया। इस दौरान पत्थरखोल में ग्रमीणों के सहयोग से हजारों फलदार एवं छायादार वृक्षों का रोपण किया गया।

इस अवसर पर अमरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि वन महोत्सव 1 जुलाई से 7 जुलाई तक मनाया जाता है। पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने लिए हर वर्ष 1 जुलाई को वन महोत्सव मनाया जाता है। यह महोत्सव एक सप्ताह तक चलता है। इसी लिए इसे वन महोत्सव सप्ताह दिवस भी कहा जाता है। इस बात की जानकारी बहुत कम लोगों को होती है। कि पौधारोपण के लिए सही जलवायु और स्वस्थ मृदा की आवश्यकता होती है। इसीलिए सही पौधा और सही स्थान का चयन करना महत्वपूर्ण है। इस महोत्सव से पूरी धरती पर हरियाली आती है।

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उन्होंने कहा कि राज्य में 16 जुलाई से लोकपर्व हरेला मनाया जाता है। वन क्षेत्राधिकारी मेधावी कीर्ति ने बताया कि वन महोत्सव की शुरुआत साल 1950 में देश के कृषिमंत्री डा. कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी द्वारा की गई थी। वनमहोत्सव हर साल जुलाई महीने में प्रथम सप्ताह के दौरान मनाया जाता है। इस दिन देश के सभी विद्यालयों, विश्वविद्यालयों , सरकारी दफ्तरों, संगठनो और संस्था द्वारा पुरे देश में पौधे लगाने के कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। अपनी प्यारी धरती मां को समर्पित यह जुलाई का प्रथम सप्ताह हमें सीख देता है की जैसे नन्हे नन्हे पौधे कल बड़े वृक्ष बनते है वैसे ही हमारे छोटे छोटे कदम बड़े परिणाम लाते है।

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वन महोत्सव और हरेला महोत्सव के अंतर्गत भद्रीगाड़ रेंज में 5000 फलदार पौधो का वितरण गांवों,सरकारी दफ्तर, कॉलेज और स्कूलों में किया जाएगा।

इस मौके पर ऐंडी गांव से श्री सूपा जी, नरेश , सुंदर सिंह पंवार, सुरेश चंद, अनीशा पंवार, राजमोहन नौटियाल , सोबत सिंह इत्यादि मौजूद रहे।

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