टिहरी राजशाही के अंतिम सेनापति सरदार बहादुर कमांडेंट नत्थू सिंह सजवाण की मूर्ति का हुआ अनावरण

टिहरी राजशाही के अंतिम सेनापति सरदार बहादुर कमांडेंट नत्थू सिंह सजवाण की मूर्ति का हुआ अनावरण
play icon Listen to this article

गुल्डी गांव में हुआ भव्य कार्यक्रम

अनेक गणमान्य व्यक्ति हुए उपस्थित, कवि सोमवारी लाल सकलानी ने कविता के माध्यम से किया सलाम

टिहरी राजशाही के अंतिम सेनापति सरदार बहादुर कमांडेंट नत्थू सिंह सजवान की मूर्ति का आज गुल्डी गांव में विधिवत अनावरण किया गया। एक भव्य कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै, वर्तमान विधायक डॉ0 धन सिंह नेगी तथा पूर्व  विधायक किशोर उपाध्याय सहित नगर पालिका परिषद चंबा की अध्यक्ष सुमन रमोला, ब्लाक प्रमुख शिवानी बिष्ट, जेष्ट प्रमुख संजय मैठानी, दुग्ध संघ के अध्यक्ष जगदंबा बेलवाल सहित अनेकों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

[su_highlight background=”#091688″ color=”#ffffff”]सरहद का साक्षी, चम्बा [/su_highlight]

कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत गुल्डी के द्वारा किया गया। इस शानदार कार्यक्रम में सैकड़ों लोग उपस्थित हुए। विभिन्न विद्यालयों के बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया तथा दूरदराज से आए हुए पूर्व सैनिकों, मातृशक्ति, आयोजकों तथा अतिथियों के द्वारा वीर सेनापति की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

टिहरी राजशाही के अंतिम सेनापति सरदार बहादुर कमांडेंट नत्थू सिंह सजवाण की मूर्ति का हुआ अनावरण

[irp]समाजसेवी तथा ब्रिस्क संस्था के संस्थापक श्री दिग्विजय सिंह सज्वाण, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती इलमा सजवान, ग्राम प्रधान श्री परमजीत सजवान, कार्यक्रम संचालक सोहनवीर सिंह सजवान कार्यक्रम सहयोगी शूरवीर चंद रमोला, क्षेत्र पंचायत सदस्य  राजवीर सजवान, प्रधानाचार्य कर्मवीर सिंह सज्वाण आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायता की। इस अवसर पर कवि: सोमवारी लाल सकलानी, निशांत को स्वरचित कविता पाठ करने का अवसर प्रदान हुआ। जो कि सरदार बहादुर कमांडिंग ऑफिसर नत्थू सिंह सज्वाण को समर्पित है।

“क्रिसमस की पावन बेला पर, हम सेनानायक नाम लिए,

वीर भगत भगवान वंश में, नत्थू सिंह सज्वाण जन्म लिए घंटाकरण महाराज  कृपा  से,

सेनापति पद  तक  पहुंचे,
पच्चीस दिसंबरअट्ठारह अट्ठासी गुल्डी चंबा में प्रकट हुए।

मूर्ति स्थापित हुई वीर की, और अनावरण आज हुआ,
महान वीर सैनिक सेनापति ,हमने आज सलाम किया।

सैनिक -पुत्र  होने  के  नाते, कवि भी दर्शन को आया,
सरदार बहादुर नत्थू सिंह को, श्रद्धांजलि का मन भाया।

सरदार बहादुर नत्थू सिंह का, अर्धशती इतिहास रहा,

सैनिक से सेनापति तक का इस योद्धा का सफर रहा।
एक नहीं दो महा समर में, यह वीर सेनानी खूब लड़ा,

अद्भुत शौर्य पराक्रम के बल ,हिटलर का वह काल बना।

आजादी के बाद सेनापति, जनहित के नित कार्य किए,

मिली हुई जागीर संपत्ति, को भी वह योद्धा  दान .दिए।
बना अस्पताल ब्लॉक कार्यालय,शीर्ष भाग पर गुल्डी के,

विश्व संस्था रेडक्रॉस स्थापित,उनकी दान दी गई भूमि में।

चंबाचौक में खड़ा गबरसिंह, गुल्डी रोड धूम सिंह सज्वाण जिंदा सैनिक महासमर का,

सेनापति नत्थूसिंह सज्वाण टिहरी के इस अप्रतिम वीर को, श्रद्धांजलि देते  हैं।

[su_highlight background=”#091688″ color=”#ffffff”]कवि: सोमवारी लाल सकलानी, निशांत।[/su_highlight]