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आजादी का अमृत महोत्सव: सितंबर माह में संपूर्ण देश में मनाया जाएगा ‘विषय-आधारित’ पोषण माह

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समग्र पोषण में सुधार की दिशा में केंद्रित और समेकित दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए साप्ताहिक विषय

[su_button background=”#881c0a” color=”#fffffe” size=”2″ radius=”5″ text_shadow=”0px 0px 0px #000000″]सरहद का साक्षी, नई दिल्ली।[/su_button]

आजादी का अमृत महोत्सव के एक अंग के रूप में संपूर्ण सितंबर माह में पूरे देश में ‘विषय-आधारित’ पोषण माह मनाया जाएगा। पोषण अभियान बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण संबंधी परिणामों में सुधार के लिए भारत सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है। 8 मार्च, 2018 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजस्थान के झुंझुनू से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया। पोषण अभियान (समग्र पोषण के लिए प्रधानमंत्री की व्यापक योजना) कुपोषण की समस्या और मिशन-मोड में इसके समाधान की ओर देश का ध्यान केन्द्रित करती है।

आजादी का अमृत महोत्सव: सितंबर माह में संपूर्ण देश में मनाया जाएगा 'विषय-आधारित' पोषण माह

पोषण अभियान के उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, 2021-2022 के बजट में मिशन पोषण 2.0 (सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0) को एक एकीकृत पोषण सहायता कार्यक्रम के रूप में घोषित किया गया है, ताकि पोषण सामग्री, वितरण, पहुँच को मजबूत किया जा सके। विकासशील कार्यप्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ऐसे परिणामों पर पहुँचा जा सके जो रोग एवं कुपोषण के प्रति प्रतिरोधक क्षमता का पोषण करते हुए स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करते हैं।

पोषण अभियान एक “जन आंदोलन” है जिसमें स्थानीय निकायों, राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों की समावेशी भागीदारी शामिल है। सामुदायिक लामबंदी को सुनिश्चित करने और लोगों की भागीदारी को बढ़ाने के लिए, हर वर्ष सितंबर महीने को पूरे देश में पोषण माह के रूप में मनाया जाता है।

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इस वर्ष जब भारत में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है ऐसे में त्वरित और गहन पहुंच को सुनिश्चित करने के लिए, समग्र पोषण में सुधार की दिशा में केंद्रित और समेकित दृष्टिकोण के लिए पूरे महीने को साप्ताहिक विषयों में विभाजित किया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर पूरे महीने कई गतिविधियों की योजना बनाई है।

1 से 7 सितम्बर : “पोषण वाटिका” के रूप में पौधरोपण गतिविधि

8 से 15 सितम्बर : पोषण के लिए योग और आयुष

16 से 23 सितम्बर : अधिक जिम्मेदारी वाले जिलों के आंगनबाड़ी लाभार्थियों को ‘क्षेत्रीय पोषण

24 से 30 सितम्बर: एसएएम के बच्चों की पहचान और पौष्टिक भोजन का वितरण

इस वर्ष पोषण माह के दौरान गतिविधियों की विस्तृत श्रृंखला आंगनवाड़ियों, स्कूल परिसरों, ग्राम पंचायतों और अन्य स्थानों पर उपलब्ध स्थलों में सभी हितधारकों द्वारा पोषण वाटिका के लिए वृक्षारोपण अभियान पर केंद्रित होगी। पौधरोपण गतिविधियां पौष्टिक फलों के वृक्ष, स्थानीय सब्जियों और औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों के पौधे लगाने पर केंद्रित होगी। कोविड टीकाकरण और कोविड प्रोटोकॉल के पालन के लिए संवेदीकरण/जागरूकता अभियान का भी आयोजन किया जाएगा।

पोषण माह के दौरान (6 वर्ष से कम आयु के) बच्चों के लिए ऊंचाई और वजन माप के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। गर्भवती महिलाओं के लिए स्थानीय रूप से उपलब्ध पौष्टिक भोजन की जानकारी को सामने लाने के लिए स्लोगन लेखन और इसे पकाने की विधि की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। सरकार और कॉर्पोरेट निकायों के कर्मचारियों के लिए विभिन्न कार्यस्थलों पर “5-मिनट योग प्रोटोकॉल” (वाई-ब्रेक या योग विराम) पर सत्र होंगे, इसके अलावा क्षेत्रीय/स्थानीय भोजन के महत्व पर जागरूकता अभियान, पोषण किटों का वितरण जिसमें क्षेत्रीय पोषक तत्व से भरपूर भोजन (जैसे सुकड़ी-गुजरात, पंजीरी-पंजाब, सत्तू-बिहार, चिक्की- महाराष्ट्र) शामिल होंगे साथ ही एनीमिया शिविर, एसएएम बच्चों की ब्लॉकवार पहचान के लिए अभियान, बच्चों में एसएएम के प्रसार से निपटने के लिए एक पहल के रूप में 5वर्ष की आयु तक के एसएएम बच्चों के लिए पर्यवेक्षण पूरक आहार कार्यक्रम, तीव्र कुपोषण के सामुदायिक प्रबंधन के लिए संवेदीकरण और एसएएम बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन का वितरण भी किया जाएगा।

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पोषण माह के दौरान, पोषण जागरूकता से संबंधित गतिविधियों को सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में जमीनी स्तर तक संचालित किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग जैसे कार्यान्वयन विभाग/एजेंसियां आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के माध्यम से आशा, एएनएम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, स्कूलों के माध्यम से स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग, पंचायतों के माध्यम से पंचायती राज विभाग और ग्रामीण विकास के माध्यम से स्वयं सहायता समूह इन गतिविधियों को अंजाम देंगे और महिलाओं एवं बच्चों का एक स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने के लिए पूरे महीने समग्र पोषण का संदेश फैलाएंगे।

एक विशिष्ट और समग्र लक्ष्य के साथ प्रारंभ किया गया, पोषण अभियान कुल मिलाकर छोटे बच्चों, किशोर लड़कियों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के साथ-साथ पति, पिता,सास और समुदाय के सदस्यों, स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं (एएनएम, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता) सहित परिवार के सदस्यों के बीच महत्वपूर्ण पोषण व्यवहार के संबंध में पोषण संबंधी जागरूकता और जवाबदेही को बढ़ाने का सकारात्मक इरादा रखता है। पोषण माह का उद्देश्य पोषण अभियान के समग्र लक्ष्यों को एक सामंजस्यपूर्ण तरीके से त्वरित रूप से अर्जित करना है।

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एक विशिष्ट और समग्र लक्ष्य के साथ प्रारंभ किया गया, पोषण अभियान कुल मिलाकर छोटे बच्चों, किशोर लड़कियों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के साथ-साथ पति, पिता,सास और समुदाय के सदस्यों, स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं (एएनएम, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता) सहित परिवार के सदस्यों के बीच महत्वपूर्ण पोषण व्यवहार के संबंध में पोषण संबंधी जागरूकता और जवाबदेही को बढ़ाने का सकारात्मक इरादा रखता है। पोषण माह का उद्देश्य पोषण अभियान के समग्र लक्ष्यों को एक सामंजस्यपूर्ण तरीके से त्वरित रूप से अर्जित करना है।

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