भ्रष्टाचार मुक्त समाज एवं सुशासन की परिकल्पना के तहत समाजसेवी गोपाल बहुगुणा के सुझाव

    भ्रष्टाचार मुक्त समाज
    Shri Gopal Bahuguna
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    विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं में स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर चुके युवा समाजसेवी गोपाल बहुगुणा कहते हैं कि भ्रष्टाचार को खत्म करने के सुझाव मन में आ रह थे, यदि इन बिन्दुओं पर अमल फरमाया जा सके तो भ्रष्टाचार मुक्त समाज एवं सुशासन की परिकल्पना साकार हो सकती हैं। उनका कहना है किः

    1-आम लोगों की समस्या की शिकायत करने पर संम्बधित विभाग की जिम्मेदारी स्पष्ट होनी चाहिए, अभी अधिकांश सरकारी विभागों में कोई भी शिकायत करने पर समस्या बता देते हैं, समाधान नहीं। समाधान—–आम शिकायत कर्ता की समस्या 1से 5 दिन में निराकरण नहीं होता है तो सम्बन्धित विभाग आम शिकायत कर्ता को 10000 रुपए की धनराशि हर्जाने के रूप में देने का प्रावधान होना चाहिए।

    2-ग्रामीण स्तर पर विकास के काम करवाने के लिए गांव के जनप्रतिनिधि के बजाय सरकार के किसी विभाग द्वारा काम होना चाहिए।

    3-प्रत्येक राजनीतिक पार्टी को अपनी पार्टी में ईमानदार लोगों को शामिल करने का कानून होना चाहिए, राजनीतिक पार्टी में शामिल हर व्यक्ति को अपनी आय के स्रोत, निजि संम्पदा का स्पष्ट व्योरा देने का सख्त कानून होना चाहिए। अभी तक चलन था कि हर भ्रष्टाचारी, अवैध कामों में संलिप्त लोग अपने बचाव के लिए राजनीतिक पार्टियों में शामिल हो जाते थे।

    4-सरकार को चाहिए कि गरीब, अतिगरीब की सही पहचान दोबारा से होनी चाहिए। वर्तमान में क्या है कि कुछ लोग कोई काम नहीं करते हैं यानि ऊपर से देखने पर गरीब लगते हैं, बेरोजगार हैं पर वास्तव में पैसे वाले हैं, यह लोग भी सरकारी गरीब योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।

    5-भ्रष्ट नेताओं, एनजीओ, ट्रस्ट की जांच होनी चाहिए, इन लोगों ने सरकार आम जनमानस को वेवकूफ बना के रखा हुआ है, फिर भी सरकार इनको पोषित कर रही है।

    6-सार्वजनिक स्थलों, सड़कां बाजारों में अवैध कब्जे को तुरंत हटा देना चाहिए, इस काम को रोकने के लिए किसी भी राजनीतिक व्यक्ति की शह नहीं होनी चाहिए।