श्री गुरु पूर्णिमा विशेष: सबसे सिद्ध प्रभावशाली व शक्तिशाली मन्त्र अगर कोई है तो गुरुजी का वाक्य

    श्री गुरु पूर्णिमा विशेष: सबसे सिद्ध प्रभावशाली व शक्तिशाली मन्त्र अगर कोई है तो गुरुजी का वाक्य
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    दुग्धेन धेनु: कुसुमेन वल्ली
    शीलेन भार्या कमलेन तोयम्
    गुरुं विना भाति न चैव शिष्य:
    शमेन विद्या नगरी जनेन

    जिस प्रकार दूध के बिना गाय, फूल के बिना लता, चरित्र के बिना पत्नी, कमल के बिना जल, शांति के बिना विद्या और लोगों के बिना नगर शोभा नहीं देते, वैसे ही गुरु बिना शिष्य शोभा नहीं देता।

    गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः
    गुरुर्साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नम:
    ध्यानमूलं गुरुर्मूर्ति पूजामूलं गुरोः पदम्
    मंत्रमूलं गुरोर्वाक्यं मोक्षमूलं गुरोः कृपा

    जो गुरु साक्षात परब्रह्म है ऐसे गुरु की गुरू पूर्णिमा के शुभ पावन पर्व पर आप सभी को हमारी और से सपरिवार अनंत अनंत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाए। गुरुदेव आप सभी का सदा सर्वदा मंगल करें।

    अखंडमंडलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्
    तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः
    ब्रह्मानंदं परम सुखदं केवलं ज्ञानमूर्तिं
    द्वन्द्वातीतं गगनसदृशं तत्त्वमस्यादिलक्षयम्

    इस ब्रह्माण्ड में ध्यान करने लायक कोई चीज है तो गुरु श्री का श्री विग्रह ही है और पूजा करने लायक कोई तत्व है तो गुरुजी के श्रीचरण ही हैं।

    सबसे सिद्ध प्रभावशाली व शक्तिशाली मन्त्र अगर कोई है तो गुरुजी का वाक्य और मोक्ष प्राप्ति के लिये यदि कोई साधना हैै तो केवल और केवल गुरु जी की असीम कृपा ही है क्योंकि अन्धकार व प्रकाश के बीच केवल गुरु ही सदैव विद्यमान रहते हैं।

    यदि गुरु ने शिष्य को एक अक्षर भी पढ़ाया है तब भी झ्स पृथ्वी में ऐसी कोई वस्तु नहीं है जिसे गुरू को अर्पण कर शिष्य उनके ऋण से मुक्त हो सके।

    आओ हम सब मिलकर आज विश्व के समस्त गुरुओं के साथ साथ आप सभी की सर्वप्रथम गुरु मां के श्रीचरणों को भी नमन करते हुये वन्दन करें।

    सरहद का साक्षी @ई०/पं०सुन्दर लाल उनियाल

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