जिम्मेदारी मिली है तो शिक्षक अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे रामसिंह चौहान

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    जिम्मेदारी मिली है तो शिक्षक अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे रामसिंह चौहान

    जिम्मेदारी मिली है तो शिक्षक अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे रामसिंह चौहान

    उच्च मानदंड स्थापित करते हुए, शिक्षक स्वाभिमान का रखेंगे ध्यान

    राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड के चुनाव में प्रांतीय कार्यकारिणी का चुनाव परिणाम घोषित हो चुका है। समस्त विजेता प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई। आशा है कि राजकीय शिक्षक संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी संगठन के अनुरूप कार्य करते हुए शिक्षक स्वाभिमान की रक्षा करेगी।

    सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ @Chamba, Tehri Garhwal

    राशिसं के प्रांतीय अध्यक्ष श्री राम सिंह चौहान, अनुभवी आदर्श, कुशल और संघर्षशील नेता हैं। वह केवल नेता बनने के लिए चुनाव नहीं लड़ते बल्कि कुछ करने के लिए अध्यक्ष बनते हैं। भले ही इस बार मेरा मत (सेवानिवृत्त) नही हुआ है। सेवाकाल में सदा संगठन का सक्रिय सदस्य रहा हूं और राम सिंह चौहान की कार्यकुशलता और क्षमता का कायल रहा हूं। श्री राम सिंह चौहान ने सदा मुझे अपना बड़े भाई का दर्जा दिया है।

    जिलाध्यक्ष से मंडल अध्यक्ष और पूर्व में भी प्रांतीय अध्यक्ष के रूप में जब वे पद पर रहे तो कभी भी आदर्श तथा शिष्टाचार में कमी नहीं आने दी। यही कारण है कि वह बड़ी संख्या में मतों से विजयी हुये हैं। हर जिले से उनको सम्मान(वोट) मिला है। अब बारी उनकी है कि वह 6 साल की उहापोह की स्थिति के बाद राजकीय शिक्षक संघ को अपने पुरातन गौरव में लौटाने का प्रयास करेंगे। शिक्षकों की मर्यादा, स्वाभिमान, शिक्षक हितों पर ध्यान देंगे।

    माध्यमिक शिक्षा प्रणाली, राजकीय शिक्षकों और राजकीय शिक्षा के प्रति जो लोगों का जो अविश्वास पैदा हुआ है उसकी बहाली के लिए भी प्रयास करेंगे।

    राजकीय शिक्षक संघ सबसे बड़ा जिम्मेदार संगठन होने के नाते, श्री राम सिंह चौहान की जिम्मेदारी बढ़ गई है। वह सरकार की अच्छी नीतियों को का सहयोग करेंगे और यदि शिक्षक हित पर कहीं पर कुठाराघात होता है तो उसके लिए भी आगे आएंगे।

    श्री राम सिंह चौहान महादेव ग्राम छाती (मखलोगी) टिहरी गढ़वाल के मूल निवासी हैं। नकोट उनका स्थानीय कस्बा है। अल्प समय राजकीय इंटर कॉलेज नकोट में मुझे भी सेवा करने का अवसर मिला, उस समय श्री चौहान ग्रेजुएशन के छात्र थे। अध्यापक बनने के बाद श्री राम सिंह चौहान से सदैव परिचय संबंध रहा और सेवारत रहते उनका खुला समर्थन भी किया।

    श्री राम सिंह चौहान को अध्यापक वर्ग के साथ-साथ अधिकारी- कर्मचारी वर्ग का भी स्नेह मिलता रहा है। उनकी अभिवादनशील कार्यप्रणाली, कड़क मिजाज और सीधी सपाट बातों के कारण ही समस्त कर्मचारी/ अधिकारी वर्ग भी उन्हें पसंद करता है और उनके बातों पर वह तवज्जो देता है।

    राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष का बहुत बड़ा रोल होता है। कई स्तर पर कार्य करना होता है। अपने साथी शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए, विभागीय अधिकारियों से भी तालमेल बैठाकर रखना होता है। शिक्षक नियमावली का संगत ज्ञान और उसको पालन करवाने में संघ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शासन और विभाग के द्वारा कभी-कभी ऐसी शासनादेश निर्गत होते हैं जो शिक्षक हित के विरुद्ध होते हैं,उनके विरोध में खड़ा होना पड़ता है। यहां तक कि आंदोलन का रास्ता भी अपनाना होता है।

    सन 1986 के शिक्षक- कर्मचारी आंदोलन को करीब से देखा। शिक्षक/कर्मचारी संगठन की विजय हुई थी। सक्रिय संगठन के कारण अनेक बार विभाग और शासन को अपने आदेशों को वापस लेना पड़ा। राजकीय शिक्षक संघ एक वैधानिक बॉडी है। राजकीय शिक्षक संघ के संविधान के अनुरूप, प्रजातांत्रिक व्यवस्था के द्वारा चुनी गई कार्यकारिणी है। जिनकी अहम भूमिका है। समय-समय पर सरकार और विभाग अपनी इच्छा के अनुरूप विवादास्पद शासनादेश, आदेश और सर्कुलर निर्गत कर देते हैं जो कि शिक्षक संगठन में दरार डालने का कार्य करते हैं। अनेक प्रकार की सेवा शर्तें युवाओं को गुमराह करने वाली होती है।

    प्रशिक्षित पढ़ा- लिखा नौजवान जब विभाग का अंग बन जाता है तो कभी- कभी असंगत नियमों के कारण अनेक मानसिक और आर्थिक शोषण उसे झेलना पड़ता है। समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं मिल पाता है। सेवा शर्तों में पेंच जोड़ दिए जाते हैं। जिसका खामियाजा शिक्षक समुदाय को भुगतना पड़ता है। कुछ निहित स्वार्थी तत्व भी हर जगह होते हैं। वे इच्छानुसार आदेशों की व्याख्या करते हैं और शिक्षकों को लाभ पहुंचाने के बजाय हानि पहुंचाने में ही अपना बड़प्पन समझते हैं। यद्यपि इस प्रकार के लोगों की संख्या नगण्य होती है और हमेशा उन्हें मुंह की खानी पड़ती है।

    श्री राम सिंह चौहान को दोबारा प्रांतीय अध्यक्ष पद पर विजयी होने के लिए पु:न हार्दिक पुनः बधाई देता हूं। वे समय की कसौटी पर खरे उतरेंगे और शिक्षा और शिक्षकों की गरिमा का ध्यान रखते हुए, उच्च मानदंडों को स्थापित करेंगे।

    (कवि कुटीर)
    सुमन कालोनी चंबा,टिहरी गढ़वाल।

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