जिला स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति की त्रैमास बैठक विकास भवन सभागार नई टिहरी में आयोजित

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जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल इवा आशीष श्रीवास्तव के दिशा-निर्देशन में आज विकास भवन सभागार नई टिहरी में मुख्य विकास अधिकारी नमामि बंसल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति की त्रैमास बैठक आयोजित की गई।

बैठक में वित्तीय समायोजन योजना, वार्षिक ऋण योजना, ऋण जमा अनुपात, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय शहरी एवं ग्रामीण आजीविका मिशन, स्पेशल कम्पोनेंट प्लान, पीएम स्वनिधि, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली योजना, सामाजिक सुरक्षा योजना, ऋण वसूली, किसानों की आय 2022 तक दुगुनी का लक्ष्य आदि योजनाओं के तहत बैंकों द्वारा की गयी प्रगति एवं अन्य विषयों पर चर्चा/समीक्षा की गई।

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बैंकर्स एवं रेखीय विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के विकास हेतु सभी योजनाओं के अन्तर्गत निर्धारित लक्ष्यों को फोकस कर आपसी समन्वय एवं सांमजस्य के साथ कार्य करें। लक्ष्यों को हांसिल करने तथा सीडी रेश्यों को बढ़ाने हेतु प्रोजेक्ट बढ़ाये तथा किसी भी प्रकार की समस्या का समयान्तर्गत निस्तारण कर लाभार्थियों को लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने बैंकर्स को निर्देशित किया कि विभिन्न योजनाओं के तहत बैंकों को प्रेषित किये गये आवेदनों में से निरस्त किये गये प्रकरणों के संबंध में जानकारी उपलब्ध करायें, की किस कारण से वह निरस्त किये गये हैं। वित्तीय समायोजन योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी बैंक जिलें में कार्यरत सभी बीसी/सीएसपी (ग्राहक सेवा केन्द्र) को एक्टिव रखें ताकि आमजन को बैंकिंग सुविधा का लाभ मिल सके। साथ ही सभी बैंकों की ग्रामीण शाखाएं प्रति माह एक एफएलसी (फाइनेंशल लिटरेसी कैम्प) का आयोजन अनिवार्य रूप से करें।

वार्षिक ऋण योजना के तहत मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देशित किया गया कि क्रॉप लोन एवं टर्म लोन हेतु किसान मेलों में किसानों को जागरूक करें तथा ब्लॉक स्तर पर भी कार्यशाला आयोजित कर प्रशिक्षित करें और अच्छे प्रस्ताव बैंकों को उपलब्ध करायें।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अति सूक्ष्म (नैनो) की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने महाप्रबन्धक डीआईसी को निर्देशित किया कि वर्ष 2022-23 के लक्ष्यों को हांसिल करने के लिए अभी से योजना बनायें और कैम्प लगाकर योजनाओं का वृहद् स्तर पर प्रचार-प्रसार करायें। ग्रामीण अवस्थापना तथा स्वयं सहायता समूहों का बैंक लिंकेज के तहत सभी बैंकर्स को निर्देशित किया गया कि एनआरएलएम के सभी आवेदनों को सेंक्शन करें। कृषि ऋणों की प्रगति पर चर्चा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने प्रधानमंत्री किसान निधि के तहत सभी पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड 15 अगस्त, 2022 तक जारी करने के निर्देश दिये।

कृषि विभाग को निर्देशित किया कि जिन किसानों कोे केसीसी जारी नहीं किये जा सके हैं, उनकी सूची बैंक वार जिला अग्रणी प्रबन्धक को उपलब्ध करावा दें। ऋण वसूली संबंधित समस्याओं पर चर्चा करते हुए लम्बित वसूली प्रमाण पत्रों मंे तेजी लाने हेतु सभी बैंक शाखाओं को अपनी तहसील में जाकर लम्बित वसूली प्रमाण पत्रों का मिलान कर वास्तविक स्थिति की सूची तहसील वाइज जिला अग्रणी प्रबन्धक कार्यालय को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये गये।
अग्रणी बैंक प्रबन्धक कपिल मरवाहा ने बताया कि त्रैमास मार्च 2022 में जिला सहकारी बैंक द्वारा 100, उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक द्वारा 18, पीएनबी द्वारा 32, एसबीआई द्वारा 26 एफएलसी कैम्पों का आयोजन किया गया, जिसमें 1240 लोगांे द्वारा प्रतिभाग किया गया। बताया कि वार्षिक ऋण योजना के तहत वर्ष 2021-22 हेतु जारी किये गये नाबार्ड के पोटेंशियल लिंक्ट प्लान पर आधारित वार्षिक ऋण योजना के लिए कुल लक्ष्य राशि रूपये 668.99 करोड़ के सापेक्ष रू. 361.94 करोड़ की प्रगति हुई। बताया कि जनपद का ऋण जमा अनुपात मार्च, 2022 को 29.21 प्रतिशत रहा, जो कि मार्च, 2021 के सापेक्ष 1.29 प्रतिशत अधिक रहा।

उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर सभी बैंक एजंेडानुसार 06 से 12 जून, 202 तक विशेष अभियान चलाकर बैंकिंग लेन-देन में आ रही चुनौतियों/कठिनाईओ के बारे में जानकारी दें तथा एटीएम/फोन पर होने वाली धोखाधड़ी के बारे में जागरूक करें।

उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत बैंकों की प्रगति रिपोर्ट से भी अवगत कराया। उन्होंने सभी बैंकों को अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए लम्बित प्रकरणों का निस्तारण कर सीडी रेश्यों में प्रगति लाने को कहा।

निदेशक एसबीआई बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) टिहरी गढ़वाल विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि वर्ष 2021-22 में 20 प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 500 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित है।

संस्थान द्वारा मार्च त्रैमास तक कुल 19 प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 521 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। बताया कि वर्ष 2021-22 में कुल 381 प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार से जोड़ा गया है, जिसमें 295 प्रशिक्षणार्थियों ने बैंक ऋण की सहायता से तथा 83 ने स्वयं से अपना स्वरोजगार शुरू कर दिया है। डीडीएम नाबार्ड ए.एन शुक्ला द्वारा वर्ष 2023-24 हेतु सम्भावित युक्त ऋण योजना की प्रक्रिया आरम्भ की सूचना की जानकारी दी गई तथा इस हेतु सभी लाइन डिपार्टमेंट एवं बैंकों से सहयोग की अपेक्षा की गई। उनके द्वारा नाबार्ड द्वारा संचालित केसीसी सहित अन्य योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

बैठक में एलबीओ आरबीआई देहरादून मीनाक्षी वर्मा, बैंक मैनेजर एसबीआई प्रबेन्द्र सिंह सजवाण, मैनेजर पीएनबी निकिता ढिंगरा, डिप्टी जीएम डीसीबी, नारायणी सिंह, शाखा प्रबन्धक यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया सौरभ जंगपांगी, मुख्य कृषि अधिकारी अभिलाषा भट्ट, महाप्रबन्धक डीआईसी महेश प्रकाश, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. बर्तवाल, डीएचओ प्रमोद कुमार, एडी डेरी प्रेमलाल, जिला प्रबन्धक डीआईसी नमन सक्सेना सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बैंकर्स अधिकारी उपस्थित रहे।