Pt. L.M.S. Campus Rishikesh में G-20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट लेक्चर सीरीज का आयोजन

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Pt. L.M.S. Campus Rishikesh में G-20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट लेक्चर सीरीज का आयोजन

Pt. L.M.S. Campus Rishikesh में G-20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट लेक्चर सीरीज का आयोजन

विकासशील देशों की अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली विभाग (RIS) विदेश मंत्रालय भारत सरकार

ऋषिकेश: Pt. L.M.S. Campus Rishikesh, श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय एवं विकासशील देशों की अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली विभाग (RIS) विदेश मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में G-20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट लेक्चर सीरीज का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता वियतनाम में भारत की पूर्व राजदूत व भूतपूर्व सचिव, विदेश मंत्रालय श्रीमती प्रीति सरन आई एफ एस रही।

उन्होंने अपने वक्तव्य में जी-20 की अध्यक्षता के बारे में प्रकाश डाला तथा युवाओं की इसमें भागीदारी तथा अन्यजनों की भागीदारी पर बल दिया। उन्होंने कोविड, क्लाइमेट चेंज, जलवायु परिवर्तन, कनफ्लिक्ट ( संघर्ष) के बारे में कहा वह इसमें भारत की भूमिका पर प्रकाश डाला।

उन्होंने सतत विकास में भारत की निरंतर प्रगति पर बात की। इस कार्यक्रम के अध्यक्ष माननीय कुलपति प्रो एन के जोशी ने अपने उद्बोधन में कृषि, वानिकी, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा व पर्यटन पर अपनी बात रखी व युवाओं से अपील कि वह अनुसंधान एवं नवाचार, रिसर्च पब्लिकेशन व उद्यमशीलता की ओर अग्रसर हों इससे G20 के आयोजन की सार्थकता सिद्ध होगी।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि व वक्ता दून विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट वेलफेयर व मैनेजमेंट के विभागाध्यक्ष प्रो एच सी पुरोहित ने अपने व्याख्यान में अमृत काल के बारे में कहा कि भारत एक सशक्त व सुदृढ़ भारत के रूप में उभर रहा है उन्होंने गांधीवादी विचारधारा को अपनाते हुए अग्रसर होने की बात कही। उन्होंने वोकल फॉर लोकल पर बात रखी व योग नगरी ऋषिकेश के बारे में कहा विस्तृत से बताया।

कार्यक्रम के दूसरे वक्ता ऑनलाइन माध्यम से जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के लाइफ साइंस के प्रोफेसर व स्पेशल मेडिसिन के डायरेक्टर प्रो. राणा प्रताप सिंह ने छात्र-छात्राओं से वैज्ञानिक स्वभाव के द्वारा परेशानियों को दूर करने के टिप्स दिए, उन्होंने आयुर्वेद से सम्बंधित वात पित्त कफ से लेकर अनुवांशिकी तक विस्तार से समझाया, उन्होंने जलवायु परिवर्तन सतत विकास व यूथ-20 के बारे में द्दात्रों को बताया।

विदेश मंत्रालय भारत सरकार की रिसर्च कंसलटेंट डॉ अंशुमन गुप्ता ने अपने वक्तव्य में विकसित देशों के द्वारा उत्सर्जित किए जाने वाले ग्रीनहाउस गैस से जलवायु परिवर्तन के बारे में प्रकाश डाला। विश्वविद्यालय परिसर के प्राचार्य प्रोफेसर एम एस रावत ने सभी वक्ताओं व अतिथियों का विश्वविद्यालय की ओर से स्वागत किया व आर आई एस तथा विदेश मंत्रालय भारत सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया जो उन्होंने 75 विश्वविद्यालयों में से एक हमारा विश्वविद्यालय को इस कार्यक्रम के लिए चुना।

उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन के लिए प्रस्ताव व न्योता दिया। इस कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ एसके कुड़ियाल द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत व इस कार्यक्रम के उद्देश्य एवं रूपरेखा पर प्रकाश डाला गया।

उन्होंने जी-20 के आलोक में 25 अप्रैल से आयोजित निबन्ध/ पोएट्री/पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा की करी इसी क्रम में पोएट्री में प्रथम स्थान रजत नेगी, द्वितीय स्थान करीना तृतीय स्थान हंसराय ने प्राप्त किया।

निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रतिभा वर्मा द्वितीय स्थान समीक्षा उनियाल तृतीय स्थान रवीना व पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आंचल गुप्ता द्वितीय स्थान सोनी तृतीय स्थान तन्मय कुमार ने प्राप्त किया। सभी विजेताओं को मुख्य अतिथियों के द्वारा पुरस्कार प्रदान किया गया।

इस कार्यक्रम के समन्वयक प्रोफेसर गुलशन कुमार ढींगरा ने अंत में सभी अतिथियों व वक्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विशेष रूप से आरआईएस (विकासशील देशों की अनुसंधान एवं विकास प्रणाली) व विदेश मंत्रालय भारत सरकार व श्रीमती प्रीति सरन का धन्यवाद ज्ञापन किया ।अंत में सभी अतिथियों को विश्वविद्यालय परिसर की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।

इस मौके पर विश्वविद्यालय परिसर के समस्त संकाय अध्यक्ष,विभागाध्यक्ष व प्राध्यापक एवं कर्मचारी व लगभग 150 छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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