कविता: लोकतंत्र का पर्व

play icon Listen to this article

[su_highlight background=”#091688″ color=”#ffffff”]सरहद का साक्षी @*डॉ. दलीप सिंह बिष्ट[/su_highlight]

आओ सब मिलकर लोकतंत्र का पर्व मनाएं।
अपना प्रतिनिधि चुने अपनी सरकार बनाएं।।
लोकतंत्र का पर्व है यह मतदान करने जायें।
सभी मतदान करें और अपनी सरकार बनाये।।
दान नही महादान है यह वोट जरूर है करना।
धर्म, जाति न देखें प्रतिनिधि ईमानदार हो अपना।
आओ सब मिलकर लोकतंत्र का पर्व मनाएं।
अपना प्रतिनिधि चुने अपनी सरकार बनाएं।।
नेता आएंगे बहुत प्रलोभन देंगे कई।
ऐसा काम न करना प्रतिनिधि चुनना सही।
वोट के लिए जागरूक करें और वोट दिलाएं।
लोकतंत्र में वोट की ताकत क्या है सबको दिखाएं।
आओ मिलकर लोकतंत्र का पर्व मनाएं।
अपना प्रतिनिधि चुने अपनी सरकार बनाएं।।
सब लोग जायें और अच्छा प्रतिनिधि बनाएं।
लोकतंत्र में चुनाव मौका है अच्छी सरकार बनाएं।
आओ सब मिलकर लोकतंत्र का पर्व मनाएं।
अपना प्रतिनिधि चुने अपनी सरकार बनाएं।।

[su_highlight background=”#091688″ color=”#ffffff”]*असिस्टेंट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान,  राजकीय महाविद्यालय अगस्त्यमुनि रुद्रप्रयाग[/su_highlight]