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अब आप देहरादून मे लिटृटी चोखा व्यंजन के स्वाद का आनन्द ले सकते है। आज रिस्पना पुल के पास दून-लिटृटी-चोखा डाटकाम के नाम से पहला रेस्टोरेन्ट का श्रीगणेश किया गया।

आपको बताते चले कि लिट्टी चोखा एक पारंपरिक व्यंजन है, माना जाता है कि इसकी उत्पत्ति भारत के बिहार राज्य से हुई है। लेकिन आज पूरे भारत में लिटृटी-चोखा को एक हेल्दी फुड के रूप मे पसंद किया जा रहा है । लिटृटी-चोखा मे गेहूं के आटे के गोले सत्तू से भरे होते हैं। लिट्टी को पारंपरिक रूप से कोयले या गाय के गोबर के उपले पर भुना जाता है।

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इस व्यंजन का दूसरा भाग चोखा है जिसमे मूल रूप से कुछ मसालों के साथ भुने हुए बैंगन, टमाटर और आलू को मैश किया जाता है। घी के साथ लिट्टी और चोखा एक साथ खाया जाता है।

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यदि आप घी को छोड़ देते हैं, तो यह पूरी तरह से शाकाहारी व्यंजन है, लेकिन घी इस व्यंजन का एक अनिवार्य हिस्सा है। सत्तू की फिलिंग में अजवायन, कलौंजी, अदरक और अचार के मसाले जैसे मसाले भरे जाते हैं।

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