नकोट कु थौऴः उमड़ा जन सैलाव, जमकर बिकी चूड़ी बिन्दिया व जलेबी पकोड़ी, मेलार्थियों में दिखा उत्साह

नकोट कु थौऴः उमड़ा जन सैलाव, जमकर बिकी चूड़ी बिन्दिया व जलेबी पकोड़ी, मेलार्थियों में दिखा उत्साह
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सेन्दुलाधार नकोट के नाम से पूर्व परिचित ग्रामीण कस्बा नकोट में बैसाख माह की 14 गते को लगने वाले में आज मेलार्थियों का भारी हुजूम उमड़ा। लोगों ने जलेबी पकोड़ी, चूड़ी बिन्दी के अलावा अन्य सभी जरूरत मंद चीजों की जमकर खरीददारी की।

नकोट कु थौऴः उमड़ा जन सैलाव, जमकर बिकी चूड़ी बिन्दिया व जलेबी पकोड़ी, मेलार्थियों में दिखा उत्साह

पिछले दो सालों के कोरोना काल के सन्नाटें के बाद ग्राम कस्बा नकोट में लगने वाले इस मेले में हालांकि खासी भीड़ उमड़ी, मगर इस बीच प्रशासन की घोर लापरवाही मेले के दौरान सामने दिखी। जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण कस्बा नकोट में दो राजस्व पुलिस चौकियों की मौजूदगी के बाबजूद भी पुलिस कर्मी तो दूर एक भी होमगार्ड कस्बे में नहीं दिखायी नहीं।
कस्बे में वाहनों की भारी अव्यवस्थाओं के साथ सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर प्रशासन का कोई भी अधिकारी कर्मचारी नहीं दिखायी दिया।

मेले में दो तीन चर्खियां, झूले के अलावा हापुड़ से चावल के दाने पर नाम लिखना, नाक कान छिदवाना आदि का अनोखा स्टॉल भी देखा गया। स्टॉल में विक्की नायक द्वारा चावल के दाने पर लोगों के नाम भी लिखे गये। कला का नायाम नमूना पेश किया विक्की नायक ने। इसके अलावा आईस्क्रीम, चाउमीन, समोसे, छोले परांठे आदि का लोगों ने भरपरू आनन्द उठाया।

नकोट कु थौऴः उमड़ा जन सैलाव, जमकर बिकी चूड़ी बिन्दिया व जलेबी पकोड़ी, मेलार्थियों में दिखा उत्साहवहीं इस बार कस्बे में पूर्व की अपेक्षा भारी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन समेत स्थानीय राजनेताओं व जनप्रतिनिधियों को मेले की जानकारी एवं कोरोना काल के सन्नाटे का संज्ञान होने के बाबजूद भी किसी भी प्रकार की सुरक्षात्मक व्यवस्थायें न होना, नकोट क्षेत्र की उपेक्षा का खासा उदाहरण है।

मेले में जमकर भीड़ उमड़ी, स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों एवं मौजूद व्यापारियों के सकारात्मक सहयोग के चलते नकोट का मेला सम्पन्न हुआ। मेले के दौरान जिला एवं स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के बाबजूद भी किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आयी। यह नकोट क्षेत्र का सौभाग्य ही कहा जाएगा।