NSS Camp का बौद्धिक सत्र: मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना भी एक कला है: डॉ. हेमा असवाल


 

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राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर (दिन-रात) के पंचम दिवस का शुभारंभ ईश वंदना, राष्ट्रगान, लक्ष्य गीत, व्यायाम इत्यादि से हुआ। तत्पश्चात स्वयंसेवकों द्वारा संपूर्ण शिविर स्थल की सफाई की गई।

[su_highlight background=”#870e23″ color=”#f6f6f5″]सरहद का साक्षी, अगस्त्यमुनि[/su_highlight]

अपराहन के बौद्धिक सत्र में डॉ० हेमा असवाल, चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि ने मानसिक स्वास्थ्य विषय पर अपना व्याख्यान दिया।

अपने व्याख्यान में उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना भी एक कला है। मानसिक स्वास्थ्य से सम्बंधित जीवन कौशल के दस सूत्र बताते हुए उन्होंने बताया कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक रूप से स्वस्थ होना अत्यन्त आवश्यक है। इसके पश्चात उन्होंने स्वयंसेवियों के स्वास्थ्य से सम्बंधित विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए उनकी समस्याओं का समाधान किया। साथ ही स्वयंसेवियों की कैरियर काउंसिलिंग करके उन्हें जीवन की एक नयी दिशा प्रदान की।
इसके पश्चात पहाड़ो में बढ़ते हुए नशे का प्रचलन, कारण एवं निवारण विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें गौरव भट्ट ने प्रथम स्थान, आशीष ने द्वितीय स्थान, विवेक ने तृतीय स्थान एवं वर्तिका ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।

डॉ० हेमा असवाल एवं डॉ० तनुजा मौर्य ने निर्णायक मंडल की भूमिका का निर्वहन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ जितेन्द्र सिंह ने किया।

इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ० निधि छाबड़ा, कार्यक्रम अधिकारी डॉ० जितेंद्र सिंह, कार्यक्रम अधिकारी डॉ० अंजना फर्स्वाण सहित श्रीमती विनीता रौतेला, श्री ताहिर अहमद, श्री संदीप सिंह राणा एवं स्वयंसेवी उपस्थित रहे।