डारगी के नवनिर्मित नागराजा मन्दिर का भव्य कलश यात्रा के साथ लोकार्पण

डारगी के नवनिर्मित नागराजा मन्दिर का भव्य कलश यात्रा के साथ लोकार्पण
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मासों में उत्तम मास मार्गशीर्ष के महीने में आज ग्रामसभा डारगी के नवनिर्मित नागराजा के मन्दिर में वैदिक मंत्रोंञ्चार के साथ भगवान नागराजा की मूर्ति के साथ राधाकृष्ण, आशुतोष भगवान शंकर, शिवलिंग, शंकर के पञ्चमावतार भैरव देव, दुद्ध्या नृसिंह, भव भय हारक नृसिंह, नन्दी बैल और हनुमान जी की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा आचार्यवर जयप्रकाश बहुगुणा, अनुराग बहुगुणा व अंकेश उनियाल के कुशल मार्गदर्शन में शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखते हुए ग्राम वासियों की धार्मिक भावनाओं के अनुरूप सम्पूर्ण विधि से पूरित हुई।

[su_highlight background=”#091688″ color=”#ffffff”]सरहद का साक्षी @ आचार्य हर्षमणि बहुगुणा, रानीचौरी [/su_highlight]

तीन दिन चले इस कार्यक्रम का आयोजन ग्राम सभा डारगी के सुयोग्य नागरिकों सभी नेगी बन्धुओं, भट्ट बन्धुओं, अमोला बन्धुओं और गांव में रहने वाले अन्य लोगों की भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए ग्राम सभा की महिला प्रधान किरन नेगी, मन्दिर समिति के अध्यक्ष धन सिंह नेगी ने सहिष्णुता का परिचय देते हुए विगत वर्ष दिसम्बर में मन्दिर को नया आकार प्रकार देने की अभिलाषा से प्रारम्भ किया व कोरोना जैसी महामारी के व्यवधान के बाद भी एक वर्ष में मन्दिर का कार्य पूर्ण कर सबके अथक प्रयास से भव्यता की ओर ले जाकर सभी मूर्तियों को अपने अपने स्थान में स्थापित कर सम्पूर्ण क्षेत्र में चेतना का विगुल फूंका।

डारगी के नवनिर्मित नागराजा मन्दिर का भव्य कलश यात्रा के साथ लोकार्पण

अनुमान कुछ ज्यादा था पर ज्ञात हुआ कि मात्र बीस लाख रुपयों ने समाज को इस भव्यता के दर्शन करवाए। त्रिदिवसीय इस कार्यक्रम में टिहरी विधानसभा के भूतपूर्व विधायक विगत विधानसभा में कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै ने अपने सहयोगियों चम्बा विकास खण्ड के जेष्ठ उप प्रमुख  सञ्जय मैठाणी एवं सञ्जय रावत के साथ 30-11-2021 को मत्था टेक कर ग्राम सभा डारगी के सुयोग्य नागरिकों को वधाई दी।

[irp]प्राण प्रतिष्ठा के सुअवसर पर टिहरी के लोकप्रिय विधायक डॉ० धन सिंह नेगी, चम्बा विकास खण्ड की प्रमुख शिवानी बिष्ट एवं अन्य व्यक्तियों के साथ पदार्पण कर ग्राम सभा के इस पुनीत कार्य की भूरि भूरि प्रशंसा की। आज के ही दिन टिहरी विधानसभा के भूतपूर्व लोकप्रिय विधायक श्री किशोर उपाध्याय ने अपने सहयोगी राजेन्द्र प्रसाद डोभाल जी के साथ आकर भगवान नागराजा के गर्भगृह में शीश नवाया। खेमसिंह चौहान भूतपूर्व प्रमुख थौलधार, ठाकुर भवानी प्रताप सिंह, बागी मखलोगी के जिला पंचायत सदस्य श्री चौहान आदि गणमान्य व्यक्तियों ने सामाजिक सरोकार के इस पुनीत कार्य में अपना योगदान देते हुए प्रेरणा ग्रहण की।

डारगी के नवनिर्मित नागराजा मन्दिर का भव्य कलश यात्रा के साथ लोकार्पण

बहुत बड़ी आवश्यकता है कि आज जब हम ‘तब से लेकर जब से सरकार रास्तों को बनवाने हेतु धनराशि मुहैया करावा रही है सदैव रास्ते ही बनवाये जा रहे हैं, ‘अब जरुरत है इस तरह के पुनीत कार्य करवाने की जो समाज को आपस में जोड़ने का काम करते हैं। सबसे कठिन है समाज को जोड़ना, तोड़ना आसान है। हम यदि किसी व्यक्ति पर उपकार नहीं कर सकते हैं तो अपकार का अधिकार किसी ने नहीं दिया है। वैसे भी यह देव भूमि है, यहां के प्रत्येक पत्थर पर ईश्वर का अंश है।

[irp]यत्र तत्र हर स्थान में मठ और मन्दिरों की भरमार है, हर पर्वत की चोटी पर किसी न किसी देवी-देवता का वास है। नागराजा मन्दिर के विषयक हम जानते हैं कि शालिवाहन जिनके नाम पर राष्ट्रीय शक सम्वत चल रहा है/ प्रचलित है वह राजा नागवंशी थे, जिनका प्रमाण ईसवी की प्रथम शताब्दी के बाद का मिलता है,यही कारण है कि यहां हम नाग पूजा करते हैं, नाग भगवान शंकर के आभूषण भी हैं, इन पर्वतीय अंचलों में नागनाथ, पुष्कर नाग, लोदिया नाग, स्यूरिया नाग, भेंकल नाग, शेषनाग न जाने कितने नागराजा के मन्दिर है और हमारी आस्था के प्रतीक यह हमारे इष्ट देवता भी है शायद हर गांव में नागराजा की पूजा अर्चना होती है।

दूधारू गाय भैंस के दूध को तीन या पांच दिनों तक अपने प्रयोग में न कर (अस्ता) भगवान नागराजा के निमित्त अलग रखते हैं और उस दूध, दही, घी का प्रयोग भगवान की पूजा के लिए करते हैं यह है हमारी आस्था। आज आस्था के इस पवित्र मंजर को देख कर अतीत लौट आया और एक छोटे-से मण्डप से चल कर हमारी आस्था इस प्रकार के मन्दिर तक पहुंची। शनै: शनै: ईश्वर की कृपा हम पर होगी और हम परमार्थ के लिए अवश्य आगे बढ़ेंगे व राम लला की तरह हर आस्था की प्रतिमूर्ति को एक समुचित स्थान अवश्य देंगे। मैं भी अपनी ओर से सभी डारगी गांव के सम्मानित नागरिकों को वधाई देता हूं तथा इसलिए धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने अन्य ग्रामवासियों को भी जागृत किया है। (सबका योगदान सराहनीय है।)

उन्होंने यह मंत्र दिया – “कि केवल धनार्जन ही मानव का उद्देश्य नहीं है, मानव जीवन कुछ परोपकार के लिए भी है। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी इस सद्बुद्धि को सदैव इसी प्रकार बनाए रखेंगे।