शहीद नागेंद्र सकलानी स्मृति मेला सत्यौं: भव्य कार्यक्रम में लोक कलाकारों ने बांधी समा, पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान विधायक धनोल्टी रहे मुख्य अतिथि

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दो दिवसीय राजकीय बहुउद्देशीय शहीद नागेंद्र सकलानी स्मृति मेला का  विधिवत उद्घाटन किया गया। धनोल्टी विधायक  प्रीतम पंवार मुख्य अतिथि के रूप में मंचासीन रहे।

सरहद का साक्षी@रिपोर्ट:सोमवारी लाल सकलानी, निशांत, सत्यौं सकलाना

इसके अलावा वयोवृद्ध पत्रकार ,समाजसेवी, साहित्यकार श्री सोमवारी लाल उनियाल ‘प्रदीप’, उत्तराखंड पिछड़ा आयोग के मा.उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री) संजय नेगी विशिष्ट अतिथि के रूप में तथा पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती मीरा सकलानी तथा जिला नियोजन समिति के पूर्व सदस्य और जिला पंचायत श्री अखिलेश उनियाल हुए अतिथि के रूप में शामिल हुए।
सन 1948 से शहीद नागेंद्र सकलानी  स्मृति मेला सत्यों (सकलाना) में एक दिवसीय मेले के रूप मे आयोजन किया जाता रहा है। इस साल के मेले की खास विशेषता यह रही कि यह राजकीय बहुउद्देशीय मेले के रूप में घोषित किया गया। जिसकी विधिवत राजाज्ञां निकल चुकी है।दो दिवस तक यह मेला गतिमान रहेगा।
मेला समिति के अध्यक्ष श्री गंभीर सिंह नेगी, सचिव श्री कमलेश सकलानीऔर कोषाध्यक्ष श्री ऋषि भट्ट के अलावा प्रधान जाड़गांव  के प्रधान श्री अरविंद सकलानी के संयुक्त प्रयास से यह मेला राजकीय घोषित हो सका।
शहीद नागेंद्र सकलानी अटल आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज पुजार गांव (सत्यों )प्रांगण में सैकड़ों की तादाद में आज लोग उपस्थित थे। मुख्य अतिथि श्री प्रीतम पंवार ने कहा कि यथाशीघ्र सकलाना वासियों की राजकीय महाविद्यालय की मुराद भी पूर्ण की जाएगी और अगले सत्र में निश्चित रूप से महाविद्यालय संचालित होगा।कहा कि पिछली सरकार में आचार संहिता लग जाने के कारण राजकीय महाविद्यालय के लिए वित्तीय स्वीकृति प्राप्त नहीं हो सकी लेकिन वर्तमान सरकार इस मुद्दे पर संवेदनशील है और अवश्य मांग पूरी करेगी।
वरिष्ठ साहित्यकार और पूर्व प्रमुख वयोवृद्ध श्री सोमवारी लाल उनियाल ‘प्रदीप’ ने विस्तार से मेले के बारे में बताया और सात दशकों का पूरा वृतांत जनप्रतिनिधियों और जनता के सम्मुख रखा। उन्होंने सकलाना वासियों के द्वारा किए गए समय-समय पर कार्यों का भी उल्लेख किया। कहा कि मेला, मेल- मिलाप, मेलजोल के द्दौतक हैं और हमें सकलाना की समन्वय भावना का आदर करते हुए, इसे गतिमान रखना है।
अपने संबोधन में पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा प्रत्येक व्यक्ति मंच का सदुपयोग करता है और राजनीतिज्ञ लोगों को भी जब मंच प्रदान होता है तो उन्हें स्वस्थ राजनीति के द्वारा भरपूर उपयोग मंच का करना पड़ता है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य अखिलेश उनियाल ने समन्वय समिति स्थापित कर, मेले को और आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कहा कि मेला आने वाले समय में एक सप्ताह का होगा। ऐसा प्रयास किया जाएगा। कवि और साहित्यकार सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ ने अपनी कविताएं प्रस्तुत की। “लड़ी लड़ाई जिन वीरों ने, उनका न कोई खेवनहार” कविता को लोगों ने काफी पसंद किया।
जौनपुर जागृति लोक कला मंच, सरस्वती शिशु मंदिर मजगांव (सकलाना) भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राकेश उनियाल, लोक गायक नरेंद्र राठौड़, लोक कलाकार धनराज एंड पार्टी तथा अंजू नौटियाल के गीतों ने लोगों को मंत्रमुग्ध किया। बाल विकास और महिला सशक्तिकरण की ओर से महालक्ष्मी किट भी लाभार्थियों को प्रदान किए गए।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सकलाना के ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता, इंटर कॉलेज पुजार गांव के पीटीए अध्यक्ष, उप जिलाधिकारी धनोल्टी श्री लक्ष्मी राज चौहान, वी.डी.ओ. शकुंतला शाह, स्वर्गीय विशेश्वर दत्त सकलानी की धर्मपत्नी श्रीमती भगवती देवी आदि उपस्थित थे।
सरकार के सहयोग से तथा कुछ एन.जी.ओ. ने अपने स्टॉल मेले में लगाए हुए हैं जिससे लोगों ने इस बहुउद्देशीय मेले मे लाभ उठाया। मेला समिति के श्री अनुसूया प्रसाद उनियाल ने श्रीमद्भागवत गीता की टीका मुख्य अतिथि को भेंट की। भव्य मेले का आयोजन करने के लिए सभी लोगों ने आयोजन समिति का धन्यवाद किया और यथासंभव सहयोग देने की भी बात कही। देर रात तक लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां जारी रहेंगी। कल मेला मेले का दूसरा सत्र आरंभ होगा जो कि पूरे दिन भर चलेगा।

अद्भुत रहा कल का दिन !

अमर शहीद नागेंद्र सकलानी मेला के अवसर पर अपने गृह क्षेत्र सकलाना में कल का दिन बड़ा अद्भुत रहा। अपने ईष्ट देवता सदाशिव जी के सपत्नीक दर्शन किए। पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारी, कैप्टन अमरदेव भट्ट जी से मुलाकात हुई और शिक्षक तथा समाजसेवी वृक्ष मित्र डॉक्टर त्रिलोक सोनी जी से भी भेंट हुई।

शहीद नागेंद्र सकलानी स्मृति मेला सत्यौं: भव्य कार्यक्रम में लोक कलाकारों ने बांधी समा, पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान विधायक धनोल्टी रहे मुख्य अतिथियूं तो मेले के अवसर पर क्षेत्रवासियों, अपने पुराने छात्र- छात्राओं, सहपाठियों, बंधु बांधव और समाज में कुछ नया करने वाले लोगों से भी भेंट हुई, लेकिन सैनिक पुत्र होने के नाते कैप्टन अमरदेव भट्ट जी के पास बैठना भी किसी सौभाग्य से कम नहीं है। सेना से अवकाश प्राप्त करने के बाद कैप्टन भट्ट सामाजिक कार्यों में संलग्न है। लंबे समय तक उन्होंने सकलाना क्षेत्र में ही रहकर कार्य किया। न जाने किन परिस्थितियों के कारण उन्हें भी देहरादून उतरना पड़ा लेकिन फिर भी वह अपने गांव तथा क्षेत्र में सामाजिक कार्यों में संपर्क बनाए रखते हैं।

शिक्षक डॉ त्रिलोक सोनी वृक्ष मित्र हैं। पर्यावरण के प्रति सदैव संवेदनशील रहते हैं। एक ही विभाग, और मेरे ही गृह क्षेत्र में कार्यरत होने के बावजूद, डॉक्टर सोनी से प्रथम बार मुलाकात हुई। यूं तो दशकों से मैं उनके कृतित्व और व्यक्तित्व के बारे में रू-ब-रू हूं। हमारे से हेंवलवाणी सामुदायिक रेडियो में भी वह कई बार अपनी प्रस्तुति देते हैं। हर अच्छे कार्य और अनुष्ठान में वृक्षारोपण हैं और एक शिक्षक होने के साथ-साथ उनका ड्रेस कोड भी हरीतिमायुक्तश है। उनकी महान विलक्षणता को प्रदर्शित करता है। जहां आज अपने साथी ड्रेस कोड- वाइट शर्ट और ब्लू पैंट या वाइट शर्ट एंड ब्लैक पेंट पहनना पसंद नहीं करते हैं, वहीं डॉक्टर सोनी पर्यावरण के प्रति अलख जगाने के लिए हरित आवरण धारण किये हैं ,विद्यालय की चारदीवारी के अंदर और बाहर सेवाएं देते हैं। इसीलिए तो कहा जाता है कि महान पुरुष कारखानों में नहीं बनते हैं।

जो व्यक्ति असाधारण काम करते हैं उन्ही का नाम और सम्मान होता है और प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से उन्हीं से कुछ ना कुछ सीखा जाता है। मैं डॉ त्रिलोक सोनी की इस भावना की कद्र करता हूं और पर्यावरण के प्रति उनकी निष्ठा को नमन करता हूं।

जब नागेंद्र सकलानी मेले की बात हो और मैं अपने ही भाई कमलेश सकलानी को नजरअंदाज कर दूं तो यह मेरी भूल होगी। मैं जिन कार्यों को समाज में नहीं कर सका और न कर सकूंगा, वह कार्य मेरे छोटे भाई के द्वारा किए जा रहे हैं।मेरे लिए यह एक सुखद आभास है। एक अच्छे शिक्षक होने के साथ-साथ वह एक अच्छे सामाजिक व्यक्ति भी हैं। क्षेत्र में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं को संपन्न कराकर, विद्यालय और विद्यालय से बाहर सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आयोजित कर अनूठा प्रयास करते हैं। उम्र में छोटे होने के कारण न वह खुलकर मेरे साथ बात कर पाते हैं और बड़प्पन की भावना के कारण मैं भी छोटे भाइयों और बच्चों के साथ खुलकर के नहीं आ पाता हूं, यह मेरी कमजोरी है।

बरसों पहले कमलेश सकलानी ने नशे के विरुद्ध भी अभियान चलाया था। उस समय हमारे गांव के श्री गणेश सकलानी ग्राम पंचायत के प्रधान थे। उन्होंने शराब विरोधी अभियान को एक नई दिशा दी और विधिवत ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पास करावाया। जिससे सामूहिक शराब पीनेऔर पिलाने पर प्रतिबंध लगा। गांव के कम वित्तीय तबके का बहुत भला हुआ और सामाजिक डर के कारण लोगों ने सामूहिक शराब पीना और पिलाना बंद कर दिया। यह ओर व्यक्ति की बचत हुई तो दूसरी ओर एक नैतिक संस्कार भी उत्पन्न हुआ जो आज भी बरकरार है।

इसलिए आज की पोस्ट में मैं कैप्टन अमरदेव भट्ट, डॉ त्रिलोक सोनी और कमलेश सकलानी का यहां पर नामोल्लेख कर रहा हूं। इसके अलावा हर क्षेत्र में हमारे क्षेत्र में शख्सियत हैं। समय-समय पर उनका भी नाम उल्लेख करता रहूंगा। समय अभाव के कारण बस आज इतना ही।
( कवि कुटीर)
सुमन कॉलोनी चंबा, टिहरी गढ़वाल।