अंतर्राष्ट्रीय संस्थान “भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला” के अंतर्राष्ट्रीय मंच पर महाविद्यालय पोखरी के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर, हिंदी विभाग प्रभारी डॉ. राम भरोसे ने किया उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व

अंतर्राष्ट्रीय संस्थान “भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला” के अंतर्राष्ट्रीय मंच पर महाविद्यालय पोखरी के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर, हिंदी विभाग प्रभारी डॉ. राम भरोसे ने किया उत्तराखंड का प्रतिनिधत्व


 

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आज भारत के अंतर्राष्ट्रीय संस्थान “भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, राष्ट्रपति निवास, शिमला” के अंतरराष्ट्रीय मंच पर राजकीय महाविद्यालय पोखरी, टिहरी गढ़वाल के हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर, हिंदी विभाग प्रभारी डॉ. राम भरोसे को अपने राज्य उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला।

उन्होंने उत्तराखंड पत्रकारिता से गुजरते हुए उत्तराखंड की दलित पत्रकारिता विषय पर अपना विस्तृत व्याख्यान दिया, उनके व्याख्यान की अध्यक्षता भारत के जाने माने इतिहासकार प्रोफ़ेसर नंदजी राय द्वारा की गयी. और उनके इस व्याख्यान में भारत के अलग अलग विश्वविद्यालयों से आएँ बुद्धिजीवियों द्वारा इस व्याख्यान हेतु प्रतिभाग किया गया. जिनमे प्रबुद्ध इतिहासकार प्रो. जयराम सिंह, प्रो. राजेंद्र बड़गुजर, प्रो. हरदयाल सिंह, प्रो. रवि रंजन दिल्ली विश्वविद्यालय, डॉ. नितिन केरल विश्वविद्यालय, डॉ. कमलजीत दिल्ली यूनिवर्सिटी, प्रोफ़ेसर भाटिया आदि उपस्थित रहे, साथ ही इस व्याख्यान का देश-विदेश में सोशल मीडिया के माध्यम से भी ऑनलाइन प्रेषण किया गया।

उल्लेखनीय है कि डॉ० राम भरोसे को भारत के जाने-माने संस्थान “भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, राष्ट्रपति निवास शिमला” द्वारा एसोसियट फ़ेलो के रूप में चुना गया है, जिसके अंतर्गत उनको संस्थान में व्याख्यान हेतु शोध कार्य करने और व्याख्यान देने का अवसर प्रदान किया जाता है. यह हमारे राज्य उत्तराखंड हेतु गर्व करने की बात है।

भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. चमन लाल गुप्त जी ने भी डॉ. राम भरोसे को उनके व्याख्यान हेतु बधाई दी। डॉ. राम भरोसे जी से टेलीफ़ोन पर हुई वार्ता के क्रम में उन्होंने यह जानकारी सरहद का साक्षी  से साझा की और उन्होंने अपने महाविद्यालय परिवार के सहयोग हेतु तथा विशेषकर अपने महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफ़ेसर शशिबाला वर्मा का आभार व्यक्त किया। जिनके द्वारा डॉ. राम भरोसे को इस महत्वपूर्ण अवसर हेतु महाविद्यालय द्वारा अनुमति प्रदान की।

इस अवसर पर पोखरी महाविद्यालय स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। प्राचार्या सहित महाविद्यालय के पूरे परिवार और विद्यार्थियों ने उन्हें बधाइयाँ प्रेषित की, साथ उन्होंने यह भी बताया कि उनके द्वारा हाल ही में सम्पादित पुस्तक “ओमप्रकाश वाल्मीकि का साहित्यिक और सामाजिक अवदान” का भी विमोचन संस्थान के सचिव डॉ. प्रेमचंद जी द्वारा गत सप्ताह किया गया था।