नववर्ष मंगलमय सभी को

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[su_highlight background=”#091688″ color=”#ffffff”]सरहद का साक्षी@कवि:सोमवारी लाल सकलानी, निशांत।[/su_highlight]

नव वर्ष मंगलमय सभी को सुख शांति और समृद्धि मिले, वर्ष बाईस साल में सभी को, नव उन्नति नव खुशियां मिलें।
नव वर्ष के नूतन प्रहर में ,नव प्रेम नवरस नवजीवन मिले,
रोग दोष भय आतंक दुख का,नामो-निशान भव से मिटे।
नव वर्ष मंगलमय सभी को—–
बीस-इक्कीस वर्ष में जो,भयावह त्रासदी थी आयी गई,
लाखों करोड़ों जान जोखिम,महामारी थी कोरोना बड़ी।
मौत का मातम पसरा भयानक,हर शहर शहर संसार में,
नौकरी रोजगार धंधा मिटा चौपट,महामारी के काल में।
नव वर्ष मंगलमय सभी को—–
फिलहाल तो बच गई है दुनिया,जरूरत है अभियान की,
टीकाकरण दवा- दूरी भी जरुरी, स्वस्थ जीवन जान की।
सीखना सबको पड़ेगा! जीवन जीना कोरोना के साथ में,
संयम साबधानी सुरक्षा बरतना, है सभी आपके हाथ में।
नव वर्ष मंगलमय सभी को—-
नव वर्ष मंगलमय सभी को,सुख शांति और समृद्धि मिले,
आतंक भय डर अवसाद निराशा,नव वर्ष पल भर में हरे।
युवा वर्ग रोजगार पावें, सबको सम्मानजनक रोटी  मिले,
शासन प्रशासन व्यवस्था,विधियुक्त संगत व्यवस्थित रहे।
नव वर्ष मंगलमय सभी को——