गबरसिंह वीसी मेला चम्बाः तीन दिवसीय भव्य कार्यक्रमों के साथ आज होगा सम्पन्न

गबरसिंह वीसी मेला चम्बाः तीन दिवसीय भव्य कार्यक्रमों के साथ आज होगा सम्पन्न
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अक्टूबर 1913 को लैन्सीडौन में गढ़वाल रेजीमेंट की 2/39वीं बटालियन में बतौर राइफल मैन भर्ती होने के उपरान्त 20 वर्ष की अल्पायु में 10 मार्च 1915 को अदम्य शौर्य प्रदर्शनोपरान्त शहीद प्रथम विश्व युद्ध के महानायक गबरसिंह वीसी की स्मृति में प्राचीननाम भेंकळीऐंच, चमुआखाल वर्तमान चम्बा में मनाया जाने वाला शौर्य मेला आज तीन दिवसीय कार्यक्रमों के साथ सम्पन्न हो जायेगा।
चमुआखाल में अमर सेनानी गबरसिंह वीसी के स्मारक की स्थापना दिसम्बर 1925 में की गई थी। तभी से उनकी याद में प्रतिवर्ष बैसाख मास की 8 प्रविष्टा अर्थात् 20-21 अप्रैल को मेले का आयोजन किया जाता रहा है। आरम्भिक दौर में इस मेले के अवसर पर स्थानीय युवाओं की प्राथमिकता के आधार पर सेना में भर्ती भी की जाती थी, मगर कुछ वर्षों उपरान्त स्थानीय युवकों की सेना में भर्ती का सिलसिला टूटता गया।

मेले के अवसर पर वर्तमान पुलिस लाईन एवं तत्कालीन एसएसबी कैम्प चम्बा में सेना द्वारा पूर्व सैनिक, सैनिक विधवाओं एवं आश्रितों के लिए विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते थे। विजय चौक स्थित वीसी स्मारक पर रीथलिंग परेड के साथ श्रद्धांजलि दी जाती थी। सेना के गढ़वाली बैण्ड की धुन के साथ रीथलिंग परेड को देखने के लिए दूरदराज के हजारों लोगों की भीड़ चम्बा चौराहे एवं आस-पास के भवनों की छतों पर एकत्र हुआ करती थीं। स्थिति यहां तक पहुंच जाती थी, कि लोगों को सड़कों तथा भवनों के छतों पर खड़े होने की जगह भी नहीं मिल पाती थी। तत्समय की अपेक्षा आज स्थिति भिन्न है। राजनेताओं की घोषणाओं के बाबजूद भी इस मेले को राजकीय मेले का दर्जा अभी तक नहीं मिल पाया। यह सबसे अधिक चिन्तनीय पहलू है। इन्हीं शब्दों के साथ महानायक अमर शहीद गबरसिंह वीसी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं आयोजकों को शुभकामनाओं के साथ ढेर सारी बधाइयां।

  • केदार सिंह चौहान ‘प्रवर’