जिलाधिकारी गढ़वाल के प्रयासों से विगत 10 वर्षों में जनपद क्षेत्र अंतर्गत हुई सड़क दुर्घटनाओं का जीआईएस मैप तैयार

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जिलाधिकारी गढ़वाल के प्रयासों से विगत 10 वर्षों में जनपद क्षेत्र अंतर्गत हुई सड़क दुर्घटनाओं का जीआईएस मैप तैयार

सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित मोटर मार्गो व संवेदनशील स्थलों की निगरानी व सुरक्षा इंतजाम करने में होगी आसानी

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए 10 वर्षों की इस केस स्टडी को शासन को किया जाएगा प्रेषित, दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए रोड मैप तैयार करने में होगी आसानी

दुर्घटनाओं की दृष्टि से ब्लैक स्पॉट सिरौबगड़ व चमधार में यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए शीघ्र तैयार किया जाएगा कंटेनर युक्त ऑफिस कक्ष

पौड़ी: जिलाधिकारी गढ़वाल के प्रयासों से विगत 10 वर्षों में जनपद पौड़ी क्षेत्र अंतर्गत हुई सड़क दुर्घटनाओं का जीआईएस मैप तैयार व दुर्घटनाओं की केस स्ट्डी प्रस्तुत की गयी। जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने कलक्ट्रेट स्थिति एनआईसी कक्ष में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली।

बैठक में सभी उप-जिलाधिकारियों को एक माह में सरकारी व गैर सरकारी वाहनों की ड्रंक एण्ड ड्राईविंग के कम से कम 50 चालान करने का लक्ष्य गया। माह जून में ड्रंक एण्ड ड्राईविंग के मात्र 06 चालान पर सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी अनीता चंद का स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

शुक्रवार को आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी के निर्देशो के अनुपालन में लोनिवि द्वारा वर्ष 2013 से लेकर जून 2023 तक जनपद में हुई सड़क दुर्घटनाओं पर एक जीआईएस मैप व दुर्घटनाओं की केस स्ट्डी प्रस्तुत की गयी। जिसमें दस वर्षो में कुल 202 दुर्घटनाओं में 186 यात्रियों की मृत्यु व 639 यात्रियों का घायल होना सामने आया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्घटनाओं पर काबू पाने व संवेदनशील स्थलों पर निगरानी के लिए जीआईएस मैप एक प्रभावी व कारगर टूल है। कहा कि इन 10 वर्षो में हुई दुर्घटनाओं से सम्बन्धित केस स्टडी रिर्पोट शासन को भेजी जायेगी।

जिलाधिकारी ने राजस्व, पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे सांय 06 से 09 बजे तक सड़कों पर अपनी उपस्थिति बढ़ाकर मोटर व्हीकल एक्ट का उलंघन करने वालों पर सख्त चालानी कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होने उप-जिलाधिकारी श्रीनगर व कोटद्वार को निर्देश दिये कि दुर्घटनाओं की दृष्ठि से संवेदनशील स्थानों पर सचेतक बोर्ड लगवाना सुनिश्चित करें।

कहा कि सचेतक बोर्ड में उस स्पॉट पर हुई दुर्घनाओं व मृतकों की संख्या को अनिवार्य रुप से दर्शाया जाय ताकि सड़क से गुजरने वाले प्रत्येक ड्रईवर को मनोवैज्ञानिक तौर पर जागरुक/सचेत किया जा सके। इसके अलावा उन्होने श्रीनगर क्षेत्रांतर्गत ब्लैक स्पॉट सिरौबगड़ व चमधार पर यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही हेतु कन्टेनर युक्त ऑफिस कक्ष तैयार करने के निर्देश एसडीएम श्रीनगर को दिये हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने बताया कि माह जून में जी-20 व कांवड़ ड्यूटी के कारण पुलिस विभाग द्वारा एमवी एक्ट के तहत की जाने वाली कार्यवाही में कमी आयी है। कहा कि चालानी कार्यवाही में 15 दिन के भीतर पुनः प्रगति लायी जायेगी।

बैठक में अधीक्षण अभियन्ता लोक निर्माण विभाग पी0एस0 बृजवाल, अधिशासी अभियन्ता लोनिवि डीपी नौटियाल, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी अनीता चंद, ईओ नगर पालिका परिषद पौड़ी गौरव भसीन के अलावा सभी उप-जिलाधिकारी ऑन लाईन माध्यम से बैठक में जुडे़ थे।

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