जिला स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा बैठक: जिला फायर प्लान में 1204.06 लाख रूपये की कार्ययोजना का अनुमोदन

जिला स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा बैठक: जिला फायर प्लान में 1204.06 लाख रूपये की कार्ययोजना का अनुमोदन
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जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल इवा आशीष श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में जिला स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वनाग्नि रोकने के लिए जिला स्तर पर जिला फायर प्लान में रूपये 1204.06 लाख की कार्ययोजना का अनुमोदन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति के द्वारा किया गया।

[su_highlight background=”#880e09″ color=”#ffffff”]सरहद का साक्षी, नई टिहरी [/su_highlight]

जिलाधिकारी श्रीमती श्रीवास्तव ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाग्नि सुरक्षा हेतु उपकरण एवं वाहन की मांग का विवरण उपलब्ध करा दें, जैसे ही धनराशि प्राप्त होगी उपलब्ध करा दी जायेगी। साथ ही टेण्डर की प्रक्रिया करना भी सुनिश्चित कर लें। उन्होंने कहा कि जिन सिविल एरिया एवं वन पंचायत में वनाग्नि की घटना घटित नहीं होगी, वहां के जनप्रतिनिधियों, प्रधान, वन पंचायत एवं वन विभाग के फिल्ड कर्मचारियों को 15 अगस्त, 2022 को सम्मानित किया जायेगा। उन्होंने फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इण्डिया की वेबसाइट पर एफएसआई फायर अलर्ट में अधिक से अधिक रजिस्ट्रेशन करवाने के निर्देश दिये ताकि वनाग्नि की घटनाओं पर तुरन्त कार्यवाही की जा सके। कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से ग्राम स्तर पर भी जन जागरूकता कार्यशाला आयोजित कर एफएसआई फायर अलर्ट में लोगों को जोड़ना सुनिश्चित करें। उन्होंने राजस्व, आपदा, पुलिस, चिकित्सा, यातायात, अग्निशमन, लोक निर्माण विभाग, दूर संचार, विद्युत आदि विभागों को वनाग्नि की रोकथाम हेतु वृहद् स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये।
प्रभागीय वनाधिकारी वी.के. सिंह ने पीपीटी के माध्यम से प्रभागवार वन क्षेत्र, रेंजवार वन क्षेत्र, वनाग्नि दुर्घटनाओं के कारण, विगत वर्षो की अग्नि दुर्घटनाएं, वनाग्नि प्रबन्धन, नियमति एवं नियंत्रित दाहन कार्य आदि की जानकारी दी गई। उन्हांेने बताया कि सामान्यतः प्रतिवर्ष वनाग्नि माह 15 फरवरी से 15 जून अथवा नियमित वर्षा प्रारम्भ होने तक रहता है तथा बहुमूल्य वन सम्पदा, वन्य जीव एवं अमूल्य पर्यावरणी क्षति करता है। साथ ही ग्राम, वन पंचायत तथा विद्यालय स्तर पर गोष्ठि, रैलजी तथा नुक्कड़ नाटक आदि से प्रचार-प्रसार किया जायेगा। वन एवं अग्नि सुरक्षा के महत्व से संबंधित पोस्टर स्लोगन तथा अखबारों में वनाग्नि अपील के माध्यम से प्रचार-प्रसार भी किया जायेगा। बताया कि इसके आलाव रेंजों में वनाग्नि से पूर्व तथा मध्य एक निश्चित अवधि के अन्तराल में कू्र स्टेशनवार अधिक से अधिक मॉक ड्रिल भी किया जायेगा।
जनपद केे अन्तर्गत एक मास्टर कन्ट्रोल रूम टिहरी वन प्रभाग नई टिहरी में स्थापित किया गया है, जिसका नम्बर 7078209400 एवं 01376-232077 है। इसी प्रकार प्रत्येक वन प्रभाग के प्रत्येक रेंज में रेंज कन्ट्रोल रूम होगा, जिसमें सूचना तंत्र सक्रिया रहेगा। जनपद में 176 क्रू स्टेशन स्थापित किये गये हैं, जिसमें टिहरी वन प्रभाग में 48, नरेन्द्रनगर वन प्रभाग में 69, मसूरी वन प्रभाग में 22, टिहरी डैम वन प्रभाग प्रथम नई टिहरी 23, टिहरी डैम वन प्रभग द्वितीय 08 तथा भूमि संरक्षण वन प्रभाग में 06 कू्र स्टेशन है। इन कू्र स्टेशनों में वनाग्निकाल में कर्मचारी व फायर वॉचर द्वारा नियमित फायर ड्रिल की जायेगी तथा वनाग्नि दुर्घटना होने पर सक्रियाता से नियंत्रण कार्य करेंगें।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी नरेन्द्रनगर राजीव धीमान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय जैन, एएसपी राजन सिंह, डीडीओ सुनील कुमार, एसडीओ मसूरी वन प्रभाग सुभाष चन्द्र वर्मा, जिला युवा कल्याण अधिकारी पंकज तिवारी, डीडीएमओ बृजेश भट्ट, एएई जल संस्थान प्रवीन ममगांई, एई जल संस्थान गिरीश सेमवाल, फायर सर्विस अनिल कुमार, नजाकल अली सहित संबंधित अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।