धर्म/संस्कृति Archives - सरहद का साक्षी
मकर संक्रान्ति का महत्व

प्रस्तुति: डा. प्रवीन जोशी भगवान सूर्य के धनु राशि से अपने पुत्र एवं मकर राशि के स्वामी शनि के घर पर संक्रमण के पर्व को मकर संक्रान्ति के रूप में मनाया जाता है | ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान भास्कर अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर जाते हैं। इसी दिन से सूर्य दक्षिणायण से उत्तरायण होने लगते हैं शात्रों में  दक्षिणायण को देवताओं की रात्रि अर्थात् नकारात्मकता का प्रतीक और उत्तरायण को देवताओं का दिन…

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हमें क्यों कैसे तथा क्या जैसे तर्क वितर्क करके ही किसी बात पर विश्वास करना चाहिए: डॉ. खर्कवाल

अल्मोड़ा:   हमें क्यों कैसे तथा क्या जैसे तर्क वितर्क करके ही किसी बात पर विश्वास करना चाहिए। ये बात बालप्रहरी तथा बाल साहित्य संस्थान अल्मोड़ा द्वारा आयोजित 61वें वेबीनार में मुख्य अतिथि पुरातत्वविद् डॉ. जीवनसिंह खर्कवाल निदेशक साहित्य संस्थान जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ उदयपुर, राजस्थान ने ऑनलाइन त्वरित भाषण के मुख्य अतिथि बतौर बच्चों से कही। उन्होंने कहा कि रात को झाडू क्यों नहीं लगाना चाहिए, किसी निश्चित दिन ही निश्चित दिशा की यात्रा की जानी चाहिए या…

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दंदेली में हो रहा है श्रीमद्भागवत् कथा ज्ञान यज्ञ का दिव्य आयोजन

नकोट, टिहरी गढ़वाल। मखलोगी प्रखण्ड के ग्राम दंदेली में आजकल श्रीमद्भागवत् कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। देखें विडियो:  इस सप्ताह ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास पूज्य श्री विशालमणी जी भगवत् कथा वाचन कर रहे हैं। ग्राम दंदेली निवासी स्व. श्री विद्या दत्त बैलवाल जी के वार्षिक श्राद्धोपलक्ष पर श्रीमद्भागवत् कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन उनकी सहधर्मिणी रामरखी बैलवाल एवं उनके सुपुत्रों श्री राजेश बैलवाल, मुकेश प्रसाद बैलवाल एवं टीकाराम बैलवाल द्वारा अपने पितृदेवताओं के…

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चौंकाने वाली है “त्वमेव माता च पिता त्वमेव” श्लोक के तात्पर्य की गम्भीरता
chaunkaane vaalee hai “tvamev maata ch pita tvamev” shlok kee gambheerata

प्रस्तुति: हर्षमणि बहुगुणा, त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव। त्वमेव विद्या  द्रविणं त्वमेव, त्वमेव सर्वम् मम देवदेवं।।  “यह श्लोक तो सब को याद है, परन्तु अर्थ की गम्भीरता समझें तो चौंकाने वाली है।” सरल-सा अर्थ है-  ‘हे भगवान! तुम्हीं माता हो, तुम्हीं पिता, तुम्हीं बंधु, तुम्हीं सखा हो। तुम्हीं विद्या हो, तुम्हीं द्रव्य, तुम्हीं सब कुछ हो। तुम ही मेरे देवता हो।’ अतः भगवान से प्रार्थना है कि — मूकं करोति वाचालं पंगुं  लंघयते गिरिम् ।…

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जानिए! कब आ रहा है इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण
जानिए! कब आ रहा है इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse)  2020:  इस वर्ष 2020 के दिसंबर महीने में आखिरी सूर्य ग्रहण (Last Solar Eclipse of 2020) होगा। 14 दिसंबर 2020 को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण (Last Solar Eclipse of 2020) पड़ेगा। यह सूर्य ग्रहण लगभग 5 घंटे तक चलेगा। यह सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर को शाम 07 बजकर 03 मिनट पर शुरू होगा और 15 दिसंबर की मध्यरात्रि 12:23 बजे खत्म हो जाएगा। आइए! आपको बताते हैं कि शास्त्रों के अनुसार सूर्य ग्रहण के…

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दीपावली मिलन पर सीएम को दी शुभकामनायें

देहरादून: मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री आवास में दीपावली मिलन के अवसर पर आईएएस, आईपीएस एवं आईएफएस अधिकारियों ने धनतेरस एवं दीपावली की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने भी सभी अधिकारियों को धनतेरस व दीपावली की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, श्रीमती मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव श्री आनन्द वर्धन, पुलिस महानिदेशक श्री अनिल कुमार रतूड़ी, डीजी लॉ एण्ड ऑर्डर श्री अशोक कुमार, प्रमुख वन संरक्षक श्रीमती रंजना…

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घण्टाकर्ण धाम में तीन दिवसीय पूजा व यज्ञ हजारों भक्तों की उपस्थिति में शुरू

 रिपोर्टः डी.पी. उनियाल, गजाः नव निर्मित घण्टाकर्ण मन्दिर घंडियाल डांडा मे हजारों भक्तों की उपस्थिति मे देवता के पश्वा व ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार के साथ गर्भ गृह की पूजा व देवता की स्थापना के साथ आरम्भ हुआ । इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, देबप्रयाग के विधायक विनोद कण्डारी, नरेन्द्र नगर के पूर्ब विधायक ओमगोपाल रावत, नगर पंचायत गजा की अध्यक्ष मीना खाती सहित मन्दिर समिति के पदाधिकारी विजय प्रकाश विजल्वाण, बीर सिंह रावत, बुद्दि सिंह रावत, अशोक…

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धनतेरस आज सायं छः बजे तक है

प्रस्तुतिः हर्षमणि बहुगुणा, आज धनतेरस सायं छः बजे तक है, उसके बाद नरक चतुर्दशी है। सायं छः बजे से पूर्व यम की प्रसन्नता के लिए दक्षिणाभिमुखी दीपक जलाकर यह मंत्र पढ़ें। *मृत्युना पाशहस्तेन कालेन भार्यया सह* । *त्रयोदश्यां दीपदानात्सूर्यज: प्रीयतामिति* ।। फिर रात्रि में नरक चतुर्दशी को मनाने के लिए यम के चौदह नामों से तीन तीन अंजलि जल दान करने से वर्ष भर के पाप नष्ट होते हैं । या अपने लोकाचार के अनुसार पूजन – जप आदि…

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घंटाकर्ण धाम के लिए चारों धामों से जल व मिट्टी लेकर भक्तों का दल गजा से रवाना

रिपोर्ट: दिनेश प्रसाद उनियाल गजा, टिहरी गढ़वाल: घंटाकर्ण  धाम क्वीली में  नव निर्मित मन्दिर के लिए गर्भ गृह की पूजा व यज्ञ के लिए उत्तराखंड के गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ धामों से जल व मिट्टी लाकर गजा मन्दिर में  रखी गई थी। घंडियाल देवता के निशान भी ऋषिकेश त्रिवेणी घाट से स्नान कराने के बाद गजा में  विराजमान थे। आज मंगलवार को गजा से घंडियाल देवता व धामों से लायी गयी मिट्टी व जल घंडियाल धाम के लिए प्रस्थान…

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घंटाकर्ण मंदिर में 12 नवम्बर को होगी गर्भ गृह कि पूजा, सरकार के माननीय भी आयेंगे

रिपोर्ट: नरेन्द्र बिजल्वाण गजा: नरेन्द्रनगर के क्वीली, पालकोट, धारअक्रिया, दोगी, धमान्द्स्युं  छ:  पट्टियों के मध्य ऊँचें शैल शिखर के मध्य घन्ड़ियाल डाडा क्वीली पट्टी में सुप्रसिद्ध घण्टाकर्ण  भगवान के दर्शनों के लिए बारहों महीने हजारों भक्त मन्दिर में पहुचते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से घण्टाकर्ण भगवान के दर्शन मात्र से भक्त जनों  की मन्नतें पूर्ण हो जाती हैं।  मन्दिर की व्यवस्था के लिये मन्दिर समिति का गठन किया गया था। मन्दिर समिति की देख-रेख में  इन दिनों…

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