विधानसभा चुनाव 2022ः नरेन्द्रनगर- कमल पर भारी पड़ सकता है हाथ, ओम गोपाल को हल्के में लेना भाजपा के लिए साबित होगी टेढ़ी खीर 

विधानसभा चुनाव 2022ः नरेन्द्रनगर- कमल पर भारी पड़ सकता है हाथ, ओम गोपाल को हल्के में लेना भाजपा के लिए साबित होगी टेढ़ी खीर 
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टिहरी जिले की हॉट सीट बन चुकी नरेन्द्रनगर विधानसभा सीट पर भाजपा के कमल निशान पर हाथ पंजा भारी पड़ सकता है। इस क्षेत्र के मतदाता का कांग्रेस प्रत्याशी ओम गोपाल सहानुभूमि वोट बटोरने को आमादा है।

[su_highlight background=”#880e09″ color=”#ffffff”]सरहद का साक्षी, नई टिहरी[/su_highlight]

इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी सुबोध उनियाल हालांकि विकास पुरुष के तौर पर जाने जाते हैं और उन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के विकास को चरम पर पहुंचाया है। मगर यह भी गौरकरणीय है कि ओम गोपाल एक बार पहले भी UKD प्रत्याशी के रूप में सुबोध उनियाल को मात दे चुके हैं। हालांकि तत्समय सुबोध उनियाल राष्ट्रीय दल कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में थे। तथापि ओम गोपाल ने क्षेत्र के मतदाताओं से सहानुभूमि हासिल कर UKD प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी। इस बार ओम गोपाल भारतीय जनता पार्टी से टिकट की मांग कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान पार्टी में रहकर क्षेत्र में पार्टी के लिए कार्य भी किया। लेकिन ऐन चुनाव के बक्त उन्होंने टिकट न मिलने पर भाजपा से किनारा कर दिया और कांग्रेस से टिकट हासिल कर चुनाव मैदान में आ गए।

ओम गोपाल यदि निर्दलीय भी इस सीट से चुनाव लड़ते तो फिर भी उन्हें सहानुभूमि वोट प्राप्त होता, लेकिन निर्दलीय के रूप में उन्हें कांग्रेस कैडर वोट का लाभ नहीं मिल पाता और भाजपा प्रत्याशी सुबोध उनियाल के लिए यह सीट आसान हो जाती। लेकिन कांग्रेस ने ओम गोपाल को टिकट देकर नरेन्द्रनगर विधानसभा सीट को हॉट सीट बना दिया है। सत्ता के लिए उत्सुक कांग्रेस का आम कार्यकर्ता जहां एक ओर ओम गोपाल के लिए जी-जान से चुनाव प्रचार में जुटा है। वहीं क्षेत्र के युवा वर्ग का भी ओम गोपाल को अच्छा समर्थन हासिल हो रहा है।
कांग्रेस प्रत्याशी ओम गोपाल के लिए नरेन्द्रनगर क्षेत्र के नागरिकों में उनके मधुर एवं सौम्य व्यवहार, माता-बहनों, बुजुर्गों में सहानुभूमि सबसे बड़ा लाभकारी साबित हो रहा है। उनके हुजूम में कार्यकर्ता स्वयं के धन बल पर जुड़ रहे हैं। ओम गोपाल के पास हालांकि धन बल का अभाव है तथापि जन बल से ओम गोपाल क्षेत्र में लगातार मजबूती हासिल कर रहे हैं।

भाजपा प्रत्याशी सुबोध उनियाल के पास भाजपा कैडर कार्यकर्ताओं व समर्थकों की कमी नहीं है। उनकी सुमारी अच्छे व विकासशील प्रतिनिधियों में की जाती है। लेकिन ओम गोपाल का कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर उनकी राह में रोड़ा बनना, उनके लिए लोहे के चने चबाने जैसी स्थिति पैदा कर सकता है।

खैर यह तो समय ही बता पायेगा कि भाजपा के तेज तर्रार प्रत्याशी सुबोध उनियाल कांग्रेस उम्मीदवार ओम गोपाल को अपने कुशल राजनीतिक दांव पेंचों से कितना संघर्ष करने को मजबूर कर पाते हैं। यह भविष्य के आगोश में है, फिर भी कांग्रेस प्रत्याशी ओम गोपाल को हल्के में लेना भाजपा उम्मीदवार के लिए टेढ़ी खीर ही साबित होगा।