आफत-ए-बरसात: चंबा सुमन कॉलोनी में नव निर्मित दीवार ढ़ई

आफत-ए-बरसात: चंबा सुमन कॉलोनी में नव निर्मित दीवार ढ़ई

रिपोर्ट: कवि: सोमवारी लाल सकलानी, निशांत

 सरहद का साक्षी, चम्बा 

नगर क्षेत्र चंबा की सुमन कॉलोनी वार्ड नंबर -1 में मानसून की पहली बरसात से ही नवनिर्मित दीवार ढह गई। जिसके कारण कॉलोनी में अफरा-तफरी को माहौल रहा। गनीमत है कि वर्षा रुक गई वरना मकानों को खतरा उत्पन्न हो गया था।
चंबा नगर पालिका क्षेत्र मिट्टी के टीलों पर बसे होने के कारण तथा शहर मे बरसाती पानी की समुचित निकासी न होने के कारण यहां निर्मित मकानों का भविष्य भी सुरक्षित नहीं है। ईश्वर न करे कभी भूकंप का झटका आ जाए तो पूरा शहर भर भरा करके जमीन पर आ जाएगा। छतो के पानी की निकासी, लेट्रिन पिटों के पानी की निकासी तथा प्रतिदिन प्रयुक्त होने वाले पानी की निकासी का कोई प्रबंधन शहर में नहीं है।
लोगों ने अपनी सुविधानुसार तथा मनचाहे ढंग से भवनों का निर्माण किया है जो कि अभी भी गतिमान है। साथ ही अतिक्रमण भी इसमें कम नहीं है । कच्ची जमीन पर लोगों के मकान बन रहे हैं जिसके कारण स्वरुप अतिवृष्टि, भूकंप , मानसून आदि के समय कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
कार्मेल से लेकर सुमन कॉलोनी क्षेत्र के रास्तों, सड़क छतों का पानी सुमन कालोनी के ऊपर थोड़ा जाता है, जिसके कारण अनेक जगह पर भू कटाव हो चुका है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
कुछ वर्ष पूर्व मसूरी रोड के पानी से तल्ला हडम गांव की खेत खलियान मकान आदित क्षतिग्रस्त हो गए थे। पुरानी टिहरी रोड पर भी शहर में निकासी पानी के द्वारा क्षण गांव और गुल्डी के अधिकांश खेत खलियान प्रभावित हुए तथा एक मकान तो धरासू रोड पर गिलास के रूप में एक मंजिल नीचे बैठ गया था।
स्थानीय निवासी भी कम दोषी नहीं हैं । अपने तथाकथित हित के लिए सार्वजनिक स्थानों को क्षति पहुंचा रहे हैं। मसूरी रोड पर अनियोजित कटाव किसी बड़ी दुर्घटना की ओर संकेत कर रहा है।
मानसून के समय प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क रहना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी क्षेत्र, जीवन के लिए सब को आगे आना होगा और निहित स्वार्थों को छोड़ कर के सुनियोजित विकास की ओर अग्रसित होना होगा । अकेले न नगर पालिका परिषद कुछ कर पाएगी, न सरकार ही कुछ कर पाएगी और न आम आदमी ही कुछ कर पाएगा। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह निहित स्वार्थ की जगह सार्वजनिक हितों पर ध्यान दे तभी प्रशासन भी मदद कर सकता है।

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