महाविद्यालय देवप्रयाग में विश्व पर्यावरण दिवस पर विविध कार्यक्रमों सहित ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित

महाविद्यालय देवप्रयाग में विश्व पर्यावरण दिवस पर विविध कार्यक्रमों सहित ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित

सरहद का साक्षी,

देवप्रयाग: राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवी द्वारा अपने गांव व क्षेत्रों में वृक्षारोपण के साथ “कोविड-19 एवं करोना को हराना है, हमें वैक्सीन लगाना है” नारे के साथ साथ जनसंपर्क कर वैक्सीनेशन लगाने के प्रति लोगों को जागरूक किया।

जल संरक्षण हेतु किया चाल-खाल व चेक डैम का निर्माण

वन्य जीव संस्थान देहरादून राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई देवप्रयाग के संयुक्त तत्वाधान से कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करते हुए देवप्रयाग में दशराचंल पर्वत पर जल संरक्षण हेतु चाल-खाल, चेक डैम का निर्माण स्वयंसेवियों द्वारा किया गया, जिसमें वन्यजीव संस्थान के गंगा पहरी  पूर्व स्वयंसेवी श्री अरविंद  और पूर्व स्वयंसेवी ग्राम प्रधान तुणगी श्री अरविंद सिंह, ग्राम प्रधान भदनी श्री मुकेश  का विशेष सहयोग रहा।

चाल - खाल और चेक डैम का निर्माण करते एनएसएस स्वयंसेवी

पर्यावरण पर कोविड-19 महामारी का प्रभाव* विषय पर ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ शांति प्रकाश सती एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ अशोक कुमार मेंदोला द्वारा स्वयंसेवीयो को अपने गांव क्षेत्र में वृक्षारोपण का आह्वान किया गया था, जिसमें छात्र-छात्राओं को पेड़ लगाकर व्हाट्सएप पर फोटो अपलोड करनी थी, इसके अंतर्गत 139 स्वयंसेवी ने अपनी वृक्षारोपण करते हुए फोटो भेजी पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित ऑनलाइन निबंध प्रतियोगिता *पर्यावरण पर कोविड-19 महामारी का प्रभाव* का आयोजन किया गया।

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान  नवीन  कुमार द्वितीय स्थान कुमारी रश्मि और संयुक्त रूप से तृतीय स्थान कुमारी राधा एवं आस्था भट्ट ने प्राप्त किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो सती ने अपने ऑनलाइन संदेश में कहा: पर्यावरण पर आज के समय में बढ़ते संकट को लेकर पर्यावरण विद बेहद चिंतित हैं, समय-समय पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करते रहते हैं। जिस गति से प्रकृति का दोहन होता जा रहा है, यह चिंता का विषय है। हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने होंगे विश्व पर्यावरण दिवस पर यहां प्रतिज्ञा लेनी होगी।

प्राचार्य द्वारा अंत में निबंध प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागियों को परिस्थिति सामान्य होने पर पुरस्कृत करने को कहा गया। उनके द्वारा अपने आवास में फलदार वृक्ष का रोपण किया गया।  डॉ मीनाक्षी राणा ने टिहरी, डॉक्टर सोनिया ने लक्सर, डॉ अर्चना ने ऋषिकेश में, डॉ दिनेश कुमार ने पिथौरागढ़ में वृक्षारोपण किया।

कार्यक्रम अधिकारी डॉ अशोक कुमार मेंदोला ने अपने संबोधन में कहा इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम *पारिस्थितिकी तंत्र बहाली* है इसके तहत पेड़ लगा कर या पर्यावरण की रक्षा कर प्रदूषण के बढ़ते स्तर को कम करना और इकोसिस्टम पर बढ़ते दबाव को कम करना है आज फसलों में केमिकल का बेजा इस्तेमाल हुआ है, इसी कारण आज भूमि प्रदूषण का शिकार हो रही है, जिससे अनेक नई बीमारियां मानव को प्रभावित कर रही है, इसको रोकने के साथ ही अगर पर्यावरण को जीवित रखना है तो समस्त समाज को जल प्रबंध और उपयोगिता सीखनी होगी।

जल है तो कल है की जगह जल है तो प्रकृति है अब ज्यादा उचित लगेगा हमें वापस पेड़-पौधों कि और आना होगा। अधिक से अधिक हरियाली लगानी होगी। वर्तमान समय की कोविड-19 महामारी मानव द्वारा प्राकृतिक के छेड़छाड़ का परिणाम है। लॉकडाउन के कारण जलवायु भूमि ध्वनि प्रदूषण में कमी आई जो सीधे दर्शाता है कि मानव द्वारा ही पृथ्वी पर प्रदूषण फैलाया जाता है। अब समय आ गया है अगर मानव अपना अस्तित्व बचाना चाहता है तो उसे पर्यावरण संरक्षण करना होगा। विश्व पर्यावरण दिवस की सार्थकता भी तभी है जब मानव  प्रत्येक दिन जल जंगल और जमीन के लिए काम करें।

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