लोक कल्याण और सहयोग को समर्पित हैं माता मंगला जी और भोले जी महाराज

लोक कल्याण और सहयोग को समर्पित हैं माता मंगला जी और भोले जी महाराज

हंस फाउंडेशन के अधिष्ठाता माता मंगला जी और भोले जी महाराज: फाइल फोटो

सरहद का साक्षी @कवि : सोमवारी लाल सकलानी, निशांत

हंस फाउंडेशन के अध्यक्ष परम आदरणीय माता मंगला जी और भोले जी महाराज अधिष्ठाता हैं। पर्वतीय क्षेत्रों के अलावा संपूर्ण भारत वर्ष तथा विश्व के अनेक स्थलों में सेवा और समर्पण के रूप में आपका नाम प्रख्यात है। मजबूर, लाचार, निर्धन, बीमार, दिव्यांग तथा समय की मार झेलने वाले लाखों लोगों को उबारने में मंगला माता और उनके पति भोले जी महाराज का हाथ है।

द हंस फाउंडेशन के द्वारा यूं तो हर क्षेत्र में सेवा करना उनका मिशन है, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों से एक भावनात्मक लगाव होने के कारण आपका कार्य अनूठा और उल्लेखनीय है। केदारनाथ आपदा के समय फाउंडेशन की ओर से सौ करोड़ तथा उत्तराखंड के गांवो  के विकास के लिए पांच सौ करोड़ रुपए का बजट आपने दिया था।

21 अप्रैल 2018 को  विक्टोरिया क्रॉस गबर सिंह मेला समिति के द्वारा आप को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। भोले जी महाराज और मंगला माता जी 2018 में चंबा में वी सी गबर सिंह नेगी मेले में उपस्थित हुए थे और उसी दिन उन्होंने मन बनाया होगा कि क्षेत्र के विकास के लिए भी कुछ किया जाए।

यूं तो मंगला माता जी और भोले जी महाराज को मैं उनके कार्यों के द्वारा वर्षों से जानता हूं। मां सुरकंडा देवी मेले में जो की गंगा दशहरा के अवसर पर कद्दूखाल- सुरकंडा में आयोजित किया जाता है,इस अवसर पर  आपके चिकित्सकीय कैंप वहां पर गतिमान रहे हैं। दिन रात जरूरतमंदों की सेवा करना उनको वरना आपका लक्ष्य रहा है ।

मंगला माता जी ने कोरोना काल में अकेले चंबा में सैकड़ों मेडिकल किट प्रदान किए जिनसे असंख्य लोगों को लाभ मिला। वीसी गबर सिंह मेला समिति  तथा विकास खंड के माध्यम से यह चिकित्सकीय उपकरण वितरित किए गए हैं। इस किट में  ऑक्सीमीटर थर्मामीटर, मास्क,  सैनिटाइजर आदि रखे थे। बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों को बांटे गए। अभी हाल में ही द हंस फाउंडेशन के द्वारा वी सी गबर सिंह मेला समिति के माध्यम से  चंबा में जरूरतमंदों के लिए 500 किट राशन के उपलब्ध करवाए गए जिनकी अनुमानित लागत प्रतिकिट हजार रुपए से कम नहीं है और  जिसमें आटा, चावल ,दाल, तेल, मसाला, साबुत जीरा, निरमा, डिटर्जेंट और बिम्बबार आदि सम्मिलित हैं, वितरित करवाए जा रहें हैं।

द हंस फाउंडेशन के द्वारा वी सी गबर सिंह मेला समिति के माध्यम से  चंबा में जरूरतमंदों के लिए 500 किट राशन के उपलब्ध करवाए गए जिनकी अनुमानित लागत प्रतिकिट हजार रुपए से कम नहीं है और  जिसमें आटा, चावल ,दाल, तेल, मसाला, साबुत जीरा, निरमा ,डिटर्जेंट और बिम्ब बार आदि सम्मिलित हैं, वितरित करवाए जा रहें हैं।

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वी सी गबर सिंह नेगी मेला समिति के अध्यक्ष एवम पूर्व सैनिक संगठन के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान संरक्षक श्री इंद्र सिंह नेगी तथा अध्यक्ष श्री देव सिंह पुंडीर  ने इस कार्य की  भूरी भूरी प्रशंसा की है। मेला समिति के सदस्य होने के नाते द हंस फाऊंडेशन और मंगला माता जी के द्वारा किए गए इस प्रकार के कार्यों से मैं आत्म विभोर हूं।  साहित्यकार होने के नाते सदा ही उनके इन नेक कार्यों के बारे में लिखता रहा हूं । अपनी कविताओं के माध्यम से प्रस्तुत करता रहा हूं।

    उल्लेखनीय है कि मंगला माता जी हमारे टिहरी जनपद की मूल निवासी हैं और ग्राम पांगरखाल, नई टिहरी के नजदीक, सारजूला पट्टी में, शौर्य चक्र से सम्मानित मातबर सिंह सजवान जी की पुत्री हैं। देशभक्ति और जन सेवा का जज्बा उनमें जन्मजात है।

बाल्यकाल से ही मंगला माताजी परिश्रमी रही हैं और पर्वतीय क्षेत्र की महिलाओं की दुर्दशा, असाध्य बीमारियों, शोषण आदि के कारण उनके मन की पीड़ा उन्हें बेचैन करती रही। उसे दूर जाने का उनका संकल्प रहा जो बखूबी वे निभा रहीं हैं। एक मिशन के रूप में उन्होंने उसे दूर करने का व्रत लिया ।

जब उनका विवाह धर्मनिरपेक्ष परिवार के श्री भोले जी महाराज के साथ हुआ, तो उन्होंने धर्म ध्वजा को आगे फहराने के साथ-साथ जनकल्याण के कार्यों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया और एक महान विदुषी महिला के रूप में उनका नाम और सम्मान बढ़ता गया।  राजनीति से दूर द हंस फाउंडेशन हमेशा ही जनहित, देशभक्ति ,समाज सेवा के कार्य में लगा हुआ रहता है। धर्म, जाति ,संप्रदाय से परे धार्मिक सहिष्णुता की मिसाल लिए, मां गंगा की निर्मल धारा के समान द हंस फाउंडेशन के कार्य गतिमान है।

हंस फाउंडेशन तथा श्री हंस करुणा स्वास्थ्य परियोजना एवं श्री हंस लोक कल्याण समिति के द्वारा यह मिशन कार्य कर रहा है। उत्तराखंड के अनेक स्थानों पर आपके बड़े बड़े अस्पताल बनाए हैं जिसमें ओपीडी, एक्स-रे और पैथोलॉजी लैब आदि की सेवाएं दी जाती हैं। हजारों रोगियों को द हंस फाउंडेशन मदद कर रहा है। केदारनाथ आपदा के साथ उत्तराखंड के गांवों के विकास के लिए फाउंडेशन ने बहुत बड़ी सेवा की है। करोड़ों रुपए ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए उन्होंने निर्गत किए हैं।

मंगला माता जी के निर्देशन में उत्तराखंड में अनेक शिक्षण संस्थान चल रहे हैं। अनेक परियोजनाओं में आप शिरकत करती हैं। बच्चों के विद्यालय, जनजाति की बालिकाओं के विकास के लिए विद्यालय तथा गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा और उदीयमान छात्रों को छात्रवृत्ति की व्यवस्था आपके फाउंडेशन के द्वारा की जाती रही है। द हंस फाउंडेशन की ओर से देश के अनेक क्षेत्रों में योगदान दिया गया। आपके द्वारा अमदाबाद में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था का भी शुभारंभ किया गया था। इसके संचालन के लिए श्री हंस फाउंडेशन ने  करोड़ों रुपयों की मदद दी थी।

मंगला माता जी मजबूर लोगों की यथाशक्ति सहायता करती है और महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वास्थ्य के लिए वह दिन रात एक किए हुए हैं। निशुल्क इलाज की सुविधाएं प्रदान करती हैं। उन्हीं के तर्ज पर  मंगला माता जी और भोले महाराज की सुपुत्री , हंस फाउंडेशन की को – फाउंडर भी हैं , श्वेता रावत भी पूर्ण रूप से पहाड़ों के विकास के लिए समर्पित हैं ।

कोरोना महामारी के इस दौर मे आप व्यक्ति, समाज, संगठनों तथा सरकार तक का सहयोग कर रही हैं। द हंस फाउंडेशन की ओर से एंबुलेंस सेवाएं, ड्राइवर, गाड़ी का खर्चा आदि सब वहां किए जा रहें है।  शासन को भी एंबुलेंस गाड़ियां प्रदान की हैं।अमर शहीदों के नाम द्वार बनाए जा रहें हैं। प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार भी प्रदान करवाया जा रहा है।

मंगला माता जी और भोले जी महाराज को प्रणाम करते हुए, उनकी दिव्य शक्ति को नमन करते हुए, उनके समाज उपयोगी कार्यों की सराहना करते हुए, उनके उत्तराखंड में विशिष्ट योगदान के लिए, सादर प्रणाम करता हूं। वे शतायु हों और  इसी प्रकार से देवभूमि ही नहीं बल्कि देश और विदेश के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए अपने हाथ सदा बढ़ाते रहेंगे। उन्हें आलौकिक शक्ति भी प्रदान प्राप्त है।

वी सी गब्बर सिंह मेला समिति जो कि बरसों से चंबा में  विक्टोरिया क्रॉस गब्बर सिंह नेगी के स्मरण दिवस पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन करती आई है, जिसमें कई जन-प्रतिनिधियों, क्षेत्रीय जनता, मंजूड गांव, नगरपालिका चंबा का भी सहयोग रहता है तथा शुरुआती दौर में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ई.रतन सिंह गुणसोला जी का बहुत सहयोग रहा है, इसी अनुक्रम मे एक और बड़ा नाम जुड़ गया है, द हंस फाउंडेशन की आदरणीय मंगला माता जी का। जिनसे क्षेत्रवासियों की बड़ी अपेक्षाएं हैं। एक बार पुन: प्रणाम।

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