विकासखंड नरेंद्रनगर की कोविड-19 ग्राम निगरानी समितियों के अध्यक्षों/ग्राम प्रधानों के साथ डीएम की गूगल मीट बैठक संपन्न

सरहद का साक्षी,

नई टिहरी: कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम साथ पांचवें दिन *जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव* की अद्यक्षता में विकासखंड नरेंद्रनगर के ग्राम प्रधानों के साथ गूगल मीट के माध्यम से बैठक सम्पन्न हुई।

विकासखंड नरेंद्रनगर की कोविड-19 ग्राम निगरानी समितियों के अध्यक्षों/ग्राम प्रधानों के साथ डीएम कीगूगल मीट बैठक संपन्न

ग्राम पंचायत स्तर पर गठित निगरानी समितियों के दायित्वों/उद्देश्यों के बारे में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी कहा समिति का पहला दायित्व बाहरी राज्यों से अपने घर लौट रहे प्रवासियों को ग्राम स्तर पर बनाये गए कोरेन्टीन केंद्र में 7 दिवस की अवधि तक रखा जाना एवं देख-रेख करना है। इसके पीछे के तर्क यह है कि कोरोना वायरस लगातार अपने स्वरूप से परिवर्तन (म्युटेशन) ला रहा है, जिस कारण बाहरी राज्यो से आने वाले व्यक्तियों के माध्यम से इस मियूटेट वायरस फैलने/प्रसार की प्रबल संभावना बनी रहती है, इन्ही संभावनाओं के दृष्तिगत ग्राम स्तर पर प्रवासियों के कोरेन्टीन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा उन्होंने लक्षणयुक्त व्यक्तियों को दवा की किटों के वितरण, साफ-सफाई, कोरेन्टीन केंद्रों में व्यक्तियों की देखरेख के संबंध में भी प्रधानगणों को विस्तृत जानकारी दी।

इसके अलावा उन्होंने बी०एल०ओ० के माध्यम से परिवारों को आइवर मेक्टिन के वितरण को लेकर भी अहम जानकारी दी कहा कि शीघ्र ही मास प्रोफिलेक्सिस ट्रीटमेंट के तहत इस दवा का वितरण शुरू किया जाएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आइवर मेक्टिन कोविड-19 का कोई रामबाण इलाज नहीं है बल्कि यह संक्रमण की क्षमता को धीमा/कम करने का एक साधन है। कहा कि कोरोना से संक्रमण का खतरा भी टाला नही है इसलिए सभी जनपदवासियों को मास्क, सामाजिक दूरी, किसी भी समारोहों/आयोजनों से दूर रहने की आवश्यकता है।

इसके अलावा जिलाधिकारी ने कोरोना के लक्षणयुक्त व्यक्तियों को चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार ही कोई दवाई लेने की सलाह दी है। कहा कि यदि किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण परिलक्षित होते है तो वे प्राथमिकता से कोविड टेस्ट कराते हुए शासन द्वारा जारी/निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप उपचार करवाएं।

बैठक में प्रधानगणों द्वारा कुछ ग्रामीण कोरेन्टीन केंद्रों के सुदृढ़ीकरण को लेकर जानकारी चाही गयी जिसपर जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे कोरेन्टीन केंद्रों में आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए तहसील स्तर पर पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है इसके बावजूद भी यदि और अधिक धनराशि की आवश्यकता पड़ती तो कोरेन्टीन केंद्र से संबंधित ऐसे कार्य का आगणन तत्काल तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश उप जिलाधिकारियों दिए गए है।

वहीं उन्होंने प्रधानगणों के कोविड-19 टीकाकरण को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के जनप्रतिनिधी नजदीकी टीकाकरण केंद्र पर जाकर कभी भी वैक्सीन लगवा सकते है जबकि 18 से 44 वर्ष के प्रधानगणों को सूचीबद्ध करने के लिए विकासखण्ड कार्यालयों द्वारा एक प्रारूप उपलब्ध कराया गया है। प्रधानगणों से प्रारूप प्राप्त होते ही उनको सूचीबद्ध कर टीकाकरण की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।

जिलाधिकारी ने गांव में कोविड के लक्षण युक्त व्यक्तियों के लिए निगरानी समितियों को दवाओं की 50-50 किटें शीघ्र ही उपलब्ध कराए जाने की बात कही, जो कि समिति की सदस्य आशा कार्यकत्री के पास उपलब्ध रहेगी।

इसके अलावा *मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक रुहेला* ने निगरानी समिति के अध्यक्षो/प्रधानों को समिति के अपेक्षित दायित्वों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में संबंधित उप जिलाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, प्रभारी चिकित्सधिकारी, खंड विकास अधिकारी के अलावा 45 से अधिक प्रधानगणों ने प्रतिभाग किया।

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