मानसून काल में जीवन रेखा से जुड़े विभाग अपने-अपने संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनायें रखें: मयूर दीक्षित

सरहद का साक्षी,

उत्तरकाशी: आगामी मानसून काल में जिले में सम्भावित अतिवृष्टि, भूस्खलन, बाढ, नदी का जल स्तर बढ़नेे जैसी आपदा की घटनाओं को रोके जाने और घटना के बाद बचाव एंव अन्य कार्य किए जाने की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुयी। यमुनावैली से बैठक में उप जिलाधिकारी पुरोला सोहन सैनी, बड़कोट चतर सिंह चौहान एंव प्रभागीय वनाधिकारी वर्चुअल जुडे़े रहें।

मानसून काल में जीवन रेखा से जुड़े विभाग अपने-अपने संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनायें रखें: मयूर दीक्षित

जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून काल में पर्याप्त संसाधनों की जरूरत होती हैं इसलिए जीवन रेखा से जुड़े विभाग अपने-अपने संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनायें रखेगें। सड़क से जुड़े विभागों को निर्देशित किया गया कि चिन्ह्ति संवेदनशील व भूस्खलन वाले डेंजर जोन पर मशीनरी के साथ मानव संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। ताकि सड़क खोलने का कार्य तेजी के साथ किया जा सके।

अधीक्षण अभियंता लोनिवि द्वारा अवगत कराया गया कि मानसून सीजन से निपटने के लिए विभाग के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद है। वर्तमान में 16 जेसीबी,पाॅकलैंड आदि के साथ ही 169 मानव संसाधन हैं। जबकि जरूरत पड़ने पर 11 मशीनों को आउटसोर्स से लेने की विभाग द्वारा तैयारी की गई हैं।

जिलाधिकारी ने बीआरओ व एनएच को भी राष्ट्रीय राजमार्ग के बाधित होने पर तत्काल आवागमन हेतु सुचारू करने पर पर्याप्त संसाधन मौजूद रखने के निर्देश दिए हैं। निर्माण कार्यो के दौरान व डेंजर जोन पर जहां पहाड़ी से सड़क पर पत्थर गिरने का खतरा बना रहता हैं वहां बोर्ड लगाने के निर्देश कार्यदायी संस्थाओं को दिए।

दुर्घटना सम्भावित क्षेत्र का चिन्हिकरण कर रोकथाम हेतु सुरक्षात्मक उपाय करने को कहा। मानसून काल में ग्रामीणों को राशन, घरेलू गैस आदि की कमी न हो इस हेतु अग्रिम रसद पहुंचाने के निर्देश जिला पूर्ति अधिकारी को दिए। पेट्रोल पंपों में ईधन की पर्याप्त उपलब्धता बनायें रखने को कहा।

मानसून काल में विद्युत आपूर्ति व पेयजल को लेकर पर्याप्त संसाधन की उपलब्धता बनाये रखने के निर्देश ईई विद्युत व जल संस्थान को दिए। नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों को नगर क्षेत्र की नालियों, नालों की साफ-सफाई करने के निर्देश दिए। ताकि मानसून काल में सड़क व रास्तों में जलभराव की स्थिति पैदा न हो सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून काल में हैली सेवा लेने की भी जरूरत पड़ सकती हैं। इस हेतु जनपद के सभी अस्थाई हैलीपैड को भी सक्रिय करने के निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, मेजर बीआरओ अवनीश शर्मा, अधीक्षण अभियंता लोनिवि अनिरूद्ध भंडारी, सीएमओ डा.डीपी जोशी, अपर जिलाधिकारी तीरथपाल सिंह, उप जिलाधिकारी देवेन्द्र नेगी, आकाश जोशी, ईई जल संस्थान बीएस डोगरा, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी देवेन्द्र पटवाल उपस्थित थे।

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