42 कोरोना संक्रमितों का कंटेन्मेंट जोन गांव छाती, विधायक ने दिए राशन किट व किशोर ने दी जीवन रक्षक दवा, प्रशासन गांव को लेकर बेसुध

15 दिन में एक बार भी कीटनाशी छिड़काव नहीं और न ही आयी स्वास्थ्य जांच टीम

नकोट गांव से लिए एक सौ RT PCR सेम्पल

सरहद का साक्षी,

नकोट, टिहरी गढ़वालः गत 05 मई को मखलोगी प्रखण्ड के छाती गांव में कोरोना के आरटी पीसीआर सेम्पल लिए गए थे। कुछ सेम्पल 07 मई को भी लिए गए। सेम्पलों की रिपोर्ट आने पर गांव में 42 कोरोना पाॅजिटिव पाये गए। जो सेम्पलिंग के दिन से ही आइसोलेशन में हैं। पूरे आधे माह का समय बीत जाने के बाद भी इस गांव में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के किसी कारिन्दे ने आना मुनासिब नहीं समझा और तीन दर्जन से अधिक कोरोना संक्रमितों को भगवान भरोसे छोड़ दिया।

42 कोरोना संक्रमितों का कंटेन्मेंट जोन गांव छाती, विधायक ने दिए राशन किट व किशोर ने दी जीवन रक्षक दवा, प्रशासन गांव को लेकर बेसुध

संक्रमण काल के इस बीच केवल कोविड कंट्रोल रूम से कुछ फोन आते रहे, जिन्हें वस्तुस्थिति से अवगत भी कराया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। 08 मई को गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर सील कर दिया गया। प्रशासन का जो भी कारिन्दा आया हो, वह केवल सड़क तक सीमित रहा। सड़क पर से ही फोटो खींचकर मीडिया में प्रचारित होता रहा है।

15 दिन में एक बार भी नहीं किया गया गांव का सेनिटाइजेशन

सेम्पलिंग के बाद 14 दिन से अधिक का समय हो चुका है, मगर इस बीच गांव में कोई भी स्वास्थ्य टीम नहीं आयी और न ही प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा बार-बार प्रचारित किया जा रहा है कि कंटेनमेंट जोन क्षेत्रों की उचित देखभाल व कोरोना संक्रमितों की उचित देखभाल की जाय।

सील किया गया छाती गाँव का मुख्य द्वार

यहां तक इस इस कंटेनमेंट जोन गांव में सेम्पलिंग के बाद एक दिन भी कीटनाशी दवाओं का छिड़काव व सेनिटाइजेशन नहीं किया गया, जबकि ग्राम पंचायतों को फण्डिंग की व्यवस्था भी सरकार द्वारा की गई है। निगरानी समितियों को भी जिम्मा दिया गया है और उन्हें ही कोरोना को हराने की अहम भूमिका बतायी जा रही है। जिले के मुखिया भी गूगल मीट से ग्राम प्रधानों से सम्पर्क साध रहे हैं। जिसका खूब प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, लेकिन वस्तुस्थिति से प्रशासन भी अनजान लगता है, जिससे शासन की घोषणायें हवा-हवाई प्रतीत होती हैं।

यदि छाती गांव वाली स्थिति अन्य कंटेनमेंट जोन गांव व क्षेत्रों की होगी तो उस क्षेत्र के पीड़ितों को बचाने वाला केवल ऊपर वाला ही हो सकता है। समाचारों में आ रहा है कि फलां अधिकारी द्वारा फलां कंटेनमेंट जोन घोषित गांव में जाकर संक्रमितों को हाल-चाल पूछा गया, लेकिन केवल छाती गांव को क्यों बिसराया गया। जबकि मखलोगी प्रखण्ड का छाती गांव जिला मुख्यालय से करीबन 26 किलोमीटर की दूरी पर है।

गजा तहसील अन्तर्गत राजस्व पुलिस उप निरीक्षक एवं राजस्व निरीक्षकों द्वारा गांव-गांव जाकर लोगों को जागृत करने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है, लेकिन मखलोगी प्रखण्ड के दो राजस्व क्षेत्रों को केवल एक राजस्व उप निरीक्षक के भरोसे छोड़ा गया है। गांवों को कंटेन्मेंट जोन बनाकर मुख्य द्वारों पर होमगार्ड तो तैनात किए गए हैं, लेकिन यह नहीं सोचा गया कि घरों के अन्दर आइसोलेट कोरोना संक्रमितों के लिए रोजमर्रा की वस्तुओं की आवश्यकता भी है कि नहीं?

15 दिन बाद भी नहीं हो पायी री-सेम्पलिंग

आधे माह का समय बीत चुका है। पुनः सेम्पलिंग भी अभी तक नहीं हो पायी। गांव के कोरोना पाॅजिटिव कंटेन्मेंट जोन से मुक्त होने को बेताब हैं, लेकिन आज तक भी प्रशासन इस गांव को लेकर बेसुध प्रतीत होता है। ग्राम प्रधान से लेकर आशा, आंगनबाड़ी तक मौन साधे अपना उल्लू सीधा करने में जुटे प्रतीत हो रहे हैं। संक्रमित ग्रामीण री-सेम्पलिंग का इन्तजार कर रहे हैं। ताकि उनकी आरटी पीसीआर जांच रिपोर्ट समय पर आये और वे आइसोलेशन से मुक्त हो सकें अथवा अपना उचित उपचार करवा सकें।

वर्तमान विधायक डॉ. नेगी ने दिए गांव को 27 राशन किट

पिछली 15 मई को क्षेत्रीय विधायक डॉ. धन सिंह नेगी गांव के कोरोना संक्रमित 27 परिवारों को राशन किट प्रदान कर उपकृत किया। विधायक द्वारा फोन से भी लोगों का हाल-चाल जाना गया। किसी भी समस्या के लिए उन्होंने लोगों को सीधे उनसे सम्पर्क करने को कहा। विधायक नेगी ने कहा कि यदि किसी भी ग्रामीण व कोरोना पाॅजिटिव व्यक्ति को कोई परेशान होती है तो वे सीधे उनसे फोन पर सम्पर्क कर सकते हैं, उनकी हर समस्या का यथासंभव अतिशीघ्र समाधान किया जाएगा।वर्तमान विधायक डॉ. नेगी ने दिए गांव को 27 राशन किट

राशन किट वितरण के दौरान क्षेत्रीय विधायक के साथ क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना धनोला, तुंगोली के भाजपा नेता जगवीर रावत आदि लोग मौजूद थे। छाती गांव में राशन किट क्षेत्रीय विधायक द्वारा ग्राम प्रधान विनोद कुमार के हाथों वितरित करवाये गये। इस कार्य के लिए ग्रामवासियों ने क्षेत्रीय विधायक का आभार प्रकट किया है।

वर्तमान विधायक डॉ. नेगी ने दिए गांव को 27 राशन किट

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उपाध्याय ने मखलोगी क्षेत्र में बांटे मास्क व दवाई

आज दोपहर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं टिहरी क्षेत्र से विधायक रहे किशोर उपाध्याय ने मखलोगी क्षेत्र के गांवों का दौरा कर कोरोना पाॅजिटिव लोगों का हाल-चाल पूछा। उन्होंने कंटेनमेंट जोन गांव छाती समेत फैगुल, जगेठी आदि कई गांवों में ग्रामीणों को मास्क, सेनिटाइजर व जीवन रक्षक दवाईयां वितरित की।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उपाध्याय ने मखलोगी क्षेत्र में बांटे मास्क व दवाई

उन्होंने ग्रामीणों का आह्वान किया कि यदि किसी भी व्यक्ति को दवा एवं अन्य राहत सामग्री की आवश्यकता है तो वे निःसंकोच उनसे सम्पर्क कर सकते हैं, उनकी हर समस्या का अतिशीघ्र समाधान किए जाने का प्रयास किया जाएगा।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उपाध्याय ने मखलोगी क्षेत्र में बांटे मास्क व दवाई

उन्होंने बच्चों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में बच्चों के स्पेशिलिस्ट चिकित्सकों का अभाव है, इसलिए हमें बच्चों के संक्रमण को रोकने के लिए मनोवैज्ञानिक तरीके से उनकी सहायता करनी चाहिए। ताकि कोई हतोत्साहित न हो और उन्हें हर-संभव उपचार प्राप्त हो सके। इस दौरान उनके साथ दरमियान सिंह धनोला, संजय सिंह चौहान समेत कई कांग्रेस जन मौजूद थे।

नकोट गांव से लिए एक सौ RT PCR सेम्पल

RT PCR टेस्टिंग के तहत आज ग्राम सभा नकोट मे 100 लोगों ने अपनी कोविड सैंपल टेस्टिंग करवाई हांलाकि यह टेस्टिंग और ऊपर जाती, यदि टेस्टिंग किट अधिक होती एंव निर्धारित समय और स्थान की जानकारी पूर्व मे मिल जाती।

नकोट गांव से लिए एक सौ RT PCR सेम्पल

खैर जिन भी अनिश्चितताओं अव्यवस्थाओं मे RT PCR टीम और स्वास्थ्यकर्मी से कहीं ज्यादा जनसेवा के रूप में काम करने वाले नकोट अस्पताल के श्री रामप्रकाश भट्ट ने 10 मिनट पूर्व सूचना देकर इस कार्यक्रम को सार्थक एवं सफल बनाया, उसके लिए सभी लोगों की तरफ से हार्दिक धन्यवाद। हालांकि आज इस महामारी ने विस्फोटक रूप ले लिया है लेकिन अब भी अगर हम सब लोग जिम्मेदारी के साथ कोविड नियमों का अनुशासन के रूप में अनुपालन करें तो निश्चित तौर पर हम स्वयं के जीवन को बचाने के साथ साथ दूसरों का जीवन भी बचा सकते हैं।

महामारी की इस विपदा भरी घडी में कुछ माननीय जिस तरह से लोगों की भावनाओं और जरूरत के साथ सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार का दुरभाग्यपूर्ण खेल खेल रहे हैं, बहुत ही निंदनीय है। आप लोग अंदाजा लगा सकते हैं, जब लाख रूपये का काम करने वाला आदमी अठन्नी का काम करके उसे अपनी उपलब्धि के रूप में प्रचारित करेगा तो अव्यवस्थायें तो होंगी ही।

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