गहरा सदमा ले गया विनोद भाई को …!

सरहद का साक्षी: महिपाल नेगी,

नई टिहरी: इकलौते पुत्र और अनुज के चले जाने से टूट चुके थे विनोद भाई। कोरोना से तो ठीक हो रहे थे, लेकिन भोजन नहीं लेे रहे थे। शायद गहरा सदमा लगा था।

गहरा सदमा ले गया विनोद भाई को ...!
टिहरी के प्रतापनगर ब्लॉक की भदूरा पट्टी के पोखरी गांव के प्रतिष्ठित पोखरियाल परिवार के तीसरे सदस्य को कोरोना ने छीन लिया।
अप्रैल में सबसे पहले 26 वर्षीय बेटा ऋषभ और फिर अनुज अशोक।
अशोक का पिछले कुछ समय से दिल्ली एम्स से अन्य बीमारी का इलाज चल रहा था, उनके साथ बड़े भाई विनोद और भतीजे ऋषभ का दिल्ली आना जाना हुआ। इसी दौरान तीनो कोरोना संक्रमित हो गए।
अप्रैल में 26 वर्षीय इकलौता पुत्र सबसे पहले चला गया और फिर अनुज अशोक। अशोक चार्टेड अकाउंटेंट था। टिहरी कैंपस में बी काम, एम कॉम की पढ़ाई के दौरान वालीबॉल के बढ़िया खिलाड़ी भी रहे।
विनोद और अशोक के साथ बीच वाले भाई प्रदीप ने छोटी उम्र में ही पिता का कारोबार संभाल लिया था। पिता खुशहाल सिंह पोखरियाल कांग्रेस के नेता थे, 1990 के दशक में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भी रहे। पुराने खांटी कांग्रेसियों की तरह सबके सुख दुख बांटने वाले। विरोधियों से भी स्नेह करने वाले। मैं तब अमर उजाला का रिपोर्टर था। हमेशा उनके घर और कार्यालय में भीड़ – भाड़ देखी।
कुछ साल पहले पिता के निधन के बाद विनोद, प्रदीप और अशोक ने कारोबार संभाल लिया था। खास बात ये कि अनेक युवाओं को इन्होंने रोजगार दिया। साथ ही पिता की तरह हर सुख दुख में समाज के साथ खड़े रहते। राजनीति में ज्यादा सक्रिय नहीं हुए। चाहते तो अच्छी और सक्षम बैकग्राउंड थी।
टिहरी में कई उद्यमों की शुरुआत शायद इसी पोखरियाल परिवार ने की। जैसे सबसे पहले कम्प्य़ूटर मैंने शायद इन्हीं के कार्यालय में देखा। नई टिहरी में छोटी गाड़ियों की सर्विसिंग एजेंसी भी शायद यही लेकर आए थे, शायद टाटा की थी। दूर दराज तक कैरोसिन, डीजल पेट्रोल सप्लाई की एजेंसी भी। टिहरी, ऋषिकेश, देहरादून में अच्छा कारोबार।
बड़े कारोबारी, लेकिन प्रदीप भाई को मैंने अक्सर टैंकर खुद ड्राइव करते देखा।
प्रदीप भाई के कंधों पर अब परिवार और कारोबार की जिम्मेदारी आ गई। सबका ध्यान और खयाल रखना प्रदीप भाई ………….
संवेदना।
(इसी दौरान इन्हीं के परिवार में दो और निकट परिजन भी कोरोना से विदा हो गए। ऋषिकेश में उमेद सिंह पोखरियाल जी के 30 वर्षीय पुत्र और टिहरी के चमियाला में कारोबारी 48 वर्षीय पूरण सिंह पोखरियाल। सभी के परिजनों के प्रति पुनः संवेदना)

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