बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा द्वारा यू कास्ट के सौजन्य से आयोजित बच्चों की लेखन कार्यशाला शुरू

भीमताल (नैनीताल)। राजकीय इंटर कॉलेज नौकुचियाताल में बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा द्वारा यू कास्ट के सौजन्य से आयोजित बच्चों की पांच दिवसीय लेखन कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कालेज के प्रधानाचार्य श्री गोपाल स्वरूप कोहली ने कहा विज्ञान की खोजों के फलस्वरूप आज मानव चांद व सौरमंडल के दूसरे ग्रहों की खोज निरंतर कर रहा है।

विज्ञान की खोजों के चलते मोबाइल फोन व इंटरनेट से हम जहाँ समूची दुनिया से जुड़े हैं वहीं मोबाइल की लत से हम अपने घर परिवार से दूर होते जा रहे हैं। वैज्ञानिक शोधों से जहां हमने कई बीमारियों पर नियंत्रण पा लिया है वहीं अल्ट्रासाउंड मशीन के दुरुपयोग से भ्रूण हत्या जैसी नई समस्या हम सबके लिए एक चुनौती बनी है।

उन्होंने विज्ञान का उपयोग जन कल्याण के लिए किए जाने पर बल दिया। लेखन कार्यशाला के स्थानीय संयोजक व संस्था के विज्ञान शिक्षक श्री प्रदीप जोशी ने कहा कि विज्ञान ने हमारे दैनिक जीवन को काफी आरामदायक बना दिया है। उन्होंने बच्चों से कहा कि हमें अपने दैनिक जीवन में किसी भी पाठ को रटने के बजाय चिंतन मनन करते हुए क्या, क्यों, कैसे जैसे सवाल करने की क्षमता बढ़ानी होगी। बालप्रहरी के संपादक तथा बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा के सचिव उदय किरौला ने कार्यशाला की अवधारणा रखते हुए कहा कि बच्चों के लेखन कौशल को विकसित करने तथा उन्हें लोक विज्ञान से जोड़ते हुए प्रत्येक बच्चे की एक हस्तलिखित पुस्तक तैयार की जाएगी। बच्चों की काव्य गोष्ठी होगी जिसकी अध्यक्षता व संचालन बच्चे करेंगे।

कार्यशाला की शुरुआत ‘ज्ञान का दीया जलाने’ समूह गीत से हुई। बच्चों के अध्यक्ष मंडल में गौरव मंडल, रागिनी व भावना को शामिल किया गया। आज संपन्न नाम लेखन प्रतियोगिता, शब्द लेखन प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता तथा मेरा परिचय लेखन प्रतियोगिता में मुस्कान बाल्मीकि, नीरज, भावना जोशी, शाहिफ अली को पुरस्कार में बालसाहित्य दिया गया। बच्चों ने हस्तलिखित पुस्तक के लिए मेरा परिचय, मेरा गांव तथा मेरा विद्यालय आलेख लिखे।

कविता सत्र में आज सारे बच्चों ने अपनी-अपनी याद की कविता सुनाई। बाद में पूछा गया कि इसे कविता क्यों कहा जाता है? बच्चों ने कविता में तुक, लय, भाव व शीर्षक जैसे तत्व होने की बात कही। अगले चरण में बच्चों ने समूह में कविता तैयार की। दूसरे चरण में बच्चों ने दिए गए शब्दों के आधार पर कविता लिखकर प्रस्तुत की। कविता प्रस्तुतीकरण में बच्चों की झिझक को दूर करने के लिए बच्चों से नृत्य कराया गया।

काव्य गोष्ठी के लिए 15 बच्चों का चयन किया गया। काव्य गोष्ठी के लिए चयनित सभी 15 बच्चे संचालक बनना चाहते थे। सभी को संचालन करने को कहा गया। प्रस्तुति के आधार पर संचालन के लिए खुले सत्र में मतदान कराया गया।

मतदान के आधार पर ज्योति आर्या को संचालक तथा विवेक पलड़िया को अध्यक्ष बनाया गया। बच्चों ने तोता कहता है तथा जैसा मैं कहूं जैसे खेलों में खूब मस्ती की। श्रीमती कला पंत, प्रदीपचंद्र सनवाल, ललिता प्रसाद जोशी, डी आर कोहली ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन में सहयोग किया। इस अवसर पर कैलाश आगरकोटी, दीपा भट्ट, रमेशचंद्र जोशी, ललिता पंचपाल आदि उपस्थित थे।

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