कोटद्वार महाविधालय में मनाया गया आजादी का अमृत महोत्सव

कोटद्वार, पौडी: केन्द्रीय सरकार की पहल एवं उच्च शिक्षा निदेशालय से प्राप्त दिशानिर्देशों के क्रम में भारत की आजादी की 72वीं वर्षगांठ पर आजादी का अमृत महोत्सवकी शुरुवात के अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविधालय कोटद्वार में विभिन कार्यक्रम आयोजित किये गए | इस अवसर पर स्वाधीनता आन्दोलन एवं भारतविषय पर इतिहास विभाग के विभाग प्रभारी डॉ. प्रवीन जोशी ने व्याख्यान प्रस्तुत किया|

समारोह का शुभारम्भ महविद्यालय की प्राचार्या प्रो. जानकी पंवार एवं अन्य प्राध्यापकों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया | अपने अध्यक्षयीय भाषण में प्रो. पंवार ने केन्द्रीय सरकार की इस पहल का स्वागत किया और वर्तमान समय में जब युवा पीड़ी अपने संस्कारों, रीतिरिवाजो एवं आदर्शो को भूलती जा रही है, में इस तरह के कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया | उन्होंने आजादी का अमृत महोत्सवमनाये जाने की मूल भावना पर प्रकाश डाला तथा कहा कि इस महोत्सव के अंतर्गत 12 मार्च से 4 अप्रैल तक महाविधालय में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगें |

आजादी का अमृत महोत्सवके उद्घाटन सत्र में स्वाधीनता आन्दोलन एवं भारतविषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए डॉ. प्रवीन जोशी ने भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया,उन्होंने प्राचीन काल से ब्रिटिश काल तक हुए विभिन्न आक्रमणों, उनके प्रभावों एवं भारतीय, विशेषकर उत्तराखंड के जनमानस की भूमिका पर प्रकाश डाला |

गाँधी जी द्वारा चलाये गए दांडी सत्याग्रह पर प्रकाश डालते हुए डॉ. जोशी ने बताया कि गाँधी के इस सत्याग्रह में 78 सहयोगीयों में से भैरवदत्त जोशी, ज्योतिराम कांडपाल  तथा  खड़क बहादुर  उत्तराखंड से थे | डॉ.जोशी ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति में जितना योगदान नरम दल के नेताओं का था उतना ही योगदान गरम दल के नेताओं का भी था |

व्यापार के उद्देश्य से भारत में प्रवेश एवं कुटिल रणनीति से अपने राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए हमारी धरती का उपयोग तथा अंत में हमें गुलाम बनाने वाले अँग्रेजों को भारत से खदेड़ने में वीर क्रांतकारियों, आन्दोलनकारियों का वर्णन करते हुए डॉ. जोशी ने प्रथम स्वतंत्रता-संग्राम- 1857 की क्रांति से पूर्व 1803 में ओडिशा में हुई पाइका क्रांति पर भी विस्तृत प्रकाश डाला | इसके अतिरिक्त उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में उत्तराखंड की भूमिका का वर्णन किया

कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजीव कुमार ने किया | इस अवसर पर महाविधालय के अन्य प्राध्यपक डॉ. नवरतन सिह, डॉ. नीता भट्ट, डॉ. विनोद, डॉ. धनेन्द्र कुमार, डॉ. हीरा, डॉ. चौहान, डॉ. सत कुमार तथा महाविधालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थी |

     इसी अवसर पर महाविधालय के एनसीसी कैडेट्स द्वारा कॉविड-19 के नियमों का पालन करते हुए कोटद्वार शहर के घराट चौक पर बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओविषय पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया तथा एनसीसी कैडेटों द्वारा घराट चौराहे पर सफाई अभियान भी चलाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डी०आई०जी० सी०आर०पी० एफ० (रिटायर्ड) जे० एस० नेगी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ० के० एस० नेगी ने भी कैडेट्स की प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसी लगन के साथ भविष्य में कार्य करने की प्रेरणा दी। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो० जानकी पंवार एवं एनसीसी प्रभारी डॉ० तनु मित्तल भी इस अवसर पर उपस्थित थी |

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