आखिर क्या होगा रानीचौंरी परिसर का भविष्य

आखिर में यह भी  नहीं रहेगा

रिपोर्ट: हर्षमणि बहुगुणा,

रानीचौरी:  बारह अक्टूबर सन् २०२० को ‘उपेझा के दंश झेलने वाले रानीचौंरी’ के विषयक कुछ विचार व्यक्त किए थे , मुझे आशा थी कि यहां की सम्भ्रान्त जनता तथा जन प्रतिनिधि रानीचौंरी की दिशा व दशा पर कुछ न कुछ चिन्तन अवश्य करेंगे। आज फिर लौट रहा हूं , रानी चौंरी में अवस्थित पर्वतीय परिसर जो अब पर्वतीय परिसर न रह कर मैदानी जैसा हो गया है ।

उत्तराखंड में टिहरी जनपद का दुर्भाग्य कहा जाय या हमारी जागरूकता की कमी जो भी हम समझें ? पन्त नगर विश्व विद्यालय का पर्वतीय परिसर रानीचौंरी सन् २००६ में तत्कालीन सरकार ने औद्यानिकी विश्वविद्यालय बनाया था व २०११ के लगभग उस समय की सरकार ने उक्त विश्वविद्यालय को २००१ में बनें हुए औद्यानिक महाविद्यालय भरसार में औद्यानिकी विश्वविद्यालय बना कर रानीचौंरी की पहिचान को समाप्त कर, आज रानीचौंरी का यह ‘परिसर’ भरसार विश्वविद्यालय का ‘परिसर’ है ।

आज यहां का दुर्भाग्य यह है कि यहां स्नातक स्तर तक केवल वानिकी विषय संचालित हो रहा है, सम्भवतः चिरवटिया का कृषि विभाग का संचालन भी किया जाता है जो दूसरे महाविद्यालय का कार्य है । स्नातकोत्तर में भी नाम मात्र के चार या पांच विषयों की पढ़ाई होती है । जो इस या किसी भी क्षेत्र के हितार्थ कुछ भी नहीं है । यहां की मुख्य आवश्यकता कृषि व औद्यानिकी है , जिससे आजीविका के साधन सुलभ हो सकते हैं, अतः इस विषय पर हम सब को प्रयास करना चाहिए व करना भी है।

मेरी अभिलाषा है कि इस क्षेत्र के संभ्रांत प्रतिनिधि अथवा जागरूक नागरिक इस पर एक संगोष्ठी का आयोजन कर इस परिसर को पूर्ववत् हरा-भरा व परिपूर्ण होने के लिए पहल करने का कष्ट/प्रयास करेंगे। मैं न नेता, न नायक और न श्रेय लेने की लालसा पर एक सकारात्मक सोच को रख कर जन सामान्य तक यहां की आने वाली पीढ़ी का उज्ज्वल भविष्य देखने का कार्य कर रहा हूं ।

यदि आप सभी लोग इस विचार पर और रानीचौंरी के भविष्य पर अमल करना चाहते हैं तो कुछ प्रयास कीजिए ,अन्यथा सबसे पिछड़ा हमारा यह क्षेत्र और भी पिछड़ेगा। इस ओर कदम बढ़ा कर सभी लोगों का सहयोग इस उजाड़ परिसर में नई रोशनी प्रदान कर सकता है। इस सन्दर्भ में यदि कुलपति महोदय या कृषि मंत्री महोदय से भी मिलना हो तो तदनुरूप कार्यक्रम बनाया जा सकता है। सबके विचार सहयोग सहित सादर आमंत्रित । आवश्यकता है विचार गोष्ठी की, सब तय कर सकारात्मक कार्रवाई करने का प्रयास करें

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