March 29, 2021 - सरहद का साक्षी
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बेटी है वरदान /शराब नहीं -संस्कार “के रूप में मनाया गया : होली की पूर्व संध्या पर पौत्री का जन्मदिन

चम्बा:  होली की पूर्व संध्या पर, कवि सोमवारी लाल सकलानी निशांत ने अपनी पौत्री का जन्म दिवस (बेटी है वरदान/ शराब नहीं- संस्कार) कार्यक्रम के रूप में मनाया। कालेज रोड चंबा में स्थित मिलन वेडिंग प्वाइंट मे गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कोरोना के कारण मात्र सौ व्यक्तियों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। जिसमें अधिकांश सुमन कॉलोनी , चंबा के निवासी, जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, समाजसेवी, सैनिक, शिक्षक और कृषक आमंत्रित किए गए…

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आचार्य चाणक्य काल: जब भारत के घरों में ताला नहीं लगाया जाता था
आखिर में यह भी  नहीं रहेगा

अवश्य पढ़िए व चिन्तन भी कीजिए, अधिक समय नहीं लगेगा प्रस्तुति: हर्षमणि बहुगुणा, आचार्य चाणक्य के काल में भारत के घरों में ताला नहीं लगाया जाता था। उसी समय चीनी यात्री ह्नेनसाँग भारत की यात्रा पर था । उसकी यात्रा के एक प्रेरणाप्रद प्रसंग की चर्चा कुछ विद्वानों ने की है। जब ह्नेनसाँग भारत आया, उस समय भारत की राजधानी पाटलीपुत्र (पटना) थी। वर्मा, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, काबुल, कांधार सब भारत के ही अंग थे। यात्रा करते हुए ह्नेनसाँग…

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