विज्ञान दिवस के अवसर पर दो दिवसीय विज्ञान मेला

रुद्रप्रयाग। भारत ज्ञान विज्ञान समिति रुद्रप्रयाग इकाई तथा अल्मोड़ा से प्रकाशित बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय जूनियर हाईस्कूल बैनोली में विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित बाल विज्ञान मेले के समापन पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ‘कुदरत का विज्ञान’ के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण, विज्ञान तथा वैज्ञानिक सोच की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का प्रारंभ ‘ज्ञान का दीया जलाने’ समूह गीत से हुआ।

इस अवसर पर आयोजित बाल कवि सम्मेलन में मुख्य अतिथि सपना रावत, आरुष सेमवाल, वैभव नौटियाल, दिव्यांशु सेमवाल, अनन्या, अनामिका सेमवाल, अनुराग नौटियाल आदि ने बैनोली, फूल, स्वच्छता अभियान, मोबाइल, मेरा गांव, मेरा स्कूल, कंप्यूटर, पानी आदि विषयों पर कार्यशाला में तैयार अपनी स्वरचित कविताएं पढीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता तन्वी नौटियाल तथा संचालन अदिति सेमवाल ने किया। इस अवसर पर डां गीता नौटियाल द्वारा कार्यशाला में बच्चों द्वारा तैयार रचनाओं को संकलित कर

हस्तलिखित पत्रिका ‘ बैनोली दर्पण’ का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य पुरुषोत्तम काला जी ने कहा कि बहुत से पढ़े लिखे लोग भी वैज्ञानिक अवधारणा को नहीं समझते हैं। कई वैज्ञानिक, डॉक्टर व इंजीनियर भी अंधविश्वास की जकड़ में हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद् अजीतराम सेमवाल ने की। कार्यक्रम का संचालन कक्षा 7 की अनन्या ने किया। समारोह को परशुराम सेमवाल, परशुराम नौटियाल, बलीराम नौटियाल, हेमंत चौकियाल आदि ने संबोधित किया। सर्वश्री जय कृष्ण पैन्यूली, माधवसिंह नेगी, कुसुम भट्ट, अश्विनी गौड़, वेदिका, सिमरन ने बच्चों को बाल कविताएं सुनाई। बालप्रहरी के संपादक तथा बाल साहित्य अल्मोड़ा के सचिव उदय किरौला ने बच्चों को कहानी के माध्यम से बच्चों के साथ संवाद किया।
इस अवसर पर बैनोली की प्रधान विनीता देवी, विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्ष विनीता नौटियाल, महिला मंगल दल की अध्यक्ष विद्योदरी देवी, चंपा देवी, संगीता नौटियाल आदि उपस्थित थे।
सर्वश्रेष्ट प्रतिभागी अदिति सेमवाल तथा आरुष सेमवाल का चयन खुले सत्र में बच्चों ने किया। अंत में कार्यशाला की स्थानीय संयोजक डॉ गीता नौटियाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला का उद्घाटन शनिवार को डायट रुद्रप्रयाग के सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रवक्ता कालिका प्रसाद सेमवाल ने किया। उन्होंने बच्चों को कहानी व कविता की बारीकियां भी बताई।

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