बालप्रहरी का 83 वां वेबिनार :  बच्चों को अवसर दिए जाने की जरूरत है

अल्मोड़ा। बच्चों को अवसर तथा मंच दिए जाने व साहित्य पढ़ने के लिए प्रेरित किए जाने की जरूरत है। ये बात बालप्रहरी तथा बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा द्वारा आयोजित 83वें ऑनलाइन कार्यक्रम ‘बाल कहानी बाचन कार्यशाला ’ के मुख्य अतिथि नेशनल बुक ट्रस्ट के श्री द्विजेंद्र कुमार ने कहानी पर बच्चों की प्रतिक्रिया सुनने के बाद दी।

उन्होंने कहा कि बच्चों ने घटना, पात्र, संवाद, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सीख, शीर्षक तथा मनोरंजन  आदि तत्वों के साथ कहानी के सभी पक्षों पर बातचीत की। इससे लगता है कि बच्चे कहानी की समझ रखते हैं बस उन्हें अवसर दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने बाल कहानी के परीक्षण के लिए कार्यक्रम को सार्थक बताया।

उन्होंने कहा कि बाल कहानी में समस्या का सुखद समाधान व मनोरंजन बच्चों को कहानी से जोड़े रखता है। उन्होंने बच्चों को पढ़ने के साथ ही अपनी अभिव्यक्ति को लिखित तौर पर प्रस्तुत करने को भी कहा। अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए बच्चों का देश पत्रिका के श्री प्रकाश तातेड़ ने कहा कि बच्चे साहित्य नहीं पढ़ रहे हैं यह कहना गलत है। हम बड़े लोग यदि पढ़ने की आदत बनाएंगे तो बच्चे स्वयं पठन-पाठन की संस्कृति से जुड़ेंगे।

इससे पहले सलिला संस्था सलूंबर की अध्यक्ष कहानीकार डॉ. विमला भंडारी ने बच्चों को आकर्षक ढंग से हाव-भाव के साथ कहानी सुनाई। उस कहानी पर (शिवसागर, राजसमंद, राजस्थान), अर्जरागिनी सारस्वत (आगरा,उ.प्र.), मन्नत रावत(हरिद्वार),  अनुश्री, अधिश्री राजनादगांव(छत्तीसगढ़), तन्वी पुनेठा(पिथौरागढ़),  रचित शक्टा, फाल्गुनी शक्टा (चंपावत), प्रखर बहुगुणा (देहरादून), आयरा अल्वी, भूमि बिष्ट, कार्तिक अग्रवाल, दीपांशु गहतोड़ी (खटीमा), खुशी मेहरा (जैनोली), अंजली रावत, स्मिता कुंवर(हरमनी), आस्था बोरा (अल्मोड़ा), पिंकी पांडे (चौसाला), वैष्णवी कड़ाकोटी(बासोट), देवरक्षिता नेगी (चौखुटिया), मनीषा किरौला(नागालेंड), श्रीमन भट्ट (पौड़ी), चित्रांशी लोहनी, प्रांजलि लोहनी(चंपावत), सुवर्णा जोशी, शिवांशी जोशी (गरूड़), विहान तिवारी(दिल्ली), कार्तिक, नीलेश जोशी सहित 31 बच्चों ने कहानी के विभिन्न पक्षों पर अपनी टिप्पणी प्रस्तुत की।

बालप्रहरी के संरक्षक तथा सेवानिवृत्त आयकर आयुक्त श्यामपलट पांडेय, श्री आकाश सारस्वत उप निदेशक शिक्षा विभाग उत्तराखंड, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य कुसुम नैथानी, नम्रतासिंह, जगमोहन रौतेला, महेश जोशी, बलवंतसिंह नेगी, दलीप बोरा, डॉ. चेतना उपाध्याय, नीमा अस्थाना, शशि ओझा, शंकरलाल पांडया, एस डी तैनगुरिया, रधुराजसिंह, रूचिका शर्मा, उद्धव भयवाल, सुवर्णा रावत, सुधा गोस्वामी, रेखा स्मित लोढ़ा, अशोककुमार नेगी, मधु माहेश्वरी, वृजमोहन जोशी, जगदीश भंडारी, गोपाल राज गोपाल, दिनेश रावत, बलदाऊराम साहू आदि कई शिक्षक, साहित्यकार तथा अभिभावकों ने ऑनलाइन कहानी सुनी। अंत मे श्याम पलट पांडेय जी ने सभी का आभार व्यक्त किया।  प्रारंभ में बालप्रहरी के संपादक एवं बालसाहित्य संस्थान के सचिव उदय किरौला ने अतिथियों का परिचय कराते हुए सभी का स्वागत किया।

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