उत्तराखंड के मित्रों के नाम चिट्ठी

संपादक बालप्रहरी

सिद्धीश्री सर्वोपमा योग्यवर-6

आमा-बूबू, ठुल बौज्यू-ठुलि ईजा,  कका-काकी और सबै ठुला कैं मेरि पैला और ननां कै प्यार आशीष।

           ‘आज दो अभी दो, उत्तराखंड राज्य दो’ आंदोलन में लोगूंल बहुत बढ़ि-चढ़ि बे भाग लेछ। तब लोग स्वैण देखछी कि उत्तराखंड राज्य में हमरि संस्कृति, भाष कै अघिल बढ़ाई जाल। शराबल पहाड़ बर्बाद हैगो, पहाड़ बटी शराब न्है जालि। पहाड़ै राजधानी पहाड़ में होलि। पर उत्तराखंड राज्य बणि बाद लोगों स्वैण धरियै रै गयीं। हमार नेता लोग बोट बैंका चक्कर में पहाड़ा लिजी सोचणा बजाय मैदाना तरफ ध्यान दिण रयीं। हम सोचछी हमार लोग मंत्री होला तो कुमाउनी गढ़वाली भाषा कैं अघिल बढ़ाल। पहाड़ा लिजी क्ये कराल।  हमार नेता लै दुगलि बात कराल आपुण भाषा कूं अघिल बढ़ाण है पैली इनूंल उत्तराखंड में पंजाबी, उर्दू और बंगाली  जसै अकादमी बणै हाली। आब चुनाव बखत लै हमर बोटे क्ये ताकत नि रै गेई। यै है तो दिल्ली मुख्य मंत्री केजरीवाल भल छू जैल दिल्ली में कुमाउनी गढ़वाली भाषा अकादमी बणै हाली। उत्तराखंड में सब इक्कै खाड़ा पिनाउ छन। सब आपुण पुर करण में लागि रयीं।

         उत्तराखंडा  गौंनू पन आज भोउ क्रिकेट टूर्नामेंट चलि रयीं। जादेत्तर स्कूली ननां ध्यान पढ़ाई पर नहां। दिन रात क्रिकेट परै ध्यान छू। गौं पन पढ़ाई – लिखाई केवल नामै की छू।  इम्तिहान में थर्ड डिवीजन लै पास है गया इज बौज्यू खुशि है जानी। गौं पना जादेत्तर च्याल खेल खेलण में मस्त है रूनी। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में आब गौं पना जादेत्तर च्येलियां नाम स्कूल में लेखी छू। पर क्ये करछा आजि लै  गौं बाखई पन जादेत्तर लोग च्येलियां हूं इतू काम करौनी कि च्येलियां कै होम वर्क करणौ बखत लै नि मिलन। गौं पना च्येलियां हूं धन शाबसी वी बाद लै उनौर रिजल्ट च्यला है भल रूंछ। सरकारि स्कूलों हालत बहुत खराब छू। नेता लोग पहाड़ बटी आपुण लोगों कै मैदान या शहरा नजिक ल्यै गयीं। गरीब दुबाउ लोग बहुत परेशान छन।

         पहाड़ा गौंनू पन उत्तरैणी पैल ब्याल जागरण आब बंदै जै हैगो। आब घरौं पन थर्टी फस्टा दिन जागरण करणौ रिवाज चलिगो। टेलीविजन देखि बे थर्टी फस्ट और करवा चौथ जसै केक नई नई संस्कृति गौं बाखई पन चलि गे। घ्यूं संक्रांत और दुसार त्यार-ब्यार कम हूनै जांणी।

         गौं बाखई पन माघा म्हैण गौंक नजिका शिवालयों में कौतिक और संक्राता दिन गंग नाणौ रिवाज आजि छनै छू। बागेश्वर में अलबेर उत्तरैणी कौतिक कमै हूणी छू बल। कोरोना वजैल नजिका शिवालयों में भीड़ – भाड़ लै कमै हूणी छू बल। घुघुति त्यार हूं लोग खिचड़ी दान लै करनै छन। हमार गौं सभापति ज्यू कूनी कि बागेश्वर  सरयू पार काले कौआ त्यार माघा म्हैण एक पैट हूंछ। सरयू वार काले कौआ उत्तरैणी दुसार दिन यानी द्वि पैट हूंछ। काले कौआ त्यार हू आब काउ लै घुघुत खाण हूं नि उण राय। बानर सारै घुघुत और पुरि खै जाणी। दुरहाट, गेवाड़, नया और पुर पाली पछाऊं में उत्तरैणी दिन नान तिन घर घर जै सब ठुलां खुट छुइ बे रतै नै धोई बे पैला कूनी। सब घरौं बटी नना कैं एक गुड़ौ डऊ लै मिलूंछ। केवल नानै न ठुल लोग लै आपु है ठुला हूं पैला कूनी।

        पहाड़ा गौंनू पन पैली बटी उत्तरैणी दिन  नान गिर खेलछी। आब तो क्रिकेट घर घर पुजिगो। य वजैल गीर आब कमै हैगो। हाकी खेलण लै कमै हैगोछ। भिकियासैण में चनुली सरपटा में गिरौ कौतिकै तैयारी चलि रै।

         पूसौ काउ महैण बाद माघौ महैण में लोग खिचणी दान और दुसार शुभ कार्य करणै सोचण रयीं।  कुमाऊं में पूसा म्हैणा पैल इतवार बटी  बैठक होलि चलियै छन। नेता लोग 2022 में हूणी चुनावै तैयारी में लागि रयीं। बांकि फिर लेखूल।

              तुमर मितुर,

              उदय किरौला

           संपादक बालप्रहरी  

           सचिव बालसाहित्य दरबारीनगर,अल्मोड़ा,उत्तराखंड  

     मोबाइल- 9412162950

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