जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. रावत ने की विकास कार्यों की समीक्षा

नई टिहरी:  जनपद के प्रभारी मंत्री एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा नई टिहरी स्थित कलक्ट्रेट  सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर विकास कार्यों की समीक्षा की गयी तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

प्रभारी मंत्री श्री रावत ने निर्देश दिये कि सभी विभागों द्वारा जिला योजना 2020-21 के अन्तर्गत आंवटित धनराशि हर हाल में 15 मार्च तक शत-प्रतिशत खर्च कर ली जाय। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन विभागों द्वारा इस वित्तीय वर्ष में जिला योजना की धनराशि शत-प्रतिशत खर्च नहीं की जायेगी उन विभागों के अगले वर्ष के बजट में कटौती की जायेगी।

जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. रावत ने की विकास कार्यों की समीक्षा

जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. रावत ने की विकास कार्यों की समीक्षा

सड़क निर्माण कार्यो के समीक्षा के दौरान उन्होंने डीएफओ को निर्देश दिये कि लोक निर्माण विभाग एवं पीएमजीएसवाई के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित कर वन भूमि हस्तान्तरण के मामलों का शीघ्रता से समाधान करें ताकि सड़क निर्माण कार्य समय पर पूर्ण हो सकें।

उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि निर्माण कार्यों से सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं की अलग से बैठक आयोजित कर निर्माण कार्यों की लगातार समीक्षा की जाय। वहीं उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अगले वित्तीय वर्ष में जिला योजना के अन्तर्गत दो वर्ष अवधि में पूर्ण होने वाली योजनाओं को ही शामिल किया जाय अधिक लम्बी अवधि में पूर्ण होने वाली योजनाओं को न शामिल किया जाय।

District in-charge minister Dr. Rawat reviewed development works

District in-charge minister Dr. Rawat reviewed development works

स्वरोजगार कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री श्री रावत ने कृषि, उद्यान, पशुपालन, उद्योग, डेरी आदि स्वरोजगार से जुडे विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्वरोजगार योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाय ताकि जनपद में अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार प्राप्त हो सके।

उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि बैंकर्स के साथ समय-समय पर बैठक आयोजित कर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (एमएसवाई) एवं अन्य स्वरोजगार योजनाओं के तहत ऋण स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की जाय ताकि अधिक से अधिक लोगों स्वरोजगार हेतु ऋण मुहैया हो सके।

उन्होंने कहा कि पहली बार जिला योजना में चालीस प्रतिशत धनराशि स्वरोजगार के लिए रखी गयी है, लिहाजा इस धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करते हुए कार्य धरातल पर दिखायी देने चाहिए। प्रभारी मंत्री ने स्वरोजगार से जुडे विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अपने-अपने विभाग की स्वरोजगार योजनाओं के लाभार्थियों की ब्लाकवार सूची तैयारकर जन-प्रतिनिधियों को भी उपलब्ध करायें तथा स्वरोजगार के क्षेत्र में हो रहे बेहतर कार्यों की पावर प्रजेन्टेशन तैयार करें।  
प्रभारी मंत्री ने जल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारियों को जल जीवन मिशन के तहत स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों मंे किये जा रहे जल संयोजन कार्याें में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन स्कूलों की छत टूटी-फूटी है उन स्कूलों की सूची तैयार कर उपलब्ध करायी जाय, आपदा मद के तहत उन स्कूलों की छत मरम्मत हेतु धनराशि उपलब्ध करा दी जायेगी। वहीं जिन विद्यालयों में शौचालय निर्माण की आवश्यकता है स्वजल के अधिकारियों के साथ समन्वय कर कम्यूनिटी शौचालयों का निर्माण करवाया जाय।

उन्होंने सीडीओ को निर्देश दिये कि मनरेगा से जीर्ण-शीर्ण आंगनबाड़ी केन्द्रों को स्मार्ट बनाया जाय। वहीं ग्राम प्रधानों के माध्यम से गांवो में प्रवेश द्वारों का निर्माण करवाया जाय तथा ग्रामों में स्थित पंचायत भवनों एवं स्कूल भवनों में मरम्मत व रंग रोगन के कार्य करवाये जायं। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन योजनाओं का माननीय मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण एवं शिलान्यास कर दिया गया है उनके शिलापट दस दिनों के भीतर सम्बन्धित स्थानों पर चस्पा कर फोटोग्राफ जिलाधिकारी को उपलब्ध करायी जाय।  

प्रभारी मंत्री श्री रावत द्वारा जनपद में छात्रों में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जाहिर की गयी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिये गये कि जनपद में नशे की प्रवृत्ति पर लगाम लगाने हेतु ठोस कार्य योजना बनायी जाय।
बैठक के अन्त में प्रभारी मंत्री ने कहा कि आगामी 5 जनवरी से पूर्व पुनः उनके द्वारा विकास कार्याें की समीक्षा बैठक ली जायेगी, लिहाजा सभी अधिकारी विकास कार्यों में प्रगति लाना सुनिश्चित करें।  
जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी निर्मल शाह ने बताया कि जिला योजना में वित्तीय वर्ष 2020-21 में रूपये 63 करोड़ 37 लाख की धनराशि जिले के लिए अनुमोदित हुई जिसके सापेक्ष शासन से रूपये 52 करोड़ 35 लाख 58 हजार प्राप्त हुए हैं। शासन से जारी 52 करोड़ 35 लाख 58 हजार के सापेक्ष विभागों को रुपये 52 करोड़ 24 लाख 25 हजार की धनराशि अवमुक्त कर दी गयी है। अवमुक्त धनराशि रुपये 52 करोड़ 24 लाख 25 हजार के सापेक्ष विभागों द्वारा रुपये 28 करोड़ 07 लाख 11 हजार की धनराशि खर्च कर ली गयी है। इस प्रकार अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष विभागों द्वारा 53.73 प्रतिशत धनराशि खर्च कर ली गयी है।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, विधायक टिहरी धन सिंह नेगी, शक्ति लाल शाह व विनोद कण्डारी, राज्य पिछड़ा आयोग के उपाध्यक्ष संजय नेगी, जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ योगेन्द्र सिंह रावत, डीएफओ कोकोरोशे, सीडीओ अभिषेक रूहेला, डीडीओ आनन्द सिंह भाकुनी, विनोद रतूड़ी आदि उपस्थित थे।

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