सभी उप जिलाधिकारी अपने क्षेत्रान्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण करें: डीएम

नई टिहरी: जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव द्वारा कलक्ट्रेट  सभागार में आयोजित महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की बैठक में वीडियो क्राॅफेंस के माध्यम से जनपद में तैनात उप जिलाधिकारियों एवं खण्ड विकास अधिकारियों को बाल विकास विभाग की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी देने के साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

All the Deputy District Magistrates should surprise the Anganwadi centers under their area: DM

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जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के लिए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है, लिहाजा सभी उप जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर यह देखें कि इन जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक अवश्य पहुंचे।

उन्होंने निर्देश दिये कि उप जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में विभिन्न विकास खण्डांे में आयोजित होने वाले क्यूआरटी(क्वीक रिस्पोंस टीम) कैम्पों में भी बाल विकास विभाग की योजनाओं से पात्र क्षेत्रीय लोगांे को मौके पर ही लाभान्वित किया जाय। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि औचक निरीक्षण के दौरान सम्बन्धित आंगनबाड़ी केन्द्र की पंजिका जांच कर एवं लाभार्थियों से वार्ता कर यह पुष्टि कर ली जाय कि अनुपूरक पोषाहार कार्यक्रम के तहत 6 माह से तीन वर्ष आयु तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को टेक होम राशन का वितरण मानकों के अनुसार हो रहा है अथवा नहीं।

आंगनबाड़ी केन्द्रों के खुलने पर यह भी निरीक्षण की लिया जाय कि 03 वर्ष से 06 वर्ष आयु तक के बच्चों को कुक्ड फूड(ताजा पका भोजन) उचित गुणवत्तायुक्त मिल रहा है अथवा नहीं। मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना के तहत 7 माह से 5 वर्ष आयु तक के कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों को स्थानीय खाद्यान्नों से निर्मित ऊर्जा पाउडर, वहीं 03 वर्ष से 06 वर्ष आयु तक के बच्चों को मुख्यमंत्री बाल पलाश योजना के तहत सप्ताह में दो दिन फलाहार एवं अण्डा तथा मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के तहत सप्ताह में चार दिन 100 मिली लीटर दूध का वितरण किया जा रहा है अथवा नहीं।

उन्होंने निर्देश दिये कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में जहां भूमि की उपलब्धता हो न्यूट्री गार्डन (किचन गार्डन) बना कर फल व सब्जियां उगाने के लिए भी आंगनबाड़़ी कार्यकत्रियों को पे्ररित किया जाय ताकि बच्चों को स्थानीय फल-सब्जियां आहर  के रूप में मिल सकें। मुख्य विकास अधिकारी ने किचन गार्डन के निर्माण में मनरेगा से सहयोग किये जाने की बात कही। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना से जिसके तहत गर्भवती महिला को पहली संतान होने पर रुपये पांच हजार नियमानुसार तीन किश्तांे में दिये जाते हैं पात्र महिलाओं को क्यूआरटी कैम्प मंे ही मौके पर लाभान्वित किये जाने के निर्देश उप जिलाधिकारियों एवं सम्बन्धि विभाग के अधिकारियों को दिये। जिलाधिकारी ने नन्दा गौरा योजना जिसके तहत रुपये 72 हजार वार्षिक आय वाले परिवारांे की प्रथम दो बालिकाओं को जन्म के समय पर रुपये 11 हजार एवं कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने पर रुपये 51 हजार दिये जाने का प्राविधान है का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं अभियान के तहत जनपद के विभिन्न विकास खण्डांे में लिंगानुपात एवं कन्या भू्रण हत्या जैसे कृत्यों पर भी नजर रखने के निर्देश उप जिलाधिकारियों को दिये। वहीं निर्देश दिये कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं अभियान के तहत क्षेत्रान्तर्गत बालिका के जन्म होने पर आंगनबाड़ी केन्द्रों में बालिका जन्मोत्सव मनाया जाय तथा माता-पिता को प्रशस्ति पत्र, वैष्णवी किट (जिसमें बच्ची के लिए तेल, साबुन, बेबी लोशन आदि सात आईटम हैं) एवं बेबी कम्बल देकर सम्मानित किया जाय। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सीडीपीओ एवं सुपर वाईजर को योजनाओं का क्रियान्वयन भली भांति करने के साथ ही योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिये।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक रूहेला, उप जिलाधिकारी फिंचा राम चैहान, जिला कार्यक्रम अधिकारी संदीप अरोड़ा, सीडीपीओ व सुपरवाईजर उपस्थित थीं।

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