घंटाकर्ण धाम के लिए चारों धामों से जल व मिट्टी लेकर भक्तों का दल गजा से रवाना

रिपोर्ट: दिनेश प्रसाद उनियाल

गजा, टिहरी गढ़वाल: घंटाकर्ण  धाम क्वीली में  नव निर्मित मन्दिर के लिए गर्भ गृह की पूजा व यज्ञ के लिए उत्तराखंड के गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ धामों से जल व मिट्टी लाकर गजा मन्दिर में  रखी गई थी। घंडियाल देवता के निशान भी ऋषिकेश त्रिवेणी घाट से स्नान कराने के बाद गजा में  विराजमान थे।

घंटाकर्ण धाम के लिए चारों धामों से जल व मिट्टी लेकर भक्तों का दल गजा से रवाना

घंटाकर्ण धाम के लिए चारों धामों से जल व मिट्टी लेकर भक्तों का दल गजा से रवाना

आज मंगलवार को गजा से घंडियाल देवता व धामों से लायी गयी मिट्टी व जल घंडियाल धाम के लिए प्रस्थान किया। ढोल दमौ के साथ सैकडों भक्तों की उपस्थिति में  गजा से मन्दिर के लिए रवाना हुए। गजा में  समिति के अध्यक्ष विजय प्रकाश विजल्वाण, मान सिंह चौहान, दयाल सिंह सजवाण, ताजबीर सिंह खाती, भरपूर सिंह, दिनेश प्रसाद उनियाल, कुंवर सिंह रावत, शिब प्रसाद विजल्वाण, बैशाख सिंह चौहान ने जल व मिट्टी ले जाने वाले भक्तों को तिलक लगाकर विदा किया।

Team of devotees carrying water and soil from all the four shrines left for GazaTeam of devotees carrying water and soil from all the four shrines left for Gaza

धाम में  जाने वाले सैकडों भक्तों ने “जय घंडियाल” के उदघोष के साथ प्रस्थान किया। आज घंडियाल डांडा पहुंचकर पुजारियों के द्वारा पूजा, यज्ञ की तैयारी की जायेगी। विधिवत रुप से 12 से 14 नवम्बर तक नव निर्मित मन्दिर में  गर्भगृह की पूजा के साथ देवता की स्थापना तथा भक्तों के लिए मन्दिर खोला जायेगा।

स्मरण रहे कि नव निर्माण करते समय घंडियाल देवता की पूजा अलग कक्ष में  की जाती रही है।

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