अब किसानों के साथ बेरोजगार युवाओं को भी मिलेगा शून्य ब्याज पर 03 लाख रूपये का ऋण: डॉ. रावत

देहरादून। सहकारिता विभाग की दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अंतर्गत अब किसानों के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं को भी शून्य ब्याज दर पर 03 लाख रूपये का ऋण उपलब्ध कराया जायेगा।

योजना का शुभारम्भ आगामी 21 नवम्बर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ऊधमसिंह नगर से करेंगे

इस महत्वकांक्षी योजना का शुभारम्भ आगामी 21 नवम्बर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ऊधमसिंह नगर से करेंगे। इसके उपरांत प्रत्येक जनपद में कार्यक्रम आयोजित कर लाभार्थियों को उक्त योजना के अंतर्गत ऋण वितरण किया जायेगा।

अब किसानों के साथ बेरोजगार युवाओं को भी मिलेगा शून्य ब्याज पर 03 लाख रूपये का ऋण: डॉ. रावत

अब किसानों के साथ बेरोजगार युवाओं को भी मिलेगा शून्य ब्याज पर 03 लाख रूपये का ऋण: डॉ. रावत

उनके जनसंपर्क अधिकारी/ मीडिया प्रभारी, वी. पी. सिंह बिष्ट ने बताया कि विधानसभा स्थित कार्यलय में सहकारिता, उच्च शिक्षा, दुग्ध विकास एवं प्रोटोकाॅल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ. धन सिंह रावत ने सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने आगामी 21 नवम्बर को मुख्यमंत्री के हाथों जनपद ऊधमसिंह नगर के किसानों के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं को भी शून्य ब्याज दर पर रूपये 03 लाख तक के ऋण वितरण की तैयारियों लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये।

बैठक में दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना की प्रगति, बकाया ऋण वसूली, पैक्स कम्प्यूटराइजेशन एवं पैक्स कैडर सचिव सेवा नियमावली सहित जिला सहकारी बैंकों में रिक्त पदों को भरे जाने सहित कई महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा की गई। बैठक में सहकारिता ऋण के तहत एनपीए की दर पांच प्रतिशत से कम करने हेतु वित्तीय वर्ष 2018 तक के बकाया ऋण वसूली के लिए विभाग द्वारा 25 नवम्बर से 25 दिसम्बर तक सघन अभियान चलाये जाने का निर्णय लिया गया।

जिन बैंक अधिकारियों द्वारा ऋण वितरण किया गया है उन्हीं को ऋण वसूली की जिम्मेदारी

इस अभियान की विशेष बात यह है कि पूर्व में जिन बैंक अधिकारियों द्वारा ऋण वितरण किया गया है उन्हीं को ऋण वसूली की जिम्मेदारी दी गई है। यदि उक्त अधिकारी अपने द्वारा बांटे गये ऋण वसूली में असमर्थ रहता है तो उक्त अधिकारी की प्रोन्नति सहित अन्य सुविधाएं रोक दी जायेगी। यही नहीं उक्त अधिकारी को किसी अन्य बैंक शाखा की जिम्मेदारी भी नहीं दी जायेगी। यही नियम प्रदेश भर के सहकारी समितियों के सचिवों पर भी लागू होगा। उनके द्वारा पूर्व में आंवटित ऋण वसूली के लिए एक माह का समय दिया जायेगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ऋण वसूली अभियान में सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी व सचिवों को भी शामिल किया जायेगा।

बैठक में अपर सचिव सहकारिता धीरेंद्र सिंह दताल, निबंधक सहकारिता बी.एम. मिश्रा, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ला, उप निबंधक मान सिंह सैनी, महाप्रबंधक राज्य सहकारी बैंक के.एस. बिष्ट सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। 

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