दादी नानी के बजाय अब बच्चे ऑनलाइन सुन रहे हैं कहानी

अल्मोड़ा:  अल्मोड़ा, उत्तराखंड से प्रकाशित बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी तथा बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा द्वारा आयोजित ऑनलाइन कहानी वाचन कार्यशाला में आज ग्वालियर (म.प्र.) की सीमा जैन ‘भारत’ ने ‘देश की इमोजी’ बाल कहानी का वाचन किया।

 कहानी सुनने के बाद आशिमा शर्मा (जम्मू), अर्जरागिनी सारस्वत (आगरा),  श्विसागर, शिवम (देवगढ़,राजस्थान), प्रिया जोशी (पिंगलौं), कोमल खेतवाल, तनूज खेतवाल, सोनी पांडे, सुमित हरड़िया, देवेश जोशी (करूली,बागेश्वर), श्रीमन भट्ट (पौड़ी), शिवांशी, सुवर्णा जोशी (सेलाबगड़), मानवी बिष्ट (रानीखेत), खुशी रावत (हरमनी), शिवांशी शर्मा (रायपुर,छत्तीसगढ़), नेहा आर्या (उभ्याड़ी), हरिपाल कश्यप (हल्द्वानी), रचित शक्टा (चंपावत), रश्मि भोज (अल्मोड़ा) दीपांशु तिवारी (अल्मोड़ा), देवरक्षिता नेगी (चौखुटिया), प्रेरणा जोशी (कुनेलाखेत), ऊर्जा जोशी, ऋषि जोशी (लखीमपुर,उ.प्र.) आदि बच्चों ने कहानी सुनकर ऑनलाइन अपनी टिप्पणी दी।

कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रख्यात बालसाहित्यकार गोविंद शर्मा (संगरिया, हनुमानगढ़ राजस्थान) ने कहा कि बच्चों को कोरे उपदेश अच्छे नहीं लगते हैं। कहानी में मनोरंजन के साथ सीख तथा रोचकता का होना जरूरी है। ‘देश की इमोजी’ कहानी पर उन्होंने कहा कि कहानी को बच्चों ने सराहा है। बच्चों ने कहानी को मनोरंजक होने के साथ ही कहानी की सीखों को भी अपनी टिप्पणी में समाहित किया है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कहानीकार लक्ष्मी खन्ना ‘सुमन’ ने कहा कि एक आम धारणा बन चुकी है कि बच्चे साहित्य से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बच्चों ने प्रस्तुत कहानी को अपने ढंग से प्रस्तुत करते हुए बकायदा शीर्षक भी सुझाया है।

उन्होंने कहा यदि बच्चों को अवसर दिया जाए तो वे बहुत अच्छी कहानियां तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब दादी नानी के स्थान पर ऑनलाइन कहानियां बच्चों को सुनने को मिल रही हैं उन्होंने इसे कोरोना काल की उपलब्धि बताया। प्रारंभ में बालप्रहरी के संपादक एवं बालसाहित्य संस्थान के सचिव उदय किरौला ने अतिथियों का परिचय देते हुए सभी का स्वागत किया।

इस अवसर पर साहित्यकार प्रत्यूष गुलेरी, श्यामपलट पांडेय, उद्धव भयवाल, सुधा भार्गव, सुधा गुप्ता, कृष्ण सैनी, डॉ.शील कौशिक, जगदीश कुमुद, करूणा पांडे, रूपा राय, प्रवीणा अग्रवाल, नरेंद्र गोस्वामी, श्यामनारायण श्रीवास्तव, शशि ओझा, अशोककुमार नेगी, महेश जोशी, हरीश जोशी, देवसिंह राना, बलवंत नेगी, आभा जोशी, शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत सहित कई साहित्यकार, शिक्षक तथा अभिभावक उपस्थित थे।

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