टिहरी में जिला योजना की कुल स्वीकृत धनराशि का 27 करोड़ स्वरोजगार सृजन पर होगा व्यय

27 crore of the total sanctioned amount of district plan in Tehri will be spent on self-employment creation

सरहद का साक्षी,

नई टिहरी: स्वरोजगार को लेकर जिला कार्यालय सभागार में जन-प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण अपने गृह जनपद लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए जिला योजना के कुल स्वीकृत धनराशि का 40 प्रतिशत (लगभग 27 करोड़) स्वरोजगार सृजन पर व्यय किया जा रहा है।

काश्तकारों को दिए जाने वाले बीज, पौध गुणवत्ता पूर्ण हों: जन-प्रतिनिधि

प्रवासियों को रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्य रेखीय विभागों कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, उद्योग व सहकारिता शामिल है। जन-प्रतिनिधियों ने कहा कि कृषि व उद्यान विभाग द्वारा काश्तकारों को जो भी बीज या पौध उपलब्ध कराई जा रही है उसमें गुणवत्ता का होना आवश्यक है, ताकि काश्तकारों की मेहनत जाया न जाए। साथ ही स्थानीय प्रजाति के कृषि बीजों को बढ़ावा दिए जाने की भी बात कही। जिस पर विभागीय अधिकारियों ने उत्तम गुणवत्ता के बीजो और पौधों के बारे मे पावर पॉइंट के माध्यम से विभागीय तैयारियों/योजनाओ की जानकारी दी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक रुहेला ने बताया कि मनरेगा के तहत वर्तमान में 81000 जॉब कार्ड धारकों को 13.65 लाख मानक दिवस सृजित करते हुए 27.43 करोड़ का श्रमांश दिया गया। कहा कि प्रवासियों को योजना से लाभान्वित करने के लिए 5708 नए जॉब कार्ड बनाये गए है। वही 10513 नए श्रमिको का पंजीकरण किया गया है। सेवायोजन अधिकारी विक्रम ने बताया कि प्रवासी युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए जिला मुख्यालय पर स्थापित हेल्प डेस्क/कॉल सेंटर के माध्यम से प्रवासी युवाओं से संपर्क कर कुल 19194 युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

होप पोर्टल के माध्यम से हुआ 2407 युवाओं का पंजीकरण

उन्होंने कहा कि वर्तमान में 453 गांव के प्रवासियों से संपर्क किया गया है वहीं अन्य कार्यवाही गतिमान है। कहा कि विभाग द्वारा होप पोर्टल के माध्यम से 2407 युवाओं के पंजीकरण कराए गए है। जिसमें 1685 कुशल व 720 अकुशल युवा शामिल है। मुख्य कृषि अधिकारी जे.पी.तिवारी ने बताया कि विभाग द्वारा कोविड-19 के मध्य नजर प्रवासियों को बकरी पालन, उद्यानीकारण, मत्स्य पालन, चारा-घास रोपण आदि कार्यो से रोजगार उपलब्ध कराना है।

खेती को जंगली जानवरों से बचाव हेतु होगी एकीकृत घेर-बाड़

खेती को जंगली जानवरों से बचाव हेतु एकीकृत घेर-बाड़ का कार्य किया जाना है। का कि किसानों को 80% अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिस हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिला योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 50 लाख की कार्य योजना तैयार की गई है।

जिला उद्यान अधिकारी डॉ. डी.के. तिवारी ने बताया कि प्रवासियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभाग द्वारा जनपद में फलपट्टी विकास योजना के अंतर्गत 50 हज़ार सेब के पौधे, 4 हज़ार अखरोट एवं विभिन्न प्रजाति के 50 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

किसानों को मौसमी सब्जी बीज में मटर 600 कुंतल, फ्रास्बीन 200 कुंतल, अदरक 1000 कुंडल के अलावा अन्य 1000 कुंतल सब्जी का बीज वितरण किया जाएगा। साथ ही 250 सिंचाई टैंक निर्माण इत्यादि पर जिला योजना के अंतर्गत 10 करोड़ की कार्य योजना तैयार की गई है।

प्रवासियों हेतु रूरल बैकयार्ड पोल्ट्री यूनिट की स्थापना

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ० पीएस रावत ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण जनपद में लौटे प्रवासियों हेतु रूरल बैकयार्ड पोल्ट्री यूनिट की स्थापना की जा रही है। जिसके अंतर्गत 3 माह, 1 माह व 1 दिन के चूजे उपलब्ध कराए जाएंगे।

योजना में सामान्य जाति हेतु 70%, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को 100% अनुदान पर 100 चूजे उपलब्ध कराए जाएंगे। कहा कि वर्तमान में 8 बड़े मदर फार्म खोले गए हैं जिसके तहत 500 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं  21 लाभार्थियों को एक माह के 2100 चूजे दिए गए हैं।

जिला योजना के अंतर्गत 263.20 लाख की कार्य योजना तैयार

कहा कि जिला योजना के अंतर्गत 263.20 लाख की कार्य योजना तैयार की गई है। पोल्ट्री योजना के अंतर्गत आथिति तक 3600 लाभार्थियों एवं डेयरी विकास योजना के अंतर्गत 360 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। मत्स्य  विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जनपद में आए प्रवासियों को मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

जनपद में विभिन्न विकास खंडों में लाभार्थियों का चयन किया गया है जिसके अंतर्गत 70 तालाबों का निर्माण एवं चार केज कल्चर का निर्माण किया जाएगा। जिस हेतु जिला योजना के अन्तर्गरत 01 करोड़ 50 लाख का कार्य योजना तैयार की गई है। ए.आर. कॉपरेटिव बैसाख सिंह राणा ने बताया कि जनपद में प्रवासियों को बिना ब्याज ऋण योजना के अंतर्गत वर्तमान तक अल्पकालीन एवं मध्यकालीन ऋण के रूप में कुल 998 लाभार्थियों को 5 करोड़ 56 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए है।

महाप्रबंधक उद्योग महेश प्रकाश ने बताया कि कोविड-19 के अंतर्गत जनपद में प्रवासियों को स्वरोजगार से जोड़ने की मुहिम के तहत मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 384 आवेदनों, पीएमईजीपी योजना के अंतर्गत 100 आवेदनों एवं एमएसएमई योजना के अंतर्गत 76 आवेदनों को बैंको को प्रेषित किया गया है।

बैठक में सीएमओ डॉ० सुमन आर्य, डीएसटीओ निर्मल कुमार, डेयरी विकास अधिकारी प्रेम लाल, पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा, विधायक प्रतिनिधि टिहरी बेबी असवाल, विधायक प्रतिनिधि प्रतापनगर रमेश रतूड़ी के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

 

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